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एससीएसटी में फंसाने की धमकी
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:56 AM IST
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चेयरमैन प्रतिनिधि दे रहे एससीएसटी में फंसाने की धमकी
रामपुर मनिहारान। नगर पंचायत के सभासदों ने डीएम से मिलकर चेयरमैन पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कार्य करने का आरोप लगाया। उनका यह भी आरोप है कि चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा उन्हें एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
बता दें कि नगर पंचायत द्वारा अभी हाल ही में रामपुरी ड्रेन की खुदाई कराई गई थी। यह ड्रेन पूर्वी यमुना नहर की संपत्ति और नगर पंचायत क्षेत्र से बाहर है। इसकी खुदाई के लिए लगभग 75 लाख रुपए का खर्च होना दर्शाया गया है। इसे लेकर सचिन कुमार निवासी उमरी कलां ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के आनलाइन पोर्टल पर की थी। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता को इसी जांच सौंपी गई थी। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता ने छह अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। इसमें भी उन्होंने इस 3.3 किलोमीटर ड्रेन की खुदाई में भारी अनियमितताएं मिलने और लागत अधिक दिखाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने का तत्थ पाए थे। इस रिपोर्ट के बाद प्रभारी अधिकारी शिकायत ने इस प्रकरण की जांच एसडीएम और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को ही सौंप दी। नगर पंचायत बोर्ड के सभासदों ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि जांच कराई जा रही है। लेकिन उसे ही जांच सौंप दी गई है, जो गलत है। इस प्रकरण की जांच अन्य अधिकारी से कराई जाएं।
बोर्ड सभासदों ने चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की कार्य प्रणाली की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की मांग की है। इस पर डीएम ने उनकी मांग को मानने का आश्वासन दिया। बता दें कि इस प्रकरण को लेकर चेयरमैन व बोर्ड के सभासदों के बीच विवाद को लेकर दोनों पक्षों को शांति भंग की धारा में भी निरुद्ध किया जा चुका है।
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रामपुर मनिहारान। नगर पंचायत के सभासदों ने डीएम से मिलकर चेयरमैन पर भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कार्य करने का आरोप लगाया। उनका यह भी आरोप है कि चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा उन्हें एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
बता दें कि नगर पंचायत द्वारा अभी हाल ही में रामपुरी ड्रेन की खुदाई कराई गई थी। यह ड्रेन पूर्वी यमुना नहर की संपत्ति और नगर पंचायत क्षेत्र से बाहर है। इसकी खुदाई के लिए लगभग 75 लाख रुपए का खर्च होना दर्शाया गया है। इसे लेकर सचिन कुमार निवासी उमरी कलां ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के आनलाइन पोर्टल पर की थी। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता को इसी जांच सौंपी गई थी। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता ने छह अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। इसमें भी उन्होंने इस 3.3 किलोमीटर ड्रेन की खुदाई में भारी अनियमितताएं मिलने और लागत अधिक दिखाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने का तत्थ पाए थे। इस रिपोर्ट के बाद प्रभारी अधिकारी शिकायत ने इस प्रकरण की जांच एसडीएम और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को ही सौंप दी। नगर पंचायत बोर्ड के सभासदों ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि जांच कराई जा रही है। लेकिन उसे ही जांच सौंप दी गई है, जो गलत है। इस प्रकरण की जांच अन्य अधिकारी से कराई जाएं।
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बोर्ड सभासदों ने चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की कार्य प्रणाली की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की मांग की है। इस पर डीएम ने उनकी मांग को मानने का आश्वासन दिया। बता दें कि इस प्रकरण को लेकर चेयरमैन व बोर्ड के सभासदों के बीच विवाद को लेकर दोनों पक्षों को शांति भंग की धारा में भी निरुद्ध किया जा चुका है।
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