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सिनेमा संचालकों ने पद्मावत के संचालन से किया इंकार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:11 AM IST
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सहारनपुर में सिनेमाघर पर तैनात फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में विवादित फिल्म पद्मावत के खिलाफ राजपूत समाज द्वारा मंगलवार को घंटाघर पर किए गए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 250 लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। दूसरी ओर, शहर के दो सिनेमाघर संचालकों ने फिल्म के प्रदर्शन से इनकार कर दिया है।
उन्हें आशंका है कि हंगामे या बवाल की स्थिति में सिनेमाघरों या दर्शकों को नुकसान पहुंच सकता है। बाकी सिनेमाघर संचालक भी असमंजस में हैं। ऐसे हालात में सिनेमाघरों से लेकर कलक्ट्रेट तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग की टीमें भी राजपूत समाज सहित अन्य विरोधी संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
बता दें कि फिल्म पद्मावत को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को राजपूत समाज के लोगों ने फिल्म के विरोध में करणी सेना समेत कई हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया था।
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उन्होंने संजय लीला भंसाली के पुतले की शव यात्रा निकालकर और उसके दहन का भी प्रयास किया था। घंटाघर चौक पर जाम और हंगामे के दौरान एसपी नगर प्रबल प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों से राजपूत समाज के लोगों की जमकर नोकझोंक हुई थी।
इस घटना के बाद रात में ही पुलिस ने घंटाघर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक तेजवीर सिंह की ओर से राजपूत समाज के 250 लोगों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज कराई गई। यह एफआईआर धारा 144, 145 एवं 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत दर्ज की गई।
इसमें किसी को नामजद नहीं किया गया है। सभी आरोपियों को अज्ञात में दर्शाया गया है। नगर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार शर्मा का ऱ्कहना है कि सभी की वीडियो बनाई गई है। वीडियो से पहचान कराकर ही नाम खोले जाएंगे।
इस मामले में क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष कुशलपाल सिंह का कहना है कि प्रदर्शन में करणी सेना के साथ सभी संगठन शामिल थे। उसकी पहले से ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। एलआईयू को भी इसकी सूचना दी गई थी।
इसके बावजूद राजपूत समाज के लोगों पर की गई कार्रवाई अनुचित है।
उधर, विरोध और हंगामे के बीच दो सिनेमाघरों राकेश टाकिज एवं विजय टाकिज में फिल्म के प्रदर्शन से संचालकों ने इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि पूर्व में हंगामे और कड़े विरोध को देखते हुए ऐसा करना पड़ रहा है।
वहीं, एसआरएस सिनेमाघर संचालक की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि एडवांस बुकिंग की जानी थी। लेकिन अभी तक बुकिंग शुरू नहीं की गई है। एसआरएस सिनेमाघर संचालक राकेश का कहना है कि अभी तक वह तय नहीं कर पाए हैं कि पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन किया जाए या नहीं। पुलिस से सुरक्षा मांगी गई है। सही माहौल मिलेगा तो ही प्रदर्शन हो पाएगा।
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उन्हें आशंका है कि हंगामे या बवाल की स्थिति में सिनेमाघरों या दर्शकों को नुकसान पहुंच सकता है। बाकी सिनेमाघर संचालक भी असमंजस में हैं। ऐसे हालात में सिनेमाघरों से लेकर कलक्ट्रेट तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग की टीमें भी राजपूत समाज सहित अन्य विरोधी संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
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बता दें कि फिल्म पद्मावत को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को राजपूत समाज के लोगों ने फिल्म के विरोध में करणी सेना समेत कई हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया था।
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उन्होंने संजय लीला भंसाली के पुतले की शव यात्रा निकालकर और उसके दहन का भी प्रयास किया था। घंटाघर चौक पर जाम और हंगामे के दौरान एसपी नगर प्रबल प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों से राजपूत समाज के लोगों की जमकर नोकझोंक हुई थी।
इस घटना के बाद रात में ही पुलिस ने घंटाघर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक तेजवीर सिंह की ओर से राजपूत समाज के 250 लोगों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज कराई गई। यह एफआईआर धारा 144, 145 एवं 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत दर्ज की गई।
इसमें किसी को नामजद नहीं किया गया है। सभी आरोपियों को अज्ञात में दर्शाया गया है। नगर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार शर्मा का ऱ्कहना है कि सभी की वीडियो बनाई गई है। वीडियो से पहचान कराकर ही नाम खोले जाएंगे।
इस मामले में क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष कुशलपाल सिंह का कहना है कि प्रदर्शन में करणी सेना के साथ सभी संगठन शामिल थे। उसकी पहले से ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। एलआईयू को भी इसकी सूचना दी गई थी।
इसके बावजूद राजपूत समाज के लोगों पर की गई कार्रवाई अनुचित है।
उधर, विरोध और हंगामे के बीच दो सिनेमाघरों राकेश टाकिज एवं विजय टाकिज में फिल्म के प्रदर्शन से संचालकों ने इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि पूर्व में हंगामे और कड़े विरोध को देखते हुए ऐसा करना पड़ रहा है।
वहीं, एसआरएस सिनेमाघर संचालक की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि एडवांस बुकिंग की जानी थी। लेकिन अभी तक बुकिंग शुरू नहीं की गई है। एसआरएस सिनेमाघर संचालक राकेश का कहना है कि अभी तक वह तय नहीं कर पाए हैं कि पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन किया जाए या नहीं। पुलिस से सुरक्षा मांगी गई है। सही माहौल मिलेगा तो ही प्रदर्शन हो पाएगा।