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पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर दलित संगठनों पर बनाया दबाव
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:44 AM IST
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पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर दलित संगठनों पर बनाया दबाव
सहारनपुर। एससी, एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में हंगामा, तोड़फोड़ एवं रास्ता जाम करने के मामले में पुलिस ने 900 अज्ञात लोगों पर एफआईआर करके दलित संगठनों पर दबाव बना दिया है। पुलिस ने जाम की अगुवाई कर रहे अनेक नेताओं के नाम से वाकिफ होने के बावजूद किसी को नामजद नहीं किया। इसे पुलिस की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के एससी, एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में दलित संगठनों ने दो अप्रैल को सड़कों पर उतरकर जमकर हंगामा किया था। घंटाघर और बेहट रोड पर जाम लगाया। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी की गई। इस मामले में पुलिस ने 900 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने एक भी व्यक्ति को नामजद नहीं किया। जबकि हंगामे की अगुवाई कर रहे कई नेताओं के चेहरों से पुलिस अच्छी तरह से वाकिफ रही। फिर भी पुलिस ने एक भी नाम एफआईआर में नहीं खोला। माना जा रहा है कि पुलिस ने दलित संगठनों पर दबाव बनाने के लिए अज्ञात में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस फिलहाल किसी को न तो नामजद कर रही है और न ही किसी की गिरफ्तारी के ही प्रयास कर रही है। यह भी माना जा रहा है कि पुलिस नामजद इसलिए भी नहीं कर रही है कि नामजद करने के बाद गिरफ्तारी का दबाव होगा और गिरफ्तारी किए जाने पर कहीं मामला बिगड़ न जाए। एक बार फिर से कहीं लोगों में रोष न उत्पन्न हो जाए।
--। अभी पहचान कराई जा रही है
हंगामा और रास्ता जाम करने वालों पर एफआईआर कराई जा चुकी है। अभी वीडियो फुटेज से पहचान कराई जा रही है। पहचान कराने के बाद नामजद किया जाएगा।
-। बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर
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सहारनपुर। एससी, एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में हंगामा, तोड़फोड़ एवं रास्ता जाम करने के मामले में पुलिस ने 900 अज्ञात लोगों पर एफआईआर करके दलित संगठनों पर दबाव बना दिया है। पुलिस ने जाम की अगुवाई कर रहे अनेक नेताओं के नाम से वाकिफ होने के बावजूद किसी को नामजद नहीं किया। इसे पुलिस की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के एससी, एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में दलित संगठनों ने दो अप्रैल को सड़कों पर उतरकर जमकर हंगामा किया था। घंटाघर और बेहट रोड पर जाम लगाया। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी की गई। इस मामले में पुलिस ने 900 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने एक भी व्यक्ति को नामजद नहीं किया। जबकि हंगामे की अगुवाई कर रहे कई नेताओं के चेहरों से पुलिस अच्छी तरह से वाकिफ रही। फिर भी पुलिस ने एक भी नाम एफआईआर में नहीं खोला। माना जा रहा है कि पुलिस ने दलित संगठनों पर दबाव बनाने के लिए अज्ञात में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस फिलहाल किसी को न तो नामजद कर रही है और न ही किसी की गिरफ्तारी के ही प्रयास कर रही है। यह भी माना जा रहा है कि पुलिस नामजद इसलिए भी नहीं कर रही है कि नामजद करने के बाद गिरफ्तारी का दबाव होगा और गिरफ्तारी किए जाने पर कहीं मामला बिगड़ न जाए। एक बार फिर से कहीं लोगों में रोष न उत्पन्न हो जाए।
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--। अभी पहचान कराई जा रही है
हंगामा और रास्ता जाम करने वालों पर एफआईआर कराई जा चुकी है। अभी वीडियो फुटेज से पहचान कराई जा रही है। पहचान कराने के बाद नामजद किया जाएगा।
-। बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर