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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई आनर किलिंग की रिपोर्ट
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:45 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। गांव लखनौती में आनर किलिंग के एक मामले में साढे़ छह माह बाद कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मां-बाप के खिलाफ नाबालिग बेटी की जिंदा जलाकर मारने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव लखनौती के मजरा शकरपुर शाकरोर निवासी शाने अब्बास उर्फ शानू ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि लखनौती निवासी उसकी मौसी फुलबानो और मौसा मो. नकी ने 12 फरवरी की शाम अपनी 14 वर्षीय पुत्री मनीष की हत्या कर दी थी। रिपोर्ट के अनुसार पहले आरोपियों ने बिजली के तार से उसका गला घोंटा। अधमरी होने पर उसे एक टब में लिटा दिया। इसके बाद मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी और मनीष को जिंदा जलाकर मार डाला। बताया कि मनीष, मो. नकी की पहली पत्नी शबाना की पुत्री थी। आरोप है कि शबाना को भी आरोपियों ने पहले ही ठिकाने लगा दिया था। बताया कि मनीष की चीखें सुनकर मौके पर लोग इकट्ठा हुए और पुलिस भी आ गई थी। लेकिन आरोपियों ने उन्हें मनीष द्वारा आत्महत्या करने की जानकारी दी। पुलिस ने ना तो पंचनामा भरा और ना ही पीएम कराना जरूरी समझा। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव के अवशेषों को पड़ोस के मकान के पीछे गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। रिपोर्टकर्ता के अनुसार मृतका ने अपनी हत्या से दो दिन पहले अपनी बुआ को पत्र लिखकर हत्या किए जाने की आशंका जाहिर की थी। बताया कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर है। छह माह तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने के बावजूद कार्रवाई नही की गई तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट फुलबानो और मो. नकी के खिलाफ दर्ज कर ली गई है।
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गांव लखनौती के मजरा शकरपुर शाकरोर निवासी शाने अब्बास उर्फ शानू ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि लखनौती निवासी उसकी मौसी फुलबानो और मौसा मो. नकी ने 12 फरवरी की शाम अपनी 14 वर्षीय पुत्री मनीष की हत्या कर दी थी। रिपोर्ट के अनुसार पहले आरोपियों ने बिजली के तार से उसका गला घोंटा। अधमरी होने पर उसे एक टब में लिटा दिया। इसके बाद मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी और मनीष को जिंदा जलाकर मार डाला। बताया कि मनीष, मो. नकी की पहली पत्नी शबाना की पुत्री थी। आरोप है कि शबाना को भी आरोपियों ने पहले ही ठिकाने लगा दिया था। बताया कि मनीष की चीखें सुनकर मौके पर लोग इकट्ठा हुए और पुलिस भी आ गई थी। लेकिन आरोपियों ने उन्हें मनीष द्वारा आत्महत्या करने की जानकारी दी। पुलिस ने ना तो पंचनामा भरा और ना ही पीएम कराना जरूरी समझा। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव के अवशेषों को पड़ोस के मकान के पीछे गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। रिपोर्टकर्ता के अनुसार मृतका ने अपनी हत्या से दो दिन पहले अपनी बुआ को पत्र लिखकर हत्या किए जाने की आशंका जाहिर की थी। बताया कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर है। छह माह तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने के बावजूद कार्रवाई नही की गई तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट फुलबानो और मो. नकी के खिलाफ दर्ज कर ली गई है।
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