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गुपचुप सर्वे करके लौट गई स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम
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गुपचुप सर्वे करके लौट गई स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम
पांच सदस्यों की टीम ने शौचालय, एमआरएफ सेंटर और एसटीपी का किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण - 2021 के तहत शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार की टीम तीन दिन पहले निर्धारित स्थलों का सर्वे कर लौट गई। टीम गोपनीय तरीके से आई थी। निगम अधिकारियों को सर्वे की जानकारी एसटीपी और एमआरएफ सेंटरों पर तैनात कर्मचारियों से मिली।
सर्वे के लिए आई टीम में पांच सदस्य थे। उन्होंने शहर में संचालित सभी एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटरों पर जाकर व्यवस्था का जायजा लिया। तैनात कर्मचारियों से बात भी की। इसके अलावा सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों और यूरिनल की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। खासकर गूगल आईडी पर दर्ज शौचालयों को देखा। इसके अलावा शहर के कई होटलों में भी टीम पहुंची।
मल्हीपुर रोड पर संचालित एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) पर भी टीम पहुंची। तमाम स्थलों का सर्वे करने के बाद टीम लौट गई। निगम अधिकारियों ने बताया कि पूर्व के स्वच्छ सर्वेक्षणों में टीम निगम अधिकारियों से आकर मिलती थी। इस बार टीम को गोपनीय तरीके से सर्वे करना था।
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एक टीम बैरंग लौटी
नगर निगम ने इस बार कचरा मुक्त शहर की स्पर्धा के लिए भी आवेदन किया है। शहर के कूड़ाघरों से कचरे का उठान सुबह नौ बजे से पहले हो रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल के लिए करीब एक सप्ताह पहले टीम आई थी, मगर उसकी आईडी नहीं खुलने की वजह से टीम लौट गई।
वर्जन
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत शहरी विकास मंत्रालय की टीम को सर्वे के लिए आना था, जिसका इंतजार करीब 15 दिन से हो रहा है। अब पता चला है कि टीम तीन दिन पहले सर्वे करके जा चुकी है।
- डॉ. कुनाल जैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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पांच सदस्यों की टीम ने शौचालय, एमआरएफ सेंटर और एसटीपी का किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण - 2021 के तहत शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार की टीम तीन दिन पहले निर्धारित स्थलों का सर्वे कर लौट गई। टीम गोपनीय तरीके से आई थी। निगम अधिकारियों को सर्वे की जानकारी एसटीपी और एमआरएफ सेंटरों पर तैनात कर्मचारियों से मिली।
सर्वे के लिए आई टीम में पांच सदस्य थे। उन्होंने शहर में संचालित सभी एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटरों पर जाकर व्यवस्था का जायजा लिया। तैनात कर्मचारियों से बात भी की। इसके अलावा सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों और यूरिनल की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। खासकर गूगल आईडी पर दर्ज शौचालयों को देखा। इसके अलावा शहर के कई होटलों में भी टीम पहुंची।
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मल्हीपुर रोड पर संचालित एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) पर भी टीम पहुंची। तमाम स्थलों का सर्वे करने के बाद टीम लौट गई। निगम अधिकारियों ने बताया कि पूर्व के स्वच्छ सर्वेक्षणों में टीम निगम अधिकारियों से आकर मिलती थी। इस बार टीम को गोपनीय तरीके से सर्वे करना था।
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एक टीम बैरंग लौटी
नगर निगम ने इस बार कचरा मुक्त शहर की स्पर्धा के लिए भी आवेदन किया है। शहर के कूड़ाघरों से कचरे का उठान सुबह नौ बजे से पहले हो रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल के लिए करीब एक सप्ताह पहले टीम आई थी, मगर उसकी आईडी नहीं खुलने की वजह से टीम लौट गई।
वर्जन
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत शहरी विकास मंत्रालय की टीम को सर्वे के लिए आना था, जिसका इंतजार करीब 15 दिन से हो रहा है। अब पता चला है कि टीम तीन दिन पहले सर्वे करके जा चुकी है।
- डॉ. कुनाल जैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।