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देश की संस्कृति से है लगाव पर कोरोना की बंदिशों से ठिठके पांव

Fri, 08 Jan 2021 10:20 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 10:20 PM IST
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Country's culture is tied to Corona's restrictions on attachment
- कनाडा में रह रहीं अनुश्री शर्मा अरोडा अपने पति आशु अरोडा और बच्चों के साथ। - फोटो : SAHARANPUR
देश की संस्कृति से है लगाव पर कोरोना की बंदिशों से ठिठके पांव
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सहारनपुर। कोई अमेरिका, कोई कनाडा तो किसी ने साउथ अफ्रीका में खुद को स्थापित कर रखा है। ऐसे प्रवासी भारतीयों को अपने देश की माटी से बेहद लगाव है। इसका बानगी त्योहारों अथवा अन्य अवसरों पर देखने को मिलती है। लेकिन कोरोना की हलचल ने सब कुछ बदल दिया। हालात ऐसे बन गए कि कई प्रवासी त्योहारों पर अपनी माटी की खुशबू से वंचित रह गए। कई एनआरआई हैं ऐसे हैं जिन्होंने देश की माटी से प्रेम को सिर्फ जाहिर ही नहीं किया बल्कि शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में इसे आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक रूप से काम भी किए। ऐसे प्रवासी भारतीय दिवस पर पेश है रिपोर्ट...
- बिटिया आई नहीं, पर हम भी कनाडा नहीं जा सके
सहारनपुर। शहर के आवास विकास कालोनी में रहने वाले अनिल शर्मा की बड़ी बेटी अनुश्री शर्मा अरोड़ा दस साल से टोरेंटो (कनाडा) में रहती हैं। वह टेसला कंपनी में सीनियर इंजीनियर हैं। जबकि छोटी बेटी सान्या शर्मा छह साल से अमेरिका में हैं। अनिल शर्मा ने बताया कि गत जुलाई माह में उन्हें बेटी के पास कनाडा जाना था। लेकिन कोरोना काल की वजह से नहीं जा सके। अब कोरोना के नए स्ट्रेन की वजह से भी मन में डर बना हुआ है। फोन कॉलिंग अथवा वीडियो कॉलिंग के जरिये संपर्क हो पाता है।
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- विनोद गुप्ता ने शिक्षण संस्थान खोल स्थापित किया आयाम
सहारनपुर। पांच दशक पूर्व अमेरिका गए मूलरूप से रामपुर मनिहारान निवासी विनोद गुप्ता ने कई शैक्षिक संस्थाओं की स्थापना कराकर उन्होंने बेटियों की शिक्षा को नए आयाम दिए हैं। अमेरिका में बसे होने के बावजूद वह लगातार सहारनपुर से संपर्क बनाए हुए हैं। उनके पिता डा. गिरीलाल गुप्ता का रामपुर मनिहारान में क्लीनिक था। विनोद गुप्ता ने गोचर कृषि इंटर कालेज से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद खड़कपुर आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वर्ष 1967 में अमेरिका चले गए। वहां निजी कंपनी में नौकरी की फिर अपना कारोबार किया। 19 जुलाई 1999 को अपनी मां श्रीमती रामरति गुप्ता महिला पालीटेक्निक की स्थापना कराई थी। विनोद गुप्ता चैरिटेबिल फाउंडेशन के माध्यम से विनोद गुप्ता रामरति एजुकेशन कांप्लेक्स के तहत बिल क्लिंटन स्कूल, हिलेरी क्लिंटन नर्सिंग स्कूल, कई शिक्षण संस्थाओं का संचालन करा रहे है। 2001 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भी विनोद गुप्ता रामपुर मनिहारान में बिल क्लिंटन स्कूल का भ्रमण करा चुके हैं।
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- सहारनपुर में अक्षरधाम जैसा मंदिर बनवा रहे गुप्ता बंधु
सहारनपुर। एनआरआई अजय गुप्ता और उनके भाई साउथ अफ्रीका में बस गए हैं। उनका वहां कारोबार है। लेकिन सहारनपुर की मिट्टी से उनका लगाव कम नहीं हुआ। कोरोना काल में तो वह सहारनपुर नहीं आए लेकिन पूर्व में हर साल यहां आते रहे। साउथ अफ्रीका की पूरी क्रिकेट टीम को भी सहारनपुर ला चुके हैं। उनके पिता शिवकुमार गुप्ता की याद में शिवधाम (मंदिर) का निर्माण करा रहे हैं, जिसे मिनी अक्षरधाम की तरह बनवाया जा रहा है।
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