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आसिफ हत्याकांड के खुलासे की मांग
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:30 AM IST
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आसिफ हत्याकांड के खुलासे की मांग
गंगोह (सहारनपुर)। मोहल्ला गुलाम औलिया निवासी रिक्शा चालक आसिफ हत्याकांड को 26 दिन बीतने के बावजूद पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी। इसे लेकर परिजनों में रोष है। सर्वदलीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिजनों के साथ कोतवाली प्रभारी को ज्ञापन देकर हत्याकांड का खुलासा करने की मांग की है।
बता दें कि 27 जून को आसिफ पुत्र शफीक का शव प्रभा गार्डन के बराबर वाली सड़क से बरामद किया गया था। धारदार हथियार से गोदकर उसकी हत्या की गई थी। परिजनों और मोहल्लेवासियों ने मामले का खुलासा करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने तीन दिन में हत्याकांड का पर्दाफाश करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया था। लेकिन 26 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली है। इससे परिजनों के साथ ही अन्य नागरिकों में रोष है। सोमवार को सर्वदलीय संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिजनों के साथ कोतवाली निरीक्षक जितेंद्र कुमार से मिला।
उन्होंने ज्ञापन देकर आसिफ के हत्यारों को चिह्नित करने और जेल भेजने की मांग की। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि हत्याकांड का शीघ्र पर्दाफाश नहीं किया गया तो वे सड़कों पर आने के लिए मजबूर होंगे। प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष नरेंद्र तायल, शशिकांत शर्मा, डा. राकेश गर्ग, श्रवण शर्मा, नीरज अग्रवाल, नौशाद चौधरी, राजेश काका, हिदायत अंसारी, डा. अमित गर्ग, विपिन सिंघल के अलावा आसिफ के परिवार के शफीक अहमद, छोटा, इल्यास, युनुस, मुर्तजा, आबाद, शालू आदि रहे।
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गंगोह (सहारनपुर)। मोहल्ला गुलाम औलिया निवासी रिक्शा चालक आसिफ हत्याकांड को 26 दिन बीतने के बावजूद पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी। इसे लेकर परिजनों में रोष है। सर्वदलीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिजनों के साथ कोतवाली प्रभारी को ज्ञापन देकर हत्याकांड का खुलासा करने की मांग की है।
बता दें कि 27 जून को आसिफ पुत्र शफीक का शव प्रभा गार्डन के बराबर वाली सड़क से बरामद किया गया था। धारदार हथियार से गोदकर उसकी हत्या की गई थी। परिजनों और मोहल्लेवासियों ने मामले का खुलासा करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने तीन दिन में हत्याकांड का पर्दाफाश करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया था। लेकिन 26 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली है। इससे परिजनों के साथ ही अन्य नागरिकों में रोष है। सोमवार को सर्वदलीय संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिजनों के साथ कोतवाली निरीक्षक जितेंद्र कुमार से मिला।
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उन्होंने ज्ञापन देकर आसिफ के हत्यारों को चिह्नित करने और जेल भेजने की मांग की। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि हत्याकांड का शीघ्र पर्दाफाश नहीं किया गया तो वे सड़कों पर आने के लिए मजबूर होंगे। प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष नरेंद्र तायल, शशिकांत शर्मा, डा. राकेश गर्ग, श्रवण शर्मा, नीरज अग्रवाल, नौशाद चौधरी, राजेश काका, हिदायत अंसारी, डा. अमित गर्ग, विपिन सिंघल के अलावा आसिफ के परिवार के शफीक अहमद, छोटा, इल्यास, युनुस, मुर्तजा, आबाद, शालू आदि रहे।
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