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Saharanpur News: खिलाड़ियों के हुनर को तराश रहे कोच, दे रहे सपनों को ऊंची उड़ान
Sat, 29 Aug 2026 01:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:38 AM IST
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सहारनपुर। सफलता की मंजिल तक पहुंचने के लिए सही गुरु का मार्गदर्शन बेहद जरूरी माना जाता है। कहा भी गया है कि बिना गुरु के न तो सही मार्ग मिलता है और न ही मंजिल। राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उन गुरुओं की चर्चा भी जरूरी है, जो अपने शिष्यों के सपनों को साकार करने के लिए उनके साथ उतनी ही मेहनत और संघर्ष करते हैं। खिलाड़ी यदि सुबह तीन बजे उठकर अभ्यास के लिए पहुंचता है तो कोच उससे पहले जागकर उसकी तैयारी में जुट जाता है। जिले के कई ऐसे प्रशिक्षक हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कई खिलाड़ियों का सपना साकार कर चुके शारिक
जिले में हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षक शारिक हुसैन ने लंबे समय तक संघर्ष किया। आजाद कॉलोनी निवासी शारिक हुसैन ने हॉकी खिलाड़ी महिमा चौधरी, समीक्षा सक्सेना, रितु सिंह और विशाल कुमार समेत कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया। वह बताते हैं कि वर्ष 2013 से 2017 तक उन्होंने हिमाचल प्रदेश की हिम अकादमी में प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उनका चयन यूको बैंक महिला हॉकी अकादमी चंडीगढ़ में हुआ। वर्तमान में वह नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मणिपुर में तैनात हैं। शारिक का कहना है कि हॉकी को और अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि देश के राष्ट्रीय खेल को नई प्रतिभाएं मिल सकें।
आठ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा, अब खिलाड़ियों को दे रहीं प्रशिक्षण
महानगर की शारदा नगर निवासी और उत्तर प्रदेश हॉकी की संयुक्त सचिव मेनका टांक बचपन से ही हॉकी के प्रति आकर्षित रही हैं। उन्होंने आठ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया और चार पदक भी अपने नाम किए। अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्तमान में वह जिले की महिला हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में जुटी हैं।
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बॉक्सिंग के गुर सिखा रहे कोच प्रवीण
स्टेडियम में सहायक प्रशिक्षक के पद पर तैनात प्रवीण कुमार मूलरूप से मेरठ के निवासी हैं। वह पिछले एक वर्ष से स्टेडियम में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने अपने बॉक्सिंग करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की थी। वर्ष 2013-14 में उन्होंने पटियाला से डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग किया। इसके बाद वर्ष 2015 से 2019 तक महानगर के डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। वर्तमान में उनके निर्देशन में करीब 80 खिलाड़ी बॉक्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण कार्यकाल के दौरान जालंधर में हुई राष्ट्रीय सब जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अनिक बाबरा ने करीब 25 वर्ष बाद सब जूनियर वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीता था।
दस वर्षों से फुटबॉल की नर्सरी तैयार कर रहे समीर
सहारनपुर फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव एवं प्रशिक्षक समीर खान पिछले दस वर्षों से जिले में फुटबॉल की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आर्यदीप सैनी ने मार्च में स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जूनियर फुटबॉल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। अपने फुटबॉल करियर के दौरान समीर खान वर्ष 2010 में भारतीय अंडर-19 टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2002 में उनका चयन चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित चंडीगढ़ फुटबॉल एंड हॉकी अकादमी में हुआ था। वर्ष 2004 और 2005 में वह सुब्रतो कप में विजेता और उपविजेता टीम का हिस्सा रहे। वर्ष 2016 में उन्होंने सहारनपुर फुटबॉल एसोसिएशन की जिम्मेदारी संभाली और डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। वर्ष 2026 में उन्हें उत्तर प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन की अंडर-19 चयन समिति का सदस्य भी बनाया गया है।
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कई खिलाड़ियों का सपना साकार कर चुके शारिक
जिले में हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षक शारिक हुसैन ने लंबे समय तक संघर्ष किया। आजाद कॉलोनी निवासी शारिक हुसैन ने हॉकी खिलाड़ी महिमा चौधरी, समीक्षा सक्सेना, रितु सिंह और विशाल कुमार समेत कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया। वह बताते हैं कि वर्ष 2013 से 2017 तक उन्होंने हिमाचल प्रदेश की हिम अकादमी में प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उनका चयन यूको बैंक महिला हॉकी अकादमी चंडीगढ़ में हुआ। वर्तमान में वह नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मणिपुर में तैनात हैं। शारिक का कहना है कि हॉकी को और अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि देश के राष्ट्रीय खेल को नई प्रतिभाएं मिल सकें।
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आठ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा, अब खिलाड़ियों को दे रहीं प्रशिक्षण
महानगर की शारदा नगर निवासी और उत्तर प्रदेश हॉकी की संयुक्त सचिव मेनका टांक बचपन से ही हॉकी के प्रति आकर्षित रही हैं। उन्होंने आठ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया और चार पदक भी अपने नाम किए। अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्तमान में वह जिले की महिला हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में जुटी हैं।
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बॉक्सिंग के गुर सिखा रहे कोच प्रवीण
स्टेडियम में सहायक प्रशिक्षक के पद पर तैनात प्रवीण कुमार मूलरूप से मेरठ के निवासी हैं। वह पिछले एक वर्ष से स्टेडियम में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने अपने बॉक्सिंग करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की थी। वर्ष 2013-14 में उन्होंने पटियाला से डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग किया। इसके बाद वर्ष 2015 से 2019 तक महानगर के डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। वर्तमान में उनके निर्देशन में करीब 80 खिलाड़ी बॉक्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण कार्यकाल के दौरान जालंधर में हुई राष्ट्रीय सब जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अनिक बाबरा ने करीब 25 वर्ष बाद सब जूनियर वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीता था।
दस वर्षों से फुटबॉल की नर्सरी तैयार कर रहे समीर
सहारनपुर फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव एवं प्रशिक्षक समीर खान पिछले दस वर्षों से जिले में फुटबॉल की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आर्यदीप सैनी ने मार्च में स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जूनियर फुटबॉल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। अपने फुटबॉल करियर के दौरान समीर खान वर्ष 2010 में भारतीय अंडर-19 टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2002 में उनका चयन चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित चंडीगढ़ फुटबॉल एंड हॉकी अकादमी में हुआ था। वर्ष 2004 और 2005 में वह सुब्रतो कप में विजेता और उपविजेता टीम का हिस्सा रहे। वर्ष 2016 में उन्होंने सहारनपुर फुटबॉल एसोसिएशन की जिम्मेदारी संभाली और डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। वर्ष 2026 में उन्हें उत्तर प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन की अंडर-19 चयन समिति का सदस्य भी बनाया गया है।