भाजपा नेता का निधन: CM योगी ने जताया शोक, आज पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार, ऐसा रहा पूरा राजनीतिक सफर
Saharanpur News : भाजपा नेता महावीर राणा के निधन पर मुख्यमंत्री योगी ने शोक जताया है। मंगलवार यानी आज पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानिए आखिर उनका पूरा राजनीतिक सफर कैसा रहा।
विस्तार
सहारनपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री और सांसद रहे स्व जगदीश राणा के छोटे भाई बेहट से पूर्व विधायक भाजपा नेता महावीर राणा (60) का सोमवार को देहरादून के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन पर बड़ी संख्या में लोग उनके अहमद बाग सहारनपुर और पैतृक गांव जीवाला स्थित आवास पर सांत्वना देने पहुंचे। पूर्व विधायक महावीर राणा के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक जताया है। मुख्यमंत्री की तरफ से महावीर राणा के बेटे अभय राणा के नाम शोक संदेश भेजा गया है।
बता दें कि दो दिन पहले महावीर राणा को ब्रेन हेमरेज हुआ था। सहारनपुर अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें देहरादून के लिए रेफर कर दिया था। तब से वह देहरादून के मैक्स अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती थे। सोमवार दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। परिजन शाम को उनका पार्थिव शरीर लेकर अहमद बाग स्थित आवास पहुंचे। जहां उनके अंतिम दर्शनों के लिए राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों का तांता लगा रहा।
उनके पारिवारिक सदस्य यज्ञपाल सिंह बोकी ने बताया कि अंतिम संस्कार मंगलवार को 11 बजे पैतृक गांव जीवाला में किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा अहमद बाग स्थित आवास से सुबह आठ बजे चलकर 11 बजे गांव में पहुंचेगी। उनके निधन पर मनकामेश्वर महादेव मंदिर समिति छुटमलपुर के राज सिंह साध, कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय महासचिव मो. मुजतबा मलिक, भाजपा नेत्री मंजू शर्मा ने शोक व्यक्त किया है।
राजनीतिक सफर
महावीर राणा ने युवक कांग्रेस से राजनीतिक सफर शुरू किया था। इसके बाद उनके बड़े भाई जगदीश राणा वर्ष 1993 में जनता दल के टिकट से मुजफ्फराबाद (अब बेहट) सीट से विधायक चुने गए थे। जगदीश राणा तीन बार विधायक, सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और एक बार बसपा के टिकट पर सांसद रहे। महावीर राणा हमेशा बड़े भाई की राजनीति के चाणक्य की भूमिका में रहे। महावीर राणा वर्ष 2005 में वार्ड नंबर पांच से जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर बेहट से विधायक बने। वर्ष 2017 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर विधान सभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में वे कांग्रेस के नरेश सैनी से हार गए थे। वर्ष 2022 में भी वे भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें निराश होना पड़ा था। पिछले काफी समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे।
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इकलौता बेटा भाजपा में सक्रिय, बेटी न्यायिक अधिकारी
महावीर राणा अपने पीछे पत्नी अनिता, बेटे अभय, दो बेटियां शिवानी और निलिशा को छोड़ गए हैं। दोनों बेटियां विवाहित हैं। इनमें शिवानी जिंद में न्यायिक अधिकारी है, जबकि अभय राणा भाजपा में सक्रिय रूप से युवा नेता के तौर पर काम कर रहे हैं।
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