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कोविड अस्पताल का निरीक्षण को अचानक पहुंचे कमिश्नर-डीएम
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कोविड अस्पताल के सामने अतिक्रमण पर नाराज हुए कमिश्नर
छुटमलपुर। मंडलायुक्त संजय कुमार और डीएम अखिलेश सिंह ने फतेहपुर के कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने अस्पताल की रंगाई पुताई, रोगी वार्ड में एसी कूलर और सीसीटीवी कैमरे लगवाने के साथ ही अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराने के निर्देश सीएमओ को दिए। कोविड अस्पताल के सामने अतिक्रमण देखकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई।
बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मंडलायुक्त संजय कुमार और डीएम अखिलेश सिंह कोविड-19 अस्पताल फतेहपुर पहुंचे और निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने इंचार्ज डा नवदीप गुप्ता से अस्पताल में संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही यहां की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद सीएमओ डा बीएस सोढ़ी को कोविड अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे, रोगी वार्ड के अंदर एसी और कूलर, अस्पताल की रंगाई पुताई, रोगियों के मनोरंजन की व्यवस्था, अस्पताल के गेट पर कोविड-19 का साइन बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। अस्पताल गेट से बाहर निकलते वक्त मंडलायुक्त की नजर चारदीवारी से सटा कर रखे गए खोखों पर पड़ी तो उन्होंने नाराजगी जताई। तत्काल मौके पर मौजूद एसएसआई मनोज कुमार को तत्काल इन्हें हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल के सामने सड़क पर किसी भी तरह का वाहन पार्क होता न दिखाई दे, इसकी जिम्मेदारी थाना पुलिस की होगी। इस दौरान मंडलायुक्त ने अस्पताल से ठीक होकर छुट्टी पाने वाले चार रोगियों को पुष्प गुच्छ देकर विदा भी किया। उन्होंने रोगियों से यहां मिले भोजन, उपचार और स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने उपचार कर रही टीम के सदस्यों से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। करीब एक घंटा रुकने के बाद दोनो अधिकारी लौट गए।
गौरतलब है कि 30 मार्च को शुरू किए गए 30 बैड वाले कोविड-19 फतेहपुर अस्पताल में अब तक 62 रोगी भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 47 ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। यहां पहला रोगी तीन अप्रैल को आया था।
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जेसीबी से हटवाए खोखे
फोटो-9
छुटमलपुर। मंडलायुक्त के जाते ही थाना पुलिस जेसीबी लेकर कोविड-19 अस्पताल पहुंची। इसके बाद एसएसआई मनोज कुमार ने संबंधित खोखों स्वामियों को फोन करके आधा घंटा की मोहलत अस्थाई दुकानों का हटाने के लिए दी। दुकानदार ट्रैक्टर ट्रालियों और बुग्गियों में अपना सामान भर कर देर शाम तक वहां से ढोते रहे। जो लोग नहीं आए पुलिस ने जेसीबी लगाकर उनके खोखों को गिरा दिया। पिछले दस सालों से जमा अतिक्रमण चंद घंटों में ही साफ हो गया।
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छुटमलपुर। मंडलायुक्त संजय कुमार और डीएम अखिलेश सिंह ने फतेहपुर के कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने अस्पताल की रंगाई पुताई, रोगी वार्ड में एसी कूलर और सीसीटीवी कैमरे लगवाने के साथ ही अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराने के निर्देश सीएमओ को दिए। कोविड अस्पताल के सामने अतिक्रमण देखकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई।
बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मंडलायुक्त संजय कुमार और डीएम अखिलेश सिंह कोविड-19 अस्पताल फतेहपुर पहुंचे और निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने इंचार्ज डा नवदीप गुप्ता से अस्पताल में संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही यहां की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद सीएमओ डा बीएस सोढ़ी को कोविड अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे, रोगी वार्ड के अंदर एसी और कूलर, अस्पताल की रंगाई पुताई, रोगियों के मनोरंजन की व्यवस्था, अस्पताल के गेट पर कोविड-19 का साइन बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। अस्पताल गेट से बाहर निकलते वक्त मंडलायुक्त की नजर चारदीवारी से सटा कर रखे गए खोखों पर पड़ी तो उन्होंने नाराजगी जताई। तत्काल मौके पर मौजूद एसएसआई मनोज कुमार को तत्काल इन्हें हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल के सामने सड़क पर किसी भी तरह का वाहन पार्क होता न दिखाई दे, इसकी जिम्मेदारी थाना पुलिस की होगी। इस दौरान मंडलायुक्त ने अस्पताल से ठीक होकर छुट्टी पाने वाले चार रोगियों को पुष्प गुच्छ देकर विदा भी किया। उन्होंने रोगियों से यहां मिले भोजन, उपचार और स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने उपचार कर रही टीम के सदस्यों से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। करीब एक घंटा रुकने के बाद दोनो अधिकारी लौट गए।
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गौरतलब है कि 30 मार्च को शुरू किए गए 30 बैड वाले कोविड-19 फतेहपुर अस्पताल में अब तक 62 रोगी भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 47 ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। यहां पहला रोगी तीन अप्रैल को आया था।
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जेसीबी से हटवाए खोखे
फोटो-9
छुटमलपुर। मंडलायुक्त के जाते ही थाना पुलिस जेसीबी लेकर कोविड-19 अस्पताल पहुंची। इसके बाद एसएसआई मनोज कुमार ने संबंधित खोखों स्वामियों को फोन करके आधा घंटा की मोहलत अस्थाई दुकानों का हटाने के लिए दी। दुकानदार ट्रैक्टर ट्रालियों और बुग्गियों में अपना सामान भर कर देर शाम तक वहां से ढोते रहे। जो लोग नहीं आए पुलिस ने जेसीबी लगाकर उनके खोखों को गिरा दिया। पिछले दस सालों से जमा अतिक्रमण चंद घंटों में ही साफ हो गया।