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Saharanpur News: जनपद में 24222 हेक्टेयर में किया गन्ना प्रजाति का बदलाव
Sun, 12 May 2024 10:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 12 May 2024 10:36 PM IST
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सहारनपुर के ग्राम बढ़डी कोली में गन्ने की फसल
सहारनपुर। गन्ने की लोकप्रिय प्रजाति सीओ- 0238 पर कीटों और रोगों के बढ़ते प्रकोप के चलते गन्ना विभाग जनपद में प्रजाति बदलाव में जुटा है। गन्ना विभाग ने इस प्रजाति के स्थान पर बसंतकालीन बुवाई में 24222 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नई एवं उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई कराई है।
जनपद में इस बार गन्ना उत्पादकता में गत सीजन से करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है। इसके चलते इस बार चीनी मिलों में पिछले सीजन की अपेक्षा 97.01 लाख क्विंटल गन्ना कम सप्लाई हुआ है। इसकी बड़ी वजह बेमौसम बरसात एवं बाढ़ के चलते गन्ने फसल में कीटों और रोगों का बढ़ा प्रकोप है। इसके अलावा जनपद के कुल गन्ना क्षेत्रफल के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली प्रजाति सीओ - 0238 का रोग ग्रसित होना भी इसका बड़ कारण है। इस प्रजाति की 32 हेक्टेयर फसल को रेडरॉट ने बर्बाद कर दिया था। इसके चलते गन्ना विभाग किसानों को जागरूक करके नई एवं उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करा रहा है।
- वर्जन
गन्ना विभाग सीओ-0238 के स्थान पर नई एवं उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करा रहा है। बसंतकालीन गन्ना बुवाई में जनपद में 24222 हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रजाति बदलाव किया गया है। गन्ना सर्वे पूरा होने के बाद प्रजाति बदलाव की सही स्थिति सामने आएगी। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
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- इन प्रजातियों की कराई गई बुवाई
गन्ना विभाग ने सीओ-0238 के स्थान पर नई और उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई कराई है। इनमें सीओ-0118, कोशा- 13235 और कोलख -14201 आदि गन्ना प्रजातियां शामिल हैं।
- बसंतकालीन बुवाई में प्रजाति बदलाव
मिल-- -- -- -- क्षेत्रफल -- -- -- - किसान
देवबंद-- -- -- -- 8270-- -- -- -- 15244
गांगनौली-- -- -- 3898 -- -- -- - 14232
शेरमऊ-- -- -- - 3811 -- -- -- - 12135
गागलहेडी-- -- -1377 -- -- -- -- 6284
टोडरपुर-- -- -- 1028 -- -- -- - 5348
बिडवी-- -- -- -- 694 -- -- -- - 4012
नानौता-- -- -- - 3617 -- -- -- - 9848
सरसावा-- -- -- 1527-- -- -- -- 6889
- नोट: गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार।
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जनपद में इस बार गन्ना उत्पादकता में गत सीजन से करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है। इसके चलते इस बार चीनी मिलों में पिछले सीजन की अपेक्षा 97.01 लाख क्विंटल गन्ना कम सप्लाई हुआ है। इसकी बड़ी वजह बेमौसम बरसात एवं बाढ़ के चलते गन्ने फसल में कीटों और रोगों का बढ़ा प्रकोप है। इसके अलावा जनपद के कुल गन्ना क्षेत्रफल के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली प्रजाति सीओ - 0238 का रोग ग्रसित होना भी इसका बड़ कारण है। इस प्रजाति की 32 हेक्टेयर फसल को रेडरॉट ने बर्बाद कर दिया था। इसके चलते गन्ना विभाग किसानों को जागरूक करके नई एवं उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करा रहा है।
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- वर्जन
गन्ना विभाग सीओ-0238 के स्थान पर नई एवं उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करा रहा है। बसंतकालीन गन्ना बुवाई में जनपद में 24222 हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रजाति बदलाव किया गया है। गन्ना सर्वे पूरा होने के बाद प्रजाति बदलाव की सही स्थिति सामने आएगी। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
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- इन प्रजातियों की कराई गई बुवाई
गन्ना विभाग ने सीओ-0238 के स्थान पर नई और उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई कराई है। इनमें सीओ-0118, कोशा- 13235 और कोलख -14201 आदि गन्ना प्रजातियां शामिल हैं।
- बसंतकालीन बुवाई में प्रजाति बदलाव
मिल
देवबंद
गांगनौली
शेरमऊ
गागलहेडी
टोडरपुर
बिडवी
नानौता
सरसावा
- नोट: गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार।