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गुर्जर प्रचारिणी सभा के चुनाव का विवाद गरमाया

Sat, 25 Sep 2021 12:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:02 AM IST
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Controversy heats up for the election of Gurjar Pracharini Sabha
- रामपुर मनिहारान में गुर्जर समाज के लोगों की बैठक में विचार रखते पूर्व विधायक मनोज चौधरी - फोटो : SAHARANPUR
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा के चुनाव का विवाद गरमाता जा रहा है। पहले तो चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए शिकायत हुई, जिस पर सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स ने रोक लगा दी। अब शिकायत करने वाले पक्ष ने चुनाव अधिकारी पर ही गबन का आरोप लगाया है। वहीं चुनाव अधिकारी ने तमाम आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
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शुक्रवार को पूर्व विधायक मनोज चौधरी के आवास पर गुर्जर समाज के लोगों की बैठक हुई। उसमें मनोज चौधरी ने कहा कि सभा के 1300 मतों को निरस्त कर चुनाव में धांधली करने की साजिश है। वहीं, चुनाव अधिकारी पूर्व प्राचार्य डॉ. जयमल सिंह को बनाया है, जबकि वर्तमान पदाधिकारी को चुनाव अधिकारी नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. जयमल सिंह पर पूर्व में करीब 40 लाख रुपये गबन का आरोप लगा था, जिसके बाद सभा में पैसा वापस जमा कराया था, इसके प्रमाण भी हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 और 2016 के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाएं और जब तक कैश बुक, चेकबुक, एजेंडा, कार्यवाही रजिस्टर, सदस्यता रजिस्टर, सदस्यता रसीद बुक आदि सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय में जमा नहीं की जाती, तब तक चुनाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि इसका निर्देश सहायक रजिस्ट्रार द्वारा भी दिया गया है। इस दौरान काफी लोग मौजूद रहे।
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मेरे पास अब कोई पद नहीं, गबन का आरोप झूठा: जयमल सिंह
चुनाव अधिकारी डॉ. जयमल सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा है कि जिन 1300 मतदाताओं के नाम निरस्त किए गए, उनमें सात मृतक हैं और 600 डिफॉल्टर हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वह किसी पद पर नहीं हैं, छह माह पूर्व अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि गबन का आरोप झूठा है, उन्होंने कोई गबन नहीं किया। डॉ. जयमल सिंह ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अपने निर्धारित समय पर होगी, जिसमें 26 सितंबर को नामांकन होंगे और 17 अक्तूबर को मतदान होगा। उन्होंने कहा कि उनके पास सहायक रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटीज एवं चिट्स का कोई आदेश नहीं आया है।
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1943 में पड़ी थी नींव, कई शिक्षण संस्थाओं का संचालन
रामपुर मनिहारान। अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा का इतिहास 78 साल पुराना है। इसकी नींव चौधरी मुल्तान सिंह ने वर्ष 1943 में रखी थी। शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए करीब 300 बीघा जमीन समाज के लोगों ने दान दी थी। इस सभा के द्वारा गुर्जर आईटीआई, सरदार पटेल कन्या इंटर कॉलेज, गोचर महाविद्यालय, गोचर कृषि इंटर कॉलेज आदि शिक्षण संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।
यूपी के अलावा कई राज्यों में हैं सदस्य
इस सभा के मतदान में लगभग 12 हजार लोग मताधिकार का प्रयोग करते हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के रहने वाले भी इस सभा के सदस्य हैं।

अब तक निर्वाचित हुए अध्यक्ष
सबसे पहले अध्यक्ष चौधरी जवान सिंह रहे जो तीन बार निर्वाचित हुए। इसके बाद भिक्खु सिंह, धर्म सिंह, बलजीत सिंह दो बार, जवान सिंह, निरंजन सिंह, धर्म सिंह तीन बार, धीर सिंह, गजराज सिंह, धर्म सिंह, धीरज सिंह, हमेला सिंह तीन बार, शिवचरण, भूपेंद्र सिंह चार बार, महिपाल सिंह दो बार और वर्तमान चौधरी देवराज सिंह अध्यक्ष हैं।

-  अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा के चुनाव अधिकारी डा. जयमल सिंह

- अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा के चुनाव अधिकारी डा. जयमल सिंह- फोटो : SAHARANPUR

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