{"_id":"5b352e0f4f1c1bf26e8ba889","slug":"151530211855-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हीरा कारोबारी का शव देखते ही बिलख पड़े परिजन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हीरा कारोबारी का शव देखते ही बिलख पड़े परिजन
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। यमुनानगर में कत्ल कर दिए गए सहारनपुर के हीरा कारोबारी का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार तीसरे पहर पैतृक आवास पहुंचा तो कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहर के कारोबारियों ने मृतक के आवास पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। मृतक दो वर्ष पूर्व यमुनानगर शिफ्ट हो गया था और वहीं अपना कारोबार कर रहा था।
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला चंद्रनगर निवासी 54 वर्षीय संजीव खन्ना डायमंड कारोबारी थे। परिजनों के मुताबिक संजीव खन्ना दो वर्ष पूर्व परिवार सहित यमुनानगर की हुड्डा कॉलोनी में शिफ्ट हो गया था। यमुनानगर में उनका खन्ना ज्वैलर्स और न्यू यमुना ज्वैलर्स के नाम से प्रतिष्ठान है। बुधवार रात यमुनानगर के एक सराफ ने संजीव खन्ना की हत्या कर दी। उनका शव नारायगढ़-पंचकुला मार्ग पर गांव मलिकपुर में पड़ा मिला। डायमंड कारोबारी की हत्या का पता चलते ही शहर के सराफा कारोबारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह से ही चंद्रनगर स्थित उनके पैतृक आवास पर कारोबारी एकत्र हो गए। रिश्तेदार और परिवार के सदस्यों को रो-रोककर बुरा हाल हो गया। दोपहर सवा तीन बजे संजीव का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम संजीव का अंतिम संस्कार किया गया है। बताया जा रहा है कि डायमंड कारोबारी की हत्या के पीछे लेन-देन को वजह बताया जा रहा है।
हाईकोर्ट में वकील है छोटा बेटा
सहारनपुर। हीरा कारोबारी संजीव खन्ना तीन भाई थे। संजीव इनमें सबसे छोटा था। संजीव के सबसे बड़े भाई यतेंद्र कुमार का पहले ही निधन हो चुका है। चंद्रनगर में संजीव से बड़े भाई राजकुमार खन्ना रहते हैं, जिनकी सराफा बाजार में दुकान है। संजीव के दो पुत्र और एक पुत्री है। सबसे बड़े बेटे का नाम सव्य खन्ना है, जो अपने पिता के साथ यमुनानगर में कारोबार देखता था। उससे छोटा बेटा अभिनंदन वर्धन खन्ना चंडीगढ़ हाईकोर्ट में वकील और बेटी अर्पणा खन्ना एमबीए कर रही है। उनकी पत्नी का नाम रीना खन्ना है।
विज्ञापन
दिलदार इंसान थे संजीव
सहारनपुर। संजीव खन्ना की मौत की खबर आने के बाद किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि उनकी हत्या कर दी गई। इसका पता चलते ही शहर के कारोबारियों सहित उनके यहां काम कर चुके कर्मचारी भी उनके आवास पर पहुंच गए। सुनील कुमार का कहना है कि संजीव बेहद दिलदार इंसान थे। हर मुसीबत वह उनकी मदद करते थे। हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला चंद्रनगर निवासी 54 वर्षीय संजीव खन्ना डायमंड कारोबारी थे। परिजनों के मुताबिक संजीव खन्ना दो वर्ष पूर्व परिवार सहित यमुनानगर की हुड्डा कॉलोनी में शिफ्ट हो गया था। यमुनानगर में उनका खन्ना ज्वैलर्स और न्यू यमुना ज्वैलर्स के नाम से प्रतिष्ठान है। बुधवार रात यमुनानगर के एक सराफ ने संजीव खन्ना की हत्या कर दी। उनका शव नारायगढ़-पंचकुला मार्ग पर गांव मलिकपुर में पड़ा मिला। डायमंड कारोबारी की हत्या का पता चलते ही शहर के सराफा कारोबारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह से ही चंद्रनगर स्थित उनके पैतृक आवास पर कारोबारी एकत्र हो गए। रिश्तेदार और परिवार के सदस्यों को रो-रोककर बुरा हाल हो गया। दोपहर सवा तीन बजे संजीव का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम संजीव का अंतिम संस्कार किया गया है। बताया जा रहा है कि डायमंड कारोबारी की हत्या के पीछे लेन-देन को वजह बताया जा रहा है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में वकील है छोटा बेटा
सहारनपुर। हीरा कारोबारी संजीव खन्ना तीन भाई थे। संजीव इनमें सबसे छोटा था। संजीव के सबसे बड़े भाई यतेंद्र कुमार का पहले ही निधन हो चुका है। चंद्रनगर में संजीव से बड़े भाई राजकुमार खन्ना रहते हैं, जिनकी सराफा बाजार में दुकान है। संजीव के दो पुत्र और एक पुत्री है। सबसे बड़े बेटे का नाम सव्य खन्ना है, जो अपने पिता के साथ यमुनानगर में कारोबार देखता था। उससे छोटा बेटा अभिनंदन वर्धन खन्ना चंडीगढ़ हाईकोर्ट में वकील और बेटी अर्पणा खन्ना एमबीए कर रही है। उनकी पत्नी का नाम रीना खन्ना है।
विज्ञापन
दिलदार इंसान थे संजीव
सहारनपुर। संजीव खन्ना की मौत की खबर आने के बाद किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि उनकी हत्या कर दी गई। इसका पता चलते ही शहर के कारोबारियों सहित उनके यहां काम कर चुके कर्मचारी भी उनके आवास पर पहुंच गए। सुनील कुमार का कहना है कि संजीव बेहद दिलदार इंसान थे। हर मुसीबत वह उनकी मदद करते थे। हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।