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Saharanpur News: मलेशिया, दुबई, चीन और अफगानिस्तान भेजा जा रहा साइबर ठगी का रुपया

Sun, 07 Dec 2025 01:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 01:08 AM IST
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crime news
शामली। साइबर ठगी का नेटवर्क अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुका है। पुलिस और साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि शामली से ठगे गए रुपये हरियाणा के गुरुग्राम व जयपुर ही नहीं, बल्कि मलेशिया, दुबई, चीन, अफगानिस्तान, हांगकांग और वियतनाम तक भेजे जा रहे हैं। रुपये को क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी में बदलकर आगे ट्रांसफर किया जा रहा है।
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साइबर ठग भोले-भाले लोगों को 200–300 रुपये रोज के मुनाफे का झांसा देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं।
मामलों की बानगी
केस-1
झिंझाना निवासी बिजनेसमैन मनीष को ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 10 लाख रुपये ठग लिए गए। पहले बुकियनय ऐप पर आईडी बनवाकर तीन लाख रुपये निवेश कराए। मनीष ने 5999 यूएसडीटी खरीदे, लेकिन बाद में पूरे पैसे साफ कर दिए गए।
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केस-2
शामली के बिजनेसमैन अंकित कुमार ने इंटरनेट पर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखकर 20 लाख रुपये निवेश कर दिए।
उनकी फर्जी आईडी बनाकर यूएसडीटी में निवेश प्रशिक्षण के नाम पर रकम ठगी गई। उन्होंने 600 यूएसडी खरीदे। उनसे डेढ़ लाख दिखाकर रुपये हड़प लिए। पैसा 20 से अधिक राज्यों और देशों में भेजा गया, जिसमें दुबई और वियतनाम की लोकेशन प्रमुख बताई गई है।
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क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल मुद्रा है, जिसके नोट या सिक्के नहीं होते। यह सिर्फ कंप्यूटर नेटवर्क में मौजूद रहती है और इसे ऑनलाइन खरीद-फरोख्त, ट्रांसफर और निवेश के लिए उपयोग किया जाता है।

जानिए… क्या है यूएसडीटी

यूएसडीटी को टीथर भी कहा जाता है।
यह एक स्टेबलकॉइन है, जिसकी कीमत हमेशा अमेरिकी डॉलर के बराबर रहती है।
साइबर अपराधी एप के माध्यम से यूएसडीटी को खरीदते और बेचते हैं।
मुनाफे का दावा, ठगी की शुरुआत
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह और साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर के अनुसार लोगों में जागरूकता की कमी होने के कारण वे साइबर ठगों का शिकार हो रहे हैं।

पहले छोटी रकम का मुनाफा दिखाया जाता है। इसके बाद पैसे फंसने का डर दिखाकर और पैसा मांगा जाता है।
ठग फर्जी एप डाउनलोड करवाकर उसमें खाता खोलते हैं, जहां बड़े-बड़े आंकड़ों की फर्जी कमाई दिखाते हैं।
असली ट्रेडिंग अधिकृत और सत्यापित एप पर डीमैट खाता खोलकर होती है, जहां पैसा वॉलेट से सीधे बैंक में निकाला जा सकता है।
हर साल दो करोड़ से अधिक की साइबर ठगी
साइबर सेल प्रभारी संजेव भटनागर के अनुसार जिले में हर महीने 4–5 साइबर ठगी के मामले सामने आते हैं।
जनवरी से अब तक 2.5 करोड़ रुपये की ठगी रिपोर्ट हुई। इनमें से 55 प्रतिशत यानी करीब 1.35 करोड़ रुपये पीड़ितों के खाते में या बैंकों में होल्ड करा दिए गए हैं। बाकी मामलों में प्रक्रिया जारी है।

साइबर ठग विदेशों में बैठे सरगनाओं तक रुपये भेज रहे हैं। गिरोह के संबंध में अहम सुराग मिले हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।
-नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी शामली
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