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बस अड्डे के लिए शहर में ही विकल्प

Wed, 26 Oct 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 26 Oct 2016 01:55 AM IST
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city only option for the bus
कूड़ेदान में तब्दील हो गया 80 लाख रुपये की लागत से बना बस अड्डा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बस अड्डों की वजह से शहर में बन रही जाम की समस्या से पार पाने को परिवहन निगम बस अड्डे के लिए शहर से बाहर जगह तलाश रहा है। मगर शहर में ही सरकारी जमीन का एक बड़ा टुकड़ा खाली पड़ा है, जिसका इस्तेमाल लोग खुले में शौच और मवेशियों को बांधने के लिए करते आ रहे हैं। 
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 दस साल पहले प्राइवेट बस अड्डे को लिंक रोड पर खाली पड़ी नगर निगम की जमीन पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए बाकायदा जमीन पर बस अड्डे के नाम का बड़ा बोर्ड भी लगा दिया गया था, मगर किन्हीं कारणों से उस जमीन को बस अड्डे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सका। तब से लोग इस जगह का इस्तेमाल खुले में शौच तथा मवेशी बांधने के लिए करते आ रहे हैं। इसके अलावा नगर निगम ने एक संस्था को भी कुछ हिस्सा
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इस्तेमाल के लिए दिया हुआ है।

गौरतलब है कि बस अड्डों और बसों के निकलने की वजह से शहर में बनने वाली जाम की समस्या को देखते हुए बस अड्डों को शहर से बाहर करने की तैयारी चल रही है। परिवहन निगम बस अड्डे के लिए जगह तलाश रहा है। हालांकि देहरादून रोड पर जमीन देख भी ली गई है, मगर उसको हायर करने की प्रक्रिया लंबी चलने वाली है। ऐसे में जल्द ही बस अड्डा शहर से बाहर होता नजर नहीं आ रहा है।
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फिलहाल परिवहन निगम शहर में रेलवे रोड और अंबाला रोड से अपने दो बस अड्डे चला रहा है। रेलवे रोड स्थित बस अड्डे के पास पर्याप्त जगह नहीं है। यहां से देहरादून, हरिद्वार आदि जगहों के लिए बसें चलाई जाती हैं। ऐसे में यदि परिवहन निगम और नगर निगम चाहें तो बस अड्डों को लिंक रोड पर खाली पड़ी जमीन पर शिफ्ट कर सकते हैं, जो शहर में तो है, मगर भीड़ भाड़ से अलग है। ऐसे में वहां से बसों का संचालन आसानी से हो सकता है। 


यदि नगर निगम के पास शहर में ही कोई ऐसी जमीन है, जिसका इस्तेमाल बस अड्डे के रूप में किया जा सकता है और जाम की समस्या भी नहीं रहेगी तो यह अच्छा विकल्प हो सकता है। इस संबंध में नगरायुक्त महोदय से बात करके देखी जाएगी। 
- एसके बनर्जी, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम। 
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