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कोरोना ने किया लाचार, तो हीरो बनकर सामने आए मददगार
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रेलवे रोड़ व्यापारीयो द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कोरोना के कारण तीन माह रहे पूर्ण लॉकडाउन में जब अनेक परिवारों के सामने रोटी का संकट था। उस समय जनपद में कई सामाजिक संगठन और व्यक्तिगत रूप से लोग मददगार के रूप में हीरो बनकर सामने आए। जिन्होंने कोरोना के खौफ के बीच अपनी जिंदगी की परवाह ना करते हुए जरूरतमंदों के घरो तक राशन पहुंचाया।
लॉकडाउन के दौरान जिला जज सर्वेश शर्मा के नेेतृत्व में कचहरी मुख्य द्वार के बाहर फूड बैंक शुरू किया था। तीन माह तक जिला जज खुद मौके पर रहकर भोजन के पैकेटों का वितरण कराते रहे। जनमंच की बगल में संचालित प्रभु जी की रसोई बीते करीब तीन साल से लगातार जरूरतमंदों को भोजन मुहैया करा रही है। लोग यहां अपने बच्चों के जन्मदिन, शादी की सालगिरह और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर भूखों को भोजन कराते हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रभु जी की रसोई ने हजारों लोगों को भोजन मुहैया कराया। नगर निगम की ओर से विभिन्न संगठनों से भोजन के पैकेट लेकर शहर भर में तीन माह तक करीब आठ लाख पैकेट भोजन के वितरित किए गए। चपाती बैंक की टीम शहर भर में भ्रमण कर जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित करती रही। एफबीडी की ओर से गुरुद्वारा रोड पर तीन माह तक लगातार रसोई चलाई गई, जहां से भोजन के पैकेट बनकर शहर में जरूरतमंदों को वितरित किए जाते रहे। व्यापार मंडल की ओर से रेलवे रोड पर भोजन वितरण की व्यवस्था की गई। सहारनपुर क्लब की ओर से पंत विहार में रसोई संचालित की गई, जो नगर निगम को भोजन के पैकेट मुहैया कराते थे। पंजाबी महासंगठन मटिया महल रसोई चलाई थी, जिसमें प्रतिदिन भोजन के पैकेट तैयार होकर जरूरतमंदों तक पहुंचते थे। पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने सैकड़ों परिवारों को 15-15 माह के राशन के पैकेट अपनी ओर से वितरित किए। पार्षद कार्तिक चौहान ने बेहट रोड पर रसोई चलाकर जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया।
मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए
आईएमए की ओर से जरूरतमंदों को हजारों की संख्या में मास्क और सैनिटाइजर की छोटी शीशियां वितरित की। उधर, किशनपुरा के दवा व्यापारियों ने भी कई सौ जरूरतमंदों थ्री लेयर मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए। नगर निगम की ओर से लॉकडाउन के दौरान टेलीमेडिसिन के माध्यम से करीब तीन हजार लोगों को इलाज मुहैया कराया गया।
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-नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी एक वैश्विक आपदा है। लॉकडाउन में सबसे बड़ा काम लोगों को रोटी मुहैया कराने का था, जिसमें नगर निगम ने अनेक सामाजिक संगठनों के सहयोग से भोजन के करीब आठ लाख पैकेट जरूरतमंदों तक पहुंचाए।
-प्रभु जी की रसोई की व्यवस्था देख रहे शीतल टंडन का कहना है कि लॉकडाउन का समय ऐसा समय था, जब कई लोगों के पास रोटी तक नहीं थी। ऐसे में प्रशासन और सामाजिक संगठनों के सहयोग से प्रभुजी की रसोई ने लॉकडाउन में हजारों लोगों को भोजन मुहैया कराया और आज भी करा रही है।
-उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेेठी का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से कई संगठन और लोग जरूरतमंदों की मदद कर रहे थे। ऐसे में उन्होंने सोचा कि वह पीछे क्यों रहें। इसी सोच के साथ जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराने का निर्णय लिया गया।
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लॉकडाउन के दौरान जिला जज सर्वेश शर्मा के नेेतृत्व में कचहरी मुख्य द्वार के बाहर फूड बैंक शुरू किया था। तीन माह तक जिला जज खुद मौके पर रहकर भोजन के पैकेटों का वितरण कराते रहे। जनमंच की बगल में संचालित प्रभु जी की रसोई बीते करीब तीन साल से लगातार जरूरतमंदों को भोजन मुहैया करा रही है। लोग यहां अपने बच्चों के जन्मदिन, शादी की सालगिरह और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर भूखों को भोजन कराते हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रभु जी की रसोई ने हजारों लोगों को भोजन मुहैया कराया। नगर निगम की ओर से विभिन्न संगठनों से भोजन के पैकेट लेकर शहर भर में तीन माह तक करीब आठ लाख पैकेट भोजन के वितरित किए गए। चपाती बैंक की टीम शहर भर में भ्रमण कर जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित करती रही। एफबीडी की ओर से गुरुद्वारा रोड पर तीन माह तक लगातार रसोई चलाई गई, जहां से भोजन के पैकेट बनकर शहर में जरूरतमंदों को वितरित किए जाते रहे। व्यापार मंडल की ओर से रेलवे रोड पर भोजन वितरण की व्यवस्था की गई। सहारनपुर क्लब की ओर से पंत विहार में रसोई संचालित की गई, जो नगर निगम को भोजन के पैकेट मुहैया कराते थे। पंजाबी महासंगठन मटिया महल रसोई चलाई थी, जिसमें प्रतिदिन भोजन के पैकेट तैयार होकर जरूरतमंदों तक पहुंचते थे। पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने सैकड़ों परिवारों को 15-15 माह के राशन के पैकेट अपनी ओर से वितरित किए। पार्षद कार्तिक चौहान ने बेहट रोड पर रसोई चलाकर जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया।
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मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए
आईएमए की ओर से जरूरतमंदों को हजारों की संख्या में मास्क और सैनिटाइजर की छोटी शीशियां वितरित की। उधर, किशनपुरा के दवा व्यापारियों ने भी कई सौ जरूरतमंदों थ्री लेयर मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए। नगर निगम की ओर से लॉकडाउन के दौरान टेलीमेडिसिन के माध्यम से करीब तीन हजार लोगों को इलाज मुहैया कराया गया।
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-नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी एक वैश्विक आपदा है। लॉकडाउन में सबसे बड़ा काम लोगों को रोटी मुहैया कराने का था, जिसमें नगर निगम ने अनेक सामाजिक संगठनों के सहयोग से भोजन के करीब आठ लाख पैकेट जरूरतमंदों तक पहुंचाए।
-प्रभु जी की रसोई की व्यवस्था देख रहे शीतल टंडन का कहना है कि लॉकडाउन का समय ऐसा समय था, जब कई लोगों के पास रोटी तक नहीं थी। ऐसे में प्रशासन और सामाजिक संगठनों के सहयोग से प्रभुजी की रसोई ने लॉकडाउन में हजारों लोगों को भोजन मुहैया कराया और आज भी करा रही है।
-उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेेठी का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से कई संगठन और लोग जरूरतमंदों की मदद कर रहे थे। ऐसे में उन्होंने सोचा कि वह पीछे क्यों रहें। इसी सोच के साथ जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराने का निर्णय लिया गया।

सहारनपुर क्लब द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

बेहट़ रोड़ पार्षद द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

माघव नगर में डाक्टर्स द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

इन्दिरा बस्ती में दवा व मास्क वितरित करते दवा कारोबारी : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

गुरूद्वार रोड ब्लड डोनर परिवार द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

दीवानी कचहरी पर फुडबैंक द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

हरि मन्दिर में आरआरएस द्वारा चलायी गयी रसोई : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

मटिया महल स्थित पंजाबी संगठन द्वारा चलायी गयी रसोई- फोटो : SAHARANPUR