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पुलिस मुकीम काला गैंग के खत्म होने का दावा करती रही, गैंग होता रहा तैयार
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:20 AM IST
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सहारनपुर। सीओ के गनर की हत्या एवं तनिष्क शोरूम डकैती के बाद अचानक बड़ी सुर्खियों में आए मुकीम काला गैंग को पुलिस खत्म मानकर चल रही थी। लेकिन मुकीम काला गैंग द्वारा सोमवार को अंजाम दी गई घटना ने पुलिस के इस मिथक को भी तोड़ दिया है। पुलिस अब फिर से मुकीम काला गैंग के लोगों की तलाश में जुट गई है।
सहारनपुर और शामली इलाके में सक्रिय रहा मुकीम काला गैंग सहारनपुर के गंगोह, तीतरो एवं खादर क्षेत्र के इलाके मेें हत्या, लूट, रंगदारी एवं फिरौती वसूलने की घटनाओं को लगातार अंजाम देता रहा। तीतरों में दो सगे भाइयों की हत्या की। कई बार पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल का कैश लूटने का भी आरोप लगा। लेकिन हरियाणा के घोड़ो पीपली में पेट्रोल पंप लूटकर भागते समय सहारनपुर के सर्किट हाउस रोड पर घिर जाने के बाद सीओ के गनर बागपत के ढिकौली निवासी राहुल ढाका की गोली मारकर हत्या के बाद सुर्खियों में आ गया। उसके बाद तनिष्क डकैती को अंजाम देकर वह जिले के टॉप बदमाशों में शामिल हो गया। उसके गैंग में वाजिद काला, साबिर, मुंशाद, महताब, जावेद, मोटा, इसरार समेत कई नाम थे। जिसमें इसरार हाल में ही पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। जबकि साबिर, मोटा समेत चार लोगों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। जबकि फरीद के भाई खालिद की हत्या के बाद मुकीम काला, महताब, सादर, सुफियान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तभी से गैंग उसकी हत्या करने का प्रयास कर रहा था। मनव्वर उसमें गवाही दे रहा था।
पुलिस ने मुकीम काला और उसके साथियों की गिरफ्तारी होने एवं वाजिद काला को छोड़कर अन्य साथियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद इस गैंग को समाप्त मान लिया था। सिर्फ 50 हजार रुपये का ईनामी वाजिद काला ही फरार चल रहा था। पुलिस इस गैंग को पूरी तरह से खत्म मानकर चल रही थी। लेकिन सोमवार की शाम को मुकीम काला गैंग ने न सिर्फ वारदात को अंजाम दिया, बल्कि मुकीम काला गैंग की नई गैंग लीडर लेडी डॉन रानो सामने आई। जिसे देख पुलिस भी हैरत में रह गई। गैंग में नए लोग शामिल हो गए थे। अब फिर से मुकीम काला गैंग के लोगों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि पुलिस ने वाजिद काला की पत्नी और गैंग को चला रही रानो को पकड़ लिया है। लेकिन वाजिद काला अभी भी पुलिस के शिकंजे से बाहर है।
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-- मुकीम गैंग में शामिल रहा था फरीद
पुलिस के अनुसार जेल से कुछ दिन पूर्व जमानत पर रिहा होकर आया फरीद भी मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था। मुकीम काला के पकड़े जाने के बाद फरीद जसमीन उर्फ रानो के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता रहा। लेकिन एक लूट के मामले में उनकी अनबन हो गई। जिसके चलते उनमें रंजिश ठन गई। फरीद उनसे अलग होकर घटनाएं करने लगा। इसी बात को लेकर मुकीम काला गैंग ने फरीद के भाई खालिद की 21 अप्रैल 2014 को हत्या कर दी। उसी दौरान लूट के मामले में फरीद जेल चला गया। जैसे ही वह छूटकर आया मुकीम के गुर्गों ने घर पर ही आकर गालियां बरसा दीं।
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-- सुक्को ने दी थी फरीद के घर आने की जानकारी
पुलिस के अनुसार रानो की बहन सुक्को ग्राम तुरमतखेड़ी में ही रहती है। रानो अक्सर उससे मिलने के लिए तुरमतखेड़ी आती है। पुलिस के अनुसार फरीद के जेल से आने की सूचना सुक्को ने ही रानो को पहुंचाई। जिसके बाद रानो अपने गैंग को लेकर गांव में पहुंच गई और हमला कर दिया। हालांकि गैंग की ओर से पुलिस पूछताछ में बताया गया है कि रानो अपनी बहन सुक्को से मिलने के लिए तुरमत खेड़ी गई थी। जिसका पता फरीद को चल गया और उसने वहां पहुंचकर झगड़ा शुरू कर दिया। जिसके बाद रानो के साथ आए लोगों ने फायरिंग कर दी।
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- फरीद के घर के पास से मिले कारतूस के पांच खोखे
पुलिस के अनुसार बदमाशों ने फरीद के घर में घुसकर फायरिंग की। लोगों ने उसका जवाब भी दिया। लेकिन फरीद के घर के पास से सिर्फ पांच ही खाली कारतूस बरामद हुए हैं। जबकि खेतों में हुई फायरिंग के कारतूसों के बारे में पुलिस अधिकारी अभी कोई खुलासा नहीं कर रहे हैं।
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सहारनपुर और शामली इलाके में सक्रिय रहा मुकीम काला गैंग सहारनपुर के गंगोह, तीतरो एवं खादर क्षेत्र के इलाके मेें हत्या, लूट, रंगदारी एवं फिरौती वसूलने की घटनाओं को लगातार अंजाम देता रहा। तीतरों में दो सगे भाइयों की हत्या की। कई बार पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल का कैश लूटने का भी आरोप लगा। लेकिन हरियाणा के घोड़ो पीपली में पेट्रोल पंप लूटकर भागते समय सहारनपुर के सर्किट हाउस रोड पर घिर जाने के बाद सीओ के गनर बागपत के ढिकौली निवासी राहुल ढाका की गोली मारकर हत्या के बाद सुर्खियों में आ गया। उसके बाद तनिष्क डकैती को अंजाम देकर वह जिले के टॉप बदमाशों में शामिल हो गया। उसके गैंग में वाजिद काला, साबिर, मुंशाद, महताब, जावेद, मोटा, इसरार समेत कई नाम थे। जिसमें इसरार हाल में ही पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। जबकि साबिर, मोटा समेत चार लोगों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। जबकि फरीद के भाई खालिद की हत्या के बाद मुकीम काला, महताब, सादर, सुफियान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तभी से गैंग उसकी हत्या करने का प्रयास कर रहा था। मनव्वर उसमें गवाही दे रहा था।
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पुलिस ने मुकीम काला और उसके साथियों की गिरफ्तारी होने एवं वाजिद काला को छोड़कर अन्य साथियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद इस गैंग को समाप्त मान लिया था। सिर्फ 50 हजार रुपये का ईनामी वाजिद काला ही फरार चल रहा था। पुलिस इस गैंग को पूरी तरह से खत्म मानकर चल रही थी। लेकिन सोमवार की शाम को मुकीम काला गैंग ने न सिर्फ वारदात को अंजाम दिया, बल्कि मुकीम काला गैंग की नई गैंग लीडर लेडी डॉन रानो सामने आई। जिसे देख पुलिस भी हैरत में रह गई। गैंग में नए लोग शामिल हो गए थे। अब फिर से मुकीम काला गैंग के लोगों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि पुलिस ने वाजिद काला की पत्नी और गैंग को चला रही रानो को पकड़ लिया है। लेकिन वाजिद काला अभी भी पुलिस के शिकंजे से बाहर है।
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-- मुकीम गैंग में शामिल रहा था फरीद
पुलिस के अनुसार जेल से कुछ दिन पूर्व जमानत पर रिहा होकर आया फरीद भी मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था। मुकीम काला के पकड़े जाने के बाद फरीद जसमीन उर्फ रानो के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता रहा। लेकिन एक लूट के मामले में उनकी अनबन हो गई। जिसके चलते उनमें रंजिश ठन गई। फरीद उनसे अलग होकर घटनाएं करने लगा। इसी बात को लेकर मुकीम काला गैंग ने फरीद के भाई खालिद की 21 अप्रैल 2014 को हत्या कर दी। उसी दौरान लूट के मामले में फरीद जेल चला गया। जैसे ही वह छूटकर आया मुकीम के गुर्गों ने घर पर ही आकर गालियां बरसा दीं।
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-- सुक्को ने दी थी फरीद के घर आने की जानकारी
पुलिस के अनुसार रानो की बहन सुक्को ग्राम तुरमतखेड़ी में ही रहती है। रानो अक्सर उससे मिलने के लिए तुरमतखेड़ी आती है। पुलिस के अनुसार फरीद के जेल से आने की सूचना सुक्को ने ही रानो को पहुंचाई। जिसके बाद रानो अपने गैंग को लेकर गांव में पहुंच गई और हमला कर दिया। हालांकि गैंग की ओर से पुलिस पूछताछ में बताया गया है कि रानो अपनी बहन सुक्को से मिलने के लिए तुरमत खेड़ी गई थी। जिसका पता फरीद को चल गया और उसने वहां पहुंचकर झगड़ा शुरू कर दिया। जिसके बाद रानो के साथ आए लोगों ने फायरिंग कर दी।
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- फरीद के घर के पास से मिले कारतूस के पांच खोखे
पुलिस के अनुसार बदमाशों ने फरीद के घर में घुसकर फायरिंग की। लोगों ने उसका जवाब भी दिया। लेकिन फरीद के घर के पास से सिर्फ पांच ही खाली कारतूस बरामद हुए हैं। जबकि खेतों में हुई फायरिंग के कारतूसों के बारे में पुलिस अधिकारी अभी कोई खुलासा नहीं कर रहे हैं।
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