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खाद्यान्न मंडी में बंदी से 50 लाख का कारोबार प्रभावित
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खाद्यान्न मंडी में बंदी से 50 लाख का कारोबार प्रभावित
सहारनपुर। मंडी शुल्क समाप्ति को लेकर विभिन्न व्यापारी संगठनों की ओर आहूत तीन दिवसीय बंदी के पहले दिन करीब 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। अधिकांश खाद्यान्न व्यापारियों ने अपने कारोबार को बंद रखा।
विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने मंडी शुल्क समाप्ति आदि की मांग को लेकर नौ जुलाई से लेकर तीन दिन तक मंडी बंदी की घोषणा की थी। इसके पहले दिन बृहस्पतिवार को सहारनपुर मंडी में भी बंदी का खासा असर देखने को मिला। महानगर में मंडी समिति परिसर के साथ ही मोरगंज में भी खाद्यान्न का थोक कारोबार होता है। इस समय भी गेहूं, चावल, दालें, मेथी, मसाले, सरसों आदि का थोक कारोबार हो रहा है। फूड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार बंसल ने बताया कि बृहस्पतिवार को बंदी के कारण करीब 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। मंडी समिति परिसर में कारोबार करने पर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क है, जबकि परिसर के बाहर कारोबार करने पर मंडी शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे मंडी के व्यापारियों को भारी नुकसान होगा। थोक व्यापारी प्रवीण सिंघल और प्रेम का कहना है कि मंडी शुल्क समाप्त नहीं करने का व्यापारियों के साथ किसानों को भी नुकसान होगा। जब बाहर व्यापार करने पर मंडी शुल्क में छूट है तो मंडी परिसर में भी मंडी शुल्क समाप्त होना चाहिए। उधर, मंडी सचिव अशोक गुप्ता ने बताया कि बंदी के आह्वान कर मंडी परिसर में कारोबार पर असर दिखाई दिया है। हालांकि कुछ आढ़तियों ने दुकानों को खोलकर कारोबार भी किया है।
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सहारनपुर। मंडी शुल्क समाप्ति को लेकर विभिन्न व्यापारी संगठनों की ओर आहूत तीन दिवसीय बंदी के पहले दिन करीब 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। अधिकांश खाद्यान्न व्यापारियों ने अपने कारोबार को बंद रखा।
विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने मंडी शुल्क समाप्ति आदि की मांग को लेकर नौ जुलाई से लेकर तीन दिन तक मंडी बंदी की घोषणा की थी। इसके पहले दिन बृहस्पतिवार को सहारनपुर मंडी में भी बंदी का खासा असर देखने को मिला। महानगर में मंडी समिति परिसर के साथ ही मोरगंज में भी खाद्यान्न का थोक कारोबार होता है। इस समय भी गेहूं, चावल, दालें, मेथी, मसाले, सरसों आदि का थोक कारोबार हो रहा है। फूड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार बंसल ने बताया कि बृहस्पतिवार को बंदी के कारण करीब 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। मंडी समिति परिसर में कारोबार करने पर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क है, जबकि परिसर के बाहर कारोबार करने पर मंडी शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे मंडी के व्यापारियों को भारी नुकसान होगा। थोक व्यापारी प्रवीण सिंघल और प्रेम का कहना है कि मंडी शुल्क समाप्त नहीं करने का व्यापारियों के साथ किसानों को भी नुकसान होगा। जब बाहर व्यापार करने पर मंडी शुल्क में छूट है तो मंडी परिसर में भी मंडी शुल्क समाप्त होना चाहिए। उधर, मंडी सचिव अशोक गुप्ता ने बताया कि बंदी के आह्वान कर मंडी परिसर में कारोबार पर असर दिखाई दिया है। हालांकि कुछ आढ़तियों ने दुकानों को खोलकर कारोबार भी किया है।
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