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उपभोक्ता को बिजली चोरी के मामले में किया बरी
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सहारनपुर। उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी करने के आरोप में विद्युत निगम की ओर दर्ज कराए मामले में न्यायालय ने उपभोक्ता को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया है। कोर्ट ने विद्युत निगम के अवर अभियंता और पुलिस विभाग के उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
मामला 21 सितंबर 2017 का है। कोतवाली नकुड़ क्षेत्र के गांव टाबर में विद्युत निगम के तत्कालीन अवर अभियंता सूर्यभान प्रजापति के नेतृत्व में विद्युत निगम की टीम चेकिंग कर रही थी। तब, अवर अभियंता ने दर्ज कराए मामले में बताया था कि बिजली का बिल जमा न होने पर सुरेंद्र सिंह का कनेक्शन काट दिया गया था, लेकिन इसके बाद चेकिंग के दौरान कनेक्शन चलता मिला था। इस मामले में सुरेंद्र सिंह ने न्यायालय में साक्ष्य देकर बताया कि जिस कनेक्शन का उपयोग वह कर रहे थे, वह उनके पिता पृथ्वी सिंह के नाम था, जिसका समय पर बिल जमा किया गया था। बकाया बिल बताते हुए विद्युत निगम ने जो कनेक्शन काटा था, उसका उपयोग नहीं किया जा रहा था। इसके बावजूद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि मामले साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ( विशेष न्यायाधीश इसी एक्ट) सुभाष चंद्रा ने सुरेंद्र सिंह को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया है। साथ ही पद का सही तरह निर्वहन न करने पर तत्कालीन अवर अभियंता और मामले के विवेचक रहे उपनिरीक्षक राम कुमार तोमर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
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मामला 21 सितंबर 2017 का है। कोतवाली नकुड़ क्षेत्र के गांव टाबर में विद्युत निगम के तत्कालीन अवर अभियंता सूर्यभान प्रजापति के नेतृत्व में विद्युत निगम की टीम चेकिंग कर रही थी। तब, अवर अभियंता ने दर्ज कराए मामले में बताया था कि बिजली का बिल जमा न होने पर सुरेंद्र सिंह का कनेक्शन काट दिया गया था, लेकिन इसके बाद चेकिंग के दौरान कनेक्शन चलता मिला था। इस मामले में सुरेंद्र सिंह ने न्यायालय में साक्ष्य देकर बताया कि जिस कनेक्शन का उपयोग वह कर रहे थे, वह उनके पिता पृथ्वी सिंह के नाम था, जिसका समय पर बिल जमा किया गया था। बकाया बिल बताते हुए विद्युत निगम ने जो कनेक्शन काटा था, उसका उपयोग नहीं किया जा रहा था। इसके बावजूद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि मामले साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ( विशेष न्यायाधीश इसी एक्ट) सुभाष चंद्रा ने सुरेंद्र सिंह को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया है। साथ ही पद का सही तरह निर्वहन न करने पर तत्कालीन अवर अभियंता और मामले के विवेचक रहे उपनिरीक्षक राम कुमार तोमर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
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