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निगम की कमाई घटी, 50 फीसदी जमा हो रहा टैक्स
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सहारनपुर। कोरोना का असर नगर निगम की कमाई पर भी पड़ा है। बीते दो माह से गृह और जल कर से होने वाली कमाई में 50 से 55 फीसदी की कमी आई है।
सामान्य दिनों में नगर निगम में प्रतिदिन छह से सात लाख रुपया गृह और जलकर के रूप में लोग जमा कराते थे। मगर कोरोना ने अब यह कमाई लगभग आधी कर दी है। हालांकि लॉकडाउन के दौरान नगर निगम ने बकायादारों को एकमुश्त टैक्स जमा कराने पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी थी। लोगों ने बड़ी संख्या में ऑनलाइन टैक्स जमा कराया। नतीजा लॉकडाउन में कमाई कम होने की बजाय बढ़ गई। एक-एक दिन में आठ से नौ लाख तक रुपया जमा किया गया। मगर मई के बाद इसमें गिरावट आई है। जून, जुलाई और अगस्त में यह कमाई घटकर ढाई से तीन लाख रुपये रह गई है, जो करीब 40 से 50 फीसदी है। चूंकि तमाम कारोबार पर मंदी है। ऐसे में नगर निगम टैक्स वसूली में सख्ती करने से बच रहा है।
पार्किंग के ठेके भी बंद हुए
शहर में विभिन्न जगहों पर छोड़े जाने वाले पार्किंग के ठेके भी इस समय बंद हैं। नगर निगम ने ठेके छोड़े थे। ठेकेदारों ने सिक्योरिटी जमा कराई थी, मगर लॉकडाउन लगने तथा कोरोना के चलते ट्रेन और बसें बंद होने के साथ ही बाजार बंद रहने से पार्किंग के ठेकेदारों की कमाई बंद हो गई। ऐसे में ठेकेदारों ने हाथ खड़े कर लिए। ठेकेदारों ने नगर निगम से कहा है कि वह ठेके नहीं चला पाएंगे। ना ही ठेके की रकम चुका पाएंगे। निगम सूत्रों ने बताया कि प्रति वर्ष करीब सवा से डेढ़ करोड़ रुपये के पार्किंग ठेके छोड़े जाते थे, जो इस वर्ष बंद हो गए हैं।
कोरोना की वजह से नगर निगम के पार्किंग के ठेके बंद हो गए हैं। ठेकेदारों ने पार्किंग चलाने से इनकार कर दिया है। गृह और जलकर की बात करें तो मार्च, अप्रैल और मई में लॉकडाउन के बावजूद लोगों ने ऑनलाइन टैक्स जमा कराया। मगर जून, जुलाई और अगस्त में टैक्स से होने वाली कमाई लगभग आधी हो गई है।
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- रवीश चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी।
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सामान्य दिनों में नगर निगम में प्रतिदिन छह से सात लाख रुपया गृह और जलकर के रूप में लोग जमा कराते थे। मगर कोरोना ने अब यह कमाई लगभग आधी कर दी है। हालांकि लॉकडाउन के दौरान नगर निगम ने बकायादारों को एकमुश्त टैक्स जमा कराने पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी थी। लोगों ने बड़ी संख्या में ऑनलाइन टैक्स जमा कराया। नतीजा लॉकडाउन में कमाई कम होने की बजाय बढ़ गई। एक-एक दिन में आठ से नौ लाख तक रुपया जमा किया गया। मगर मई के बाद इसमें गिरावट आई है। जून, जुलाई और अगस्त में यह कमाई घटकर ढाई से तीन लाख रुपये रह गई है, जो करीब 40 से 50 फीसदी है। चूंकि तमाम कारोबार पर मंदी है। ऐसे में नगर निगम टैक्स वसूली में सख्ती करने से बच रहा है।
पार्किंग के ठेके भी बंद हुए
शहर में विभिन्न जगहों पर छोड़े जाने वाले पार्किंग के ठेके भी इस समय बंद हैं। नगर निगम ने ठेके छोड़े थे। ठेकेदारों ने सिक्योरिटी जमा कराई थी, मगर लॉकडाउन लगने तथा कोरोना के चलते ट्रेन और बसें बंद होने के साथ ही बाजार बंद रहने से पार्किंग के ठेकेदारों की कमाई बंद हो गई। ऐसे में ठेकेदारों ने हाथ खड़े कर लिए। ठेकेदारों ने नगर निगम से कहा है कि वह ठेके नहीं चला पाएंगे। ना ही ठेके की रकम चुका पाएंगे। निगम सूत्रों ने बताया कि प्रति वर्ष करीब सवा से डेढ़ करोड़ रुपये के पार्किंग ठेके छोड़े जाते थे, जो इस वर्ष बंद हो गए हैं।
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कोरोना की वजह से नगर निगम के पार्किंग के ठेके बंद हो गए हैं। ठेकेदारों ने पार्किंग चलाने से इनकार कर दिया है। गृह और जलकर की बात करें तो मार्च, अप्रैल और मई में लॉकडाउन के बावजूद लोगों ने ऑनलाइन टैक्स जमा कराया। मगर जून, जुलाई और अगस्त में टैक्स से होने वाली कमाई लगभग आधी हो गई है।
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- रवीश चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी।