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Saharanpur News: निगम ने नहीं बनाई बाहरी कॉलोनियों और 32 गांवों के विकास की कोई योजना
Sun, 15 Jan 2023 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 15 Jan 2023 12:25 AM IST
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सहारनपुर। बाहरी कॉलोनियां और 12 साल पहले निगम में शामिल किए गए 32 गांव बदहाली के शिकार हैं। इन गांवों के विकास के लिए निगम ने कोई योजना नहीं बनाई है। केवल पथप्रकाश व्यवस्था कराने की बात कही जा रही है, जो पहले से ही काफी अच्छी स्थिति में है।
नगर निगम बने 12 साल से अधिक का समय बीत चुका है। नगर निगम का एक बोर्ड पांच साल का कार्यकाल पूरा चुका है। निगम बनने के बाद शहर के आसपास के 32 गांव भी इसमें शामिल किए गए। इसके बाद से विकास के नाम पर यहां ऊंची बत्ती (हाईमास्ट लाइट) और प्रत्येक गली में खंभों पर एलईडी बत्ती लगवाई गई है। लेकिन सड़कों और गलियों की हालत अनेक जगहों पर आज भी खराब ही है। मानकमऊ से सटी विल्सन का बाग कॉलोनी में मुख्य मार्ग और गलियों की सड़कें कच्ची हैं। नाली नहीं होने के कारण यहां बिन बारिश भी जलभराव रहता है। इसकी वजह से सफाई व्यवस्था नहीं हो पाती है। राम विहार कॉलोनी, नंदपुरी सहित कई और कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जलभराव के कारण लोग अपने मकान छोड़कर पलायन कर चुके हैं। सड़कें तक नहीं हैं। टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग की कॉलोनियों में भी बदहाली है।शहर में कूड़ाघर खत्म कर उनकी जगह सेल्फी प्वाइंट बनाए जा रहे हैं, लेकिन बाहरी कॉलोनियों और गांवों में जो कूड़े के ढेर लगे हैं, उनकी गिनती नहीं है। इन गांवों में सफाई भी सप्ताह में एक या दो दिन ही होती है। कूड़ा उठान समय से नहीं होने के कारण कचरा फैला रहता है।
पेयजल की बात करें तो वार्ड आठ के गांवों में पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछे तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नलों के हलक आज भी सूखे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ओवरहैड टैंक दूर बनने के कारण पानी नहीं आ रहा है। इसके लिए अब नलकूप बनाए जा रहे हैं।
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पुराने शहर के 21 वार्डों की भी बदलेगी सूरत
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में केवल पुराने शहर और पॉश क्षेत्र को लिया गया है। 32 गांव और बाहरी कॉलोनियों को स्मार्ट सिटी योजना का हिस्सा नहीं बनाया गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुराने शहर के 21 वार्डों को क्षेत्र आधारित विकास (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) क्षेत्र में रखा गया है। इन वार्डों में सैकड़ों कॉलोनियां आती हैं, जिनको स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इन कॉलोनियों में सीवर लाइन, सड़क, नाली, पेयजल, पथ प्रकाश जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू भी किया जा चुका है।
शहर में हो रहे यह कार्य
-23 किलोमीटर के सड़क का निर्माण।
-सीवर लाइन बिछाने का कार्य।
-पार्कों का सुंदरीकरण और ओपन जिम की सुविधा।
-सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और लैब व अन्य सुविधाएं।
-स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं
-स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाना।
-सुरक्षा और यातायात पर नजर रखने को 860 सीसीटीवी व अन्य कैमरे लगाना।
-यातायात व्यवस्था के संचालन के लिए ट्रैफिक सिग्नल लगाना।
-कूड़ाघरों को खत्म कर उनकी जगह सेल्फी प्वाइंट बनाना।
- स्मार्ट सिटी योजना में बाहरी कॉलोनियों और गांवों में फिलहाल पथ प्रकाश की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। हमारा प्रयास है कि कोई भी गली या सड़क ऐसी ना रहे, जहां रात में अंधेरा हो। उक्त कॉलोनियों और गांवों में अन्य विकास कार्यों के लिए निदेश बोर्ड जो भी निर्णय लेगा उस पर अमल किया जाएगा।
गजल भारद्वाज, सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर/नगर आयुक्त।
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नगर निगम बने 12 साल से अधिक का समय बीत चुका है। नगर निगम का एक बोर्ड पांच साल का कार्यकाल पूरा चुका है। निगम बनने के बाद शहर के आसपास के 32 गांव भी इसमें शामिल किए गए। इसके बाद से विकास के नाम पर यहां ऊंची बत्ती (हाईमास्ट लाइट) और प्रत्येक गली में खंभों पर एलईडी बत्ती लगवाई गई है। लेकिन सड़कों और गलियों की हालत अनेक जगहों पर आज भी खराब ही है। मानकमऊ से सटी विल्सन का बाग कॉलोनी में मुख्य मार्ग और गलियों की सड़कें कच्ची हैं। नाली नहीं होने के कारण यहां बिन बारिश भी जलभराव रहता है। इसकी वजह से सफाई व्यवस्था नहीं हो पाती है। राम विहार कॉलोनी, नंदपुरी सहित कई और कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जलभराव के कारण लोग अपने मकान छोड़कर पलायन कर चुके हैं। सड़कें तक नहीं हैं। टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग की कॉलोनियों में भी बदहाली है।शहर में कूड़ाघर खत्म कर उनकी जगह सेल्फी प्वाइंट बनाए जा रहे हैं, लेकिन बाहरी कॉलोनियों और गांवों में जो कूड़े के ढेर लगे हैं, उनकी गिनती नहीं है। इन गांवों में सफाई भी सप्ताह में एक या दो दिन ही होती है। कूड़ा उठान समय से नहीं होने के कारण कचरा फैला रहता है।
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पेयजल की बात करें तो वार्ड आठ के गांवों में पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछे तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नलों के हलक आज भी सूखे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ओवरहैड टैंक दूर बनने के कारण पानी नहीं आ रहा है। इसके लिए अब नलकूप बनाए जा रहे हैं।
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पुराने शहर के 21 वार्डों की भी बदलेगी सूरत
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में केवल पुराने शहर और पॉश क्षेत्र को लिया गया है। 32 गांव और बाहरी कॉलोनियों को स्मार्ट सिटी योजना का हिस्सा नहीं बनाया गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुराने शहर के 21 वार्डों को क्षेत्र आधारित विकास (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) क्षेत्र में रखा गया है। इन वार्डों में सैकड़ों कॉलोनियां आती हैं, जिनको स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इन कॉलोनियों में सीवर लाइन, सड़क, नाली, पेयजल, पथ प्रकाश जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू भी किया जा चुका है।
शहर में हो रहे यह कार्य
-23 किलोमीटर के सड़क का निर्माण।
-सीवर लाइन बिछाने का कार्य।
-पार्कों का सुंदरीकरण और ओपन जिम की सुविधा।
-सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और लैब व अन्य सुविधाएं।
-स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं
-स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाना।
-सुरक्षा और यातायात पर नजर रखने को 860 सीसीटीवी व अन्य कैमरे लगाना।
-यातायात व्यवस्था के संचालन के लिए ट्रैफिक सिग्नल लगाना।
-कूड़ाघरों को खत्म कर उनकी जगह सेल्फी प्वाइंट बनाना।
- स्मार्ट सिटी योजना में बाहरी कॉलोनियों और गांवों में फिलहाल पथ प्रकाश की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। हमारा प्रयास है कि कोई भी गली या सड़क ऐसी ना रहे, जहां रात में अंधेरा हो। उक्त कॉलोनियों और गांवों में अन्य विकास कार्यों के लिए निदेश बोर्ड जो भी निर्णय लेगा उस पर अमल किया जाएगा।
गजल भारद्वाज, सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर/नगर आयुक्त।