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अपनी लापरवाही पर मिट्टी डाल रहा निगम
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ढमोला नदी और उस पर डाला गया कचरा।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। ढमोला नदी पर डंपिंग ग्राउंड बनाने की बड़ी लापरवाही को नगर निगम मिट्टी से दबाने का प्रयास कर रहा है। अमर उजाला की ओर से मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद नगर निगम ने हजारों टन कचरे को वहीं पर मिट्टी से ढकना शुरू कर दिया है। तीन दिन से कचरा भी नहीं डाला जा रहा है, मगर क्षेत्र के लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं। शनिवार को क्षेत्र के लोगों ने प्रदर्शन कर पलायन की चेतावनी दी है। कई लोगों ने अपने मकान बेचने तक की बात कही।
जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है वह गांव सराय के पास है। उसके आसपास कई कॉलोनियां भी हैं, जिनमें कृष्णाधाम, उत्तम विहार, हरदेव नगर, प्रेमवाटिका, शाकंभरी विहार, गुलशन विहार और बाबल बालकनाथ कॉलोनी शामिल हैं। उक्त कॉलोनियों के लोगों ने कचरा डालने की शुरूआत में विरोध किया था, मगर अधिकारियों ने पुलिस का डर बनाकर उन्हें शांत करा दिया था। अब अमर उजाला की ओर से अभियान शुरू करने के बाद उक्त लोगों को बल मिला है। शनिवार को क्षेत्र के अनेक लोगों ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक नगर निगम उक्त कचरे को मौके से नहीं हटाएगा तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो वह अपने मकान बेचकर पलायन करने को मजबूर होंगे। पलायन की चेतावनी देने वालों में शकुंतला, अरविंद राणा, नंदकिशोर, ईश्वर, राम, विजय कुमार, उमेश, मुकेश, राहुल जैन आदि शामिल हैं। उक्त लोगों का आरोप है कि जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है उस पर कुछ लोग कॉलोनी काटने की तैयारी में हैं, जबकि ज्यादातर जमीन सिंचाई विभाग की है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बोर्ड लगे हैं
जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ढमोला नदी का दायरा जिस जगह से वह बह रही है उसके दोनों ओर करीब सौ मीटर तक है। जिसकी परिधि में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के बोर्ड भी लगे हैं। 2013 में भारी बारिश और पीछे से छोड़े गए पानी की वजह से उक्त क्षेत्र में ढमोला नदी उफान पर आई थी। इसके बावजूद नगर निगम ने उक्त क्षेत्र को कचरा डालने के लिए चुना है। कचरा निस्तारण के लिए भूमि चयन करने के लिए जो मानक दिए गए हैं। उनमें यह भी एक है कि डंपिंग ग्राउंड नमी वाला क्षेत्र ना हो या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ना हो।
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लोगों की बात
-- राहुल जैन का कहना है कि क्षेत्रवासी कचरा डाले जाने के पहले दिन से विरोध कर रहे हैं। मगर निगम अधिकारियों ने पुलिस को बुलवाकर उनको शांत करा दिया था। अब अमर उजाला की ओर से मामले को सामने लाने के बाद निगम कचरे पर मिट्टी डालकर मामले को रफ दफा करने में लगा है।
-- कमलेश रानी ने चेतावनी दी है कि जब तक उक्त कचरा वहां से हटाया नहीं जाता है तब तक क्षेत्रवासियों का आंदोलन जारी रहेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो सभी पलायन करेंगे। उन्होंने ढमोला पर बनाए गए छोटे पुल को तोड़ने का आरोप भी लगाया।
--अरविंद राणा ने बताया कि कचरे से उठने वाली दुर्गंध से की वजह से क्षेत्रवासियों का जीना मुश्किल हो रहा है। कचरे पर मिट्टी डालने से समस्या दूर नहीं होगी। बरसात में समस्या फिर उभरेगी। साथ ही नदी में कचरा भरा हुआ है, जिससे नदी भी दूषित बनी हुई है।
-- बाला का कहना है कि क्षेत्र के लोग किसी भी सूरत में कचरे केे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि कचरा वापस नहीं हुआ तो सभी लोग अपने मकानों पर पलायन के बोर्ड चस्पा करेंगे। निगम को चाहिए कि क्षेत्र की जनता को दुर्गंध से निजात दिलाए।
अधिकारी को चेतावनी पत्र जारी
सहारनपुर। ढमोला नदी पर डंपिंग ग्राउंड के मामले में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को बैठक बुलाई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई, साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गीताराम को चेतावनी पत्र जारी किया। नगरायुक्त ने बताया कि उक्त स्थान पर कूड़ा डालना बिल्कुल बंद करा दिया गया है और वहां मिट्टी डालकर उसे समतल बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी उक्त स्थान पर अब कूड़ा नहीं डाला जाएगा।
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जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है वह गांव सराय के पास है। उसके आसपास कई कॉलोनियां भी हैं, जिनमें कृष्णाधाम, उत्तम विहार, हरदेव नगर, प्रेमवाटिका, शाकंभरी विहार, गुलशन विहार और बाबल बालकनाथ कॉलोनी शामिल हैं। उक्त कॉलोनियों के लोगों ने कचरा डालने की शुरूआत में विरोध किया था, मगर अधिकारियों ने पुलिस का डर बनाकर उन्हें शांत करा दिया था। अब अमर उजाला की ओर से अभियान शुरू करने के बाद उक्त लोगों को बल मिला है। शनिवार को क्षेत्र के अनेक लोगों ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक नगर निगम उक्त कचरे को मौके से नहीं हटाएगा तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो वह अपने मकान बेचकर पलायन करने को मजबूर होंगे। पलायन की चेतावनी देने वालों में शकुंतला, अरविंद राणा, नंदकिशोर, ईश्वर, राम, विजय कुमार, उमेश, मुकेश, राहुल जैन आदि शामिल हैं। उक्त लोगों का आरोप है कि जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है उस पर कुछ लोग कॉलोनी काटने की तैयारी में हैं, जबकि ज्यादातर जमीन सिंचाई विभाग की है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बोर्ड लगे हैं
जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ढमोला नदी का दायरा जिस जगह से वह बह रही है उसके दोनों ओर करीब सौ मीटर तक है। जिसकी परिधि में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के बोर्ड भी लगे हैं। 2013 में भारी बारिश और पीछे से छोड़े गए पानी की वजह से उक्त क्षेत्र में ढमोला नदी उफान पर आई थी। इसके बावजूद नगर निगम ने उक्त क्षेत्र को कचरा डालने के लिए चुना है। कचरा निस्तारण के लिए भूमि चयन करने के लिए जो मानक दिए गए हैं। उनमें यह भी एक है कि डंपिंग ग्राउंड नमी वाला क्षेत्र ना हो या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ना हो।
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लोगों की बात
-- राहुल जैन का कहना है कि क्षेत्रवासी कचरा डाले जाने के पहले दिन से विरोध कर रहे हैं। मगर निगम अधिकारियों ने पुलिस को बुलवाकर उनको शांत करा दिया था। अब अमर उजाला की ओर से मामले को सामने लाने के बाद निगम कचरे पर मिट्टी डालकर मामले को रफ दफा करने में लगा है।
-- कमलेश रानी ने चेतावनी दी है कि जब तक उक्त कचरा वहां से हटाया नहीं जाता है तब तक क्षेत्रवासियों का आंदोलन जारी रहेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो सभी पलायन करेंगे। उन्होंने ढमोला पर बनाए गए छोटे पुल को तोड़ने का आरोप भी लगाया।
--अरविंद राणा ने बताया कि कचरे से उठने वाली दुर्गंध से की वजह से क्षेत्रवासियों का जीना मुश्किल हो रहा है। कचरे पर मिट्टी डालने से समस्या दूर नहीं होगी। बरसात में समस्या फिर उभरेगी। साथ ही नदी में कचरा भरा हुआ है, जिससे नदी भी दूषित बनी हुई है।
-- बाला का कहना है कि क्षेत्र के लोग किसी भी सूरत में कचरे केे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि कचरा वापस नहीं हुआ तो सभी लोग अपने मकानों पर पलायन के बोर्ड चस्पा करेंगे। निगम को चाहिए कि क्षेत्र की जनता को दुर्गंध से निजात दिलाए।
अधिकारी को चेतावनी पत्र जारी
सहारनपुर। ढमोला नदी पर डंपिंग ग्राउंड के मामले में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को बैठक बुलाई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई, साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गीताराम को चेतावनी पत्र जारी किया। नगरायुक्त ने बताया कि उक्त स्थान पर कूड़ा डालना बिल्कुल बंद करा दिया गया है और वहां मिट्टी डालकर उसे समतल बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी उक्त स्थान पर अब कूड़ा नहीं डाला जाएगा।

अरविंद राणा।- फोटो : SAHARANPUR

बाला।- फोटो : SAHARANPUR

राहुल जैन।- फोटो : SAHARANPUR

कमलेश रानी।- फोटो : SAHARANPUR

ढमोला नदी पर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते क्षेत्रवासी।- फोटो : SAHARANPUR