Mission 2024: कांग्रेस ने इमरान मसूद को यहां से बनाया प्रत्याशी, पार्टी ने खेला ये बड़ा दांव
Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस ने आखिरकार सहारनपुर सीट को लेकर पत्ते खोल दिए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर इमरान मसूद को मैदान में उतारा है।
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कांग्रेस ने यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से इमरान मसूद को प्रत्याशी बनाया है। पूर्व विधायक इमरान मसूद ने बृहस्पतिवार को नामांकन पत्र खरीदा था। हालांकि, उनके नामांकन पत्र खरीदने के बाद से ही उनका टिकट कंफर्म माना जा रहा था।
बता दें कि कांग्रेस ने सहारनपुर में इमरान मसूद को टिकट देकर मुस्लिमों और दलितों को साधने की कोशिश की है। हालांकि, देखना चुनाव में होगा कि इमरान मसूद को दलितों के वोटों का कितना साथ मिलेगा।
2014 में दूसरे और 2019 में तीसरे स्थान पर रहे मसूद
इमरान मसूद ने पहली बार 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसमें भाजपा के राघव लखनपाल ने 472999 वोट लेकर जीत हासिल की थी। दूसरे स्थान पर इमरान मसूद को 407909 वोट और तीसरे स्थान पर बसपा के जगदीश राणा 235033 वोटों के साथ रहे थे। इमरान मसूद 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर फिर मैदान में आए। इस बार बसपा के हाजी फजर्लुरहमान ने 514139 वोटों के साथ जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर भाजपा के राघव लखनपाल 491722 और तीसरे स्थान पर इमरान मसूद 207068 वोटों के साथ रहे थे।
इमरान मसूद का राजनीतिक सफर
मूलरूप से गंगोह के रहने वाले इमरान मसूद का परिवार राजनीतिक घराना रहा है। साल 2006 में सहारनपुर नगर पालिका का चुनाव जीता और साल 2007 विधानसभा चुनाव में सपा से टिकट मांगा। टिकट नहीं मिलने पर वह मुजफ्फराबाद विधानसभा सीट से निर्दलीय लड़े और जीते। 2012 में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस से उन्हें नकुड़ विधानसभा सीट से टिकट मिला, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2014 में उन्होंने फिर से पाला बदला और सपा में पहुंच गए। सपा ने सहारनपुर लोकसभा से टिकट दिया। इस चुनाव में भी उन्हें हार मिली। 2017 में वह फिर कांग्रेस में आए और पांच साल तक रहे। 2022 में वह फिर सपा में चले गए। निकाय चुनाव से ऐनवक्त पहले उन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बगावती तेवर दिखाते हुए सपा को छोड़कर बसपा में एंट्री मार दी। करीब छह माह पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तारीफ करने पर बसपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया था।