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निर्माण श्रमिक ऑनलाइन करा सकते है पंजीयन
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सहारनपुर। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए श्रम विभाग ऑनलाइन पंजीकरण पर जोर दे रहा है। इसके लिए निर्माण श्रमिक जनसेवा केंद्र पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन एवं नवीनीकरण करा सकते हैं। पंजीयन के लिए श्रमिक को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और दो फोटो सहित अन्य दस्तावेज जरूरी हैं।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड निर्माण श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाता है। इसके लिए श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराना होता है।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए श्रम विभाग ने श्रमिकों को जनसेवा केंद्र के माध्यम पंजीयन कराने को कहा है। जनपद में करीब एक लाख श्रमिक इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। इनका प्रतिवर्ष नवीनीकरण भी होता है। इस योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए श्रमिक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह निर्माण संबंधी कार्य करता हो। उप श्रमायुक्त शक्तिसैन मौर्य ने बताया कि श्रमिकों के ऑनलाइन पंजीकरण और नवीनीकरण कराने पर जोर दिया गया है। नए पंजीयन के अलावा जिले में पहले से पंजीकृत करीब एक लाख श्रमिकों का नवीनीकरण भी होना है।
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इन कार्यों को करने वाले हैं निर्माण श्रमिक
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारी कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक का निर्माण कार्य से जुड़ा होना आवश्यक है। इनमें वेल्डिंग, बढ़ई, कुआं खोदाई, रोलर चलाना, छप्पर डालने वाला, राज मिस्त्री, प्लम्बर, सड़क निर्माण, मिक्सचर मशीन चलाने वाला, पुताई, इलेक्ट्रिक वर्क, हथौड़ा चलाने का कार्य, सुरंग निर्माण, टाइल्स कार्य, खनिकर्म, निर्माण स्थल पर चौकीदारी, चूना बनाना, ईंट भट्ठे पर कार्य करने वाला, खिड़की ग्रिल, दरवाजे आदि के कार्य में लगे श्रमिकों को निर्माण श्रमिक माना जाता है।
ये हैं कल्याणकारी योजनाएं
निर्माण श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना, चिकित्सा सुविधा योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना, आवासीय विद्यालय योजना आदि शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड निर्माण श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाता है। इसके लिए श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराना होता है।
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए श्रम विभाग ने श्रमिकों को जनसेवा केंद्र के माध्यम पंजीयन कराने को कहा है। जनपद में करीब एक लाख श्रमिक इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। इनका प्रतिवर्ष नवीनीकरण भी होता है। इस योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए श्रमिक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह निर्माण संबंधी कार्य करता हो। उप श्रमायुक्त शक्तिसैन मौर्य ने बताया कि श्रमिकों के ऑनलाइन पंजीकरण और नवीनीकरण कराने पर जोर दिया गया है। नए पंजीयन के अलावा जिले में पहले से पंजीकृत करीब एक लाख श्रमिकों का नवीनीकरण भी होना है।
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इन कार्यों को करने वाले हैं निर्माण श्रमिक
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारी कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक का निर्माण कार्य से जुड़ा होना आवश्यक है। इनमें वेल्डिंग, बढ़ई, कुआं खोदाई, रोलर चलाना, छप्पर डालने वाला, राज मिस्त्री, प्लम्बर, सड़क निर्माण, मिक्सचर मशीन चलाने वाला, पुताई, इलेक्ट्रिक वर्क, हथौड़ा चलाने का कार्य, सुरंग निर्माण, टाइल्स कार्य, खनिकर्म, निर्माण स्थल पर चौकीदारी, चूना बनाना, ईंट भट्ठे पर कार्य करने वाला, खिड़की ग्रिल, दरवाजे आदि के कार्य में लगे श्रमिकों को निर्माण श्रमिक माना जाता है।
ये हैं कल्याणकारी योजनाएं
निर्माण श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना, चिकित्सा सुविधा योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना, आवासीय विद्यालय योजना आदि शामिल हैं।