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मिलकर औद्योगिक वातावरण बनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 28 Sep 2015 12:26 AM IST
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डिप्टी लेबर कमिश्नर मधुर सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के युग में उद्यमी और कामगारों को मिलकर उद्योगों को बचना और आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि यदि कामगारों को उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो उद्यमियों को अच्छे कारीगरों की तंगी से रूबरू होना पडे़गा।
शनिवार रात हुई सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में डीएलसी ने कहा कि श्रमिकों को भी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उद्योगों की हालत को समझना पडे़गा। संस्था के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़ ने कहा कि जटिल कानूनों का पालन कर पाना छोटी यूनिटों के लिए संभव नहीं है।
ऐसे में सरकारी विभागों का रवैया सकारात्मक होना चाहिए न कि उत्पीड़नात्मक। यदि सरकारी विभाग सहयोगात्मक सोच के साथ कार्य करें तो औद्योगिक वातावरण सुधर सकता है। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे कामगारों के साथ बातचीत कर जीरो डिफेक्ट उत्पादन की ओर बढे़।
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चेयरमैन संजय मल्होत्रा ने कहा कि सरकारी विभागों की नकारात्मक सोच और तानाशाही रवैये के चलते जिले से 30 फार्मास्युटिकल यूनिटों में से अब मात्र 3-4 ही रह गई हैं। विभाग क्लीयरेंस देने में दो दो साल चक्कर लगवा कर उद्यमी की कमरतोड़ देता है।
मुख्तयार सिंह, महेंद्रपाल बत्रा, परमप्रीत बत्रा, विक्रम चावला, राजीव अग्रवाल, रमन मक्कड़, संजय जैन, विनोद गुंबर, मनोज शर्मा, सुनील अनेजा, अरुण सगना, रजत अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, शरद भार्गव, अशोक गुलाटी, अशोक छाबड़ा आदि रहे। संचालन दलजीत कोचर ने किया।
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शनिवार रात हुई सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में डीएलसी ने कहा कि श्रमिकों को भी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उद्योगों की हालत को समझना पडे़गा। संस्था के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़ ने कहा कि जटिल कानूनों का पालन कर पाना छोटी यूनिटों के लिए संभव नहीं है।
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ऐसे में सरकारी विभागों का रवैया सकारात्मक होना चाहिए न कि उत्पीड़नात्मक। यदि सरकारी विभाग सहयोगात्मक सोच के साथ कार्य करें तो औद्योगिक वातावरण सुधर सकता है। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे कामगारों के साथ बातचीत कर जीरो डिफेक्ट उत्पादन की ओर बढे़।
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चेयरमैन संजय मल्होत्रा ने कहा कि सरकारी विभागों की नकारात्मक सोच और तानाशाही रवैये के चलते जिले से 30 फार्मास्युटिकल यूनिटों में से अब मात्र 3-4 ही रह गई हैं। विभाग क्लीयरेंस देने में दो दो साल चक्कर लगवा कर उद्यमी की कमरतोड़ देता है।
मुख्तयार सिंह, महेंद्रपाल बत्रा, परमप्रीत बत्रा, विक्रम चावला, राजीव अग्रवाल, रमन मक्कड़, संजय जैन, विनोद गुंबर, मनोज शर्मा, सुनील अनेजा, अरुण सगना, रजत अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, शरद भार्गव, अशोक गुलाटी, अशोक छाबड़ा आदि रहे। संचालन दलजीत कोचर ने किया।