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सीबीआई के हाथों लगी अवैध खनन के पुख्ता सबूत
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:51 PM IST
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सहारनपुर। अवैध खनन की जांच में 11 दिनों से जुटी सीबीआई की टीम के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। अब माना जा रहा है कि यहां की जांच के बाद सहारनपुर में तैैनात अधिकारियों से सीबीआई पूछताछ करेगी। वर्ष 2012 से अब तक के अवैध खनन पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा में ही सीबीआई टीम को बड़ी गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद मौके की जांच सहित अन्य पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। यह माना जा रहा है कि सीबीआई अपनी रिपोर्ट में अवैध खनन के पूरे सिस्टम का खुलासा करेगी। सीबीआई टीम संभवत: शुक्रवार को लौटेगी।
11 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सीबीआई की टीम ने अवैध खनन से जुड़े अहम सुराग एकत्र किए हैं। जांच के दौरान सीबीआई की टीम पुराने रिकार्ड खंगाले और उसमें से कई बड़ी गड़बड़ियां तक पकड़ी हैं। इससे पहले सीबीआई ने जिला प्रशासन से पिछले पांच साल में अवैध खनन और इस पर की गई कार्रवाई की पूरी डिटेल भी ली है। इसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि अवैध खनन की शिकायतों पर निचले स्तर पर रिपोर्ट के बाद भी अफसरों ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। बाकायदा फाइलों में अवैध खनन का पूरा जिक्र है, इतना ही नहीं अवैध खनन करने वालों को बाकायदा चिह्नित भी किया गया। फाइलों की समीक्षा में पुराने अफसरों के खेल भी सामने आ रहे हैं। मिलीभगत के चलते करीब 437 मामले फाइलों में दबा दिए गए। आपको बता दें कि इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की टीम भी अवैध खनन की जांच कर चुकी है। इसमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत को सही पाया गया था। बावजूद इसके अफसरों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में 2012 से लेकर 2017 तक के जिलाधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। इसके अलावा सहारनपुर से निलंबित हुए खनन अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।
स्टोन क्रशर संचालक भी निशाने पर
सीबीआई के निशाने पर बड़े पैमाने पर स्टोन क्रशर संचालक भी हैं। कारण, फरवरी 2016 से एनजीटी के आदेश पर खनन पूरी तरह से बंद होने के बावजूद स्टोन क्रशर चलते रहे थे। इसके भी पुख्ता प्रमाण मिले हैं और इन संचालकों की सूची भी तैयार की गई है। इसके अलावा सीबीआई ने पट्टाधारकों और स्टोन क्रशर संचालकों से पूछताछ में कई बिंदुओं को चिह्नित किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अवैध खनन की जांच में स्टोन क्रशर संचालक पूूूरी तरह से सीबीआई के निशाने पर हैं।
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अफसरों की भूमिका पर हैं सवाल
अवैध खनन की सीबीआई जांच में पिछले पंाच साल से तैनात अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसमें कुछ प्रशासनिक अधिकारी ऐसे भी हैं जो सहारनपुर के अलावा दूसरे जिलों में हो रही सीबीआई जांच में भी निशाने पर हैं। सीबीआई ने ऐसे अफसरों को भी चिह्नित किया है और उनसे पूछताछ की तैयारी में है।
पहले पकड़ी गई थी दो हजार करोड़ की चोरी
अवैध खनन की शिकायतों पर 16 फरवरी 2016 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर सहारनपुर में खनन पूरी तरह से रोक है। हालांकि रोक के बाद भी आए दिन अवैध खनन पर हो रही कार्रवाई से साफ है कि छोटे पैमाने पर यह काम चल रहा है। इससे पहले हुई शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अवैध खनन की जांच कराई थी। इसमें करीब दो हजार करोड़ रुपये के अवैध खनन का खुलासा हुआ था।
आज हुई विभागीय अफसरों से पूछताछ
सीबीआई ने बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित कुछ अन्य विभागों के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र की है। विभागीय अधिकारियों से पूछताछ के जरिए सीबीआई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी जांचने में रही।
- 11 दिन की जांच के दौरान कई अहम सुराग लगे हैं सीबीआई के हाथ
- न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है अवैध खनन की जांच
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11 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सीबीआई की टीम ने अवैध खनन से जुड़े अहम सुराग एकत्र किए हैं। जांच के दौरान सीबीआई की टीम पुराने रिकार्ड खंगाले और उसमें से कई बड़ी गड़बड़ियां तक पकड़ी हैं। इससे पहले सीबीआई ने जिला प्रशासन से पिछले पांच साल में अवैध खनन और इस पर की गई कार्रवाई की पूरी डिटेल भी ली है। इसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि अवैध खनन की शिकायतों पर निचले स्तर पर रिपोर्ट के बाद भी अफसरों ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। बाकायदा फाइलों में अवैध खनन का पूरा जिक्र है, इतना ही नहीं अवैध खनन करने वालों को बाकायदा चिह्नित भी किया गया। फाइलों की समीक्षा में पुराने अफसरों के खेल भी सामने आ रहे हैं। मिलीभगत के चलते करीब 437 मामले फाइलों में दबा दिए गए। आपको बता दें कि इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की टीम भी अवैध खनन की जांच कर चुकी है। इसमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत को सही पाया गया था। बावजूद इसके अफसरों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में 2012 से लेकर 2017 तक के जिलाधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। इसके अलावा सहारनपुर से निलंबित हुए खनन अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।
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स्टोन क्रशर संचालक भी निशाने पर
सीबीआई के निशाने पर बड़े पैमाने पर स्टोन क्रशर संचालक भी हैं। कारण, फरवरी 2016 से एनजीटी के आदेश पर खनन पूरी तरह से बंद होने के बावजूद स्टोन क्रशर चलते रहे थे। इसके भी पुख्ता प्रमाण मिले हैं और इन संचालकों की सूची भी तैयार की गई है। इसके अलावा सीबीआई ने पट्टाधारकों और स्टोन क्रशर संचालकों से पूछताछ में कई बिंदुओं को चिह्नित किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अवैध खनन की जांच में स्टोन क्रशर संचालक पूूूरी तरह से सीबीआई के निशाने पर हैं।
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अफसरों की भूमिका पर हैं सवाल
अवैध खनन की सीबीआई जांच में पिछले पंाच साल से तैनात अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसमें कुछ प्रशासनिक अधिकारी ऐसे भी हैं जो सहारनपुर के अलावा दूसरे जिलों में हो रही सीबीआई जांच में भी निशाने पर हैं। सीबीआई ने ऐसे अफसरों को भी चिह्नित किया है और उनसे पूछताछ की तैयारी में है।
पहले पकड़ी गई थी दो हजार करोड़ की चोरी
अवैध खनन की शिकायतों पर 16 फरवरी 2016 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर सहारनपुर में खनन पूरी तरह से रोक है। हालांकि रोक के बाद भी आए दिन अवैध खनन पर हो रही कार्रवाई से साफ है कि छोटे पैमाने पर यह काम चल रहा है। इससे पहले हुई शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अवैध खनन की जांच कराई थी। इसमें करीब दो हजार करोड़ रुपये के अवैध खनन का खुलासा हुआ था।
आज हुई विभागीय अफसरों से पूछताछ
सीबीआई ने बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित कुछ अन्य विभागों के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र की है। विभागीय अधिकारियों से पूछताछ के जरिए सीबीआई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी जांचने में रही।
- 11 दिन की जांच के दौरान कई अहम सुराग लगे हैं सीबीआई के हाथ
- न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है अवैध खनन की जांच