सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कांग्रेस, सपा और भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा के राज में दलितों और मुसलमानों का उत्पीड़न हुआ। सपा और भाजपा के शासन में अपराध बढ़े हैं। महापुरुषों का अपमान हुआ है। इसलिए दोनों को सबक सिखाना जरूरी है। सूबे में बसपा ही अच्छा शासन दे सकती है, साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार भी 2007 की तरह बसपा सरकार बनाएगी।
सहारनपुर के टपरी में शनिवार को जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस के शासन में दलितों और आदिवासियों का उत्थान नहीं हुआ। कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है। बाबा भीमराव आंबेडकर को भी भारत रत्न नहीं दिया था। उन्होंने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश ने मुसलमानों का सत्ता के लिए इस्तेमाल किया है। सत्ता में आने के बाद मुसलमानों के लिए कोई काम नहीं किया। इस चुनाव में सपा ने मुस्लिमों को टिकट नहीं दिए। इमरान मसूद का नाम लिए बिना कहा कि सहारनपुर के भी एक बड़े मुस्लिम नेता सपा में गए लेकिन, उन्हें भी लखनऊ से खाली हाथ लौटना पड़ा। आज वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। सपा मुखिया को समझना चाहिए कि मुसलमान उनकी जेब में नहीं हैं। अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी बढ़ी है। उच्च वर्ग भी परेशान है। खास कर प्रबुद्ध वर्ग उपेक्षित महसूस कर रहा है। मायावती ने कहा कि बसपा के सत्ता में आने पर पूर्व में बंद हुई कल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू किया जाएगा। जिन महापुरुषों के नाम से शहर और अन्य स्थान सपा व भाजपा सरकार ने बदल दिए थे उन्हें फिर से उन्हीं नाम से जाना जाएगा। उन्होंने चुनावी जनसभा के जरिए सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली की सभी 16 विधानसभाओं के वोटरों को साधने का प्रयास किया।