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चीनी मिलों में 20 अक्तूबर से पेराई शुरू कराना चुनौती
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सहारनपुर। मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में 20 अक्तूबर तक पेराई सत्र प्रारंभ करने की घोषणा की है। जबकि चीनी मिलों में अभी तक भी 30 से 35 प्रतिशत तक ही मरम्मत कार्य हुआ है। इसके चलते गन्ना विभाग के लिए घोषित समय पर मिलों का संचालन कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। आमतौर पर मिलों का संचालन नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में होता है।
मुख्यमंत्री ने इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को 20 अक्तूबर तक संचालित करने की घोषणा की है। इसको लेकर गन्ना विभाग एलर्ट हो गया है, क्योंकि जिले की शुगर मिलों में अभी तक भी 30 से 35 फीसदी तक ही मरम्मत कार्य हो सकें हैं। यदि मिलों में मरम्मत कार्य की रफ्तार यही रही तो 20 अक्तूबर तक मिलों का चलाने में परेशानी हो सकती है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गन्ना विभाग ने सभी चीनी मिलों के प्रबंधकों की बैठक की और उन्हें मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शेड्यूल बनाकर मरम्मत कार्य करें। साथ मरम्मत कार्य में प्रगति की रिपोर्ट हर सप्ताह गन्ना विभाग को उपलब्ध कराए।
जल्द मिल चलीं तो बढे़गा गेहूूं का रकबा
यदि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जिले में चीनी मिलों का संचालन 20 अक्तूबर से शुरू हुआ तो गेहूं का क्षेत्रफल बढ़ने की संभावना है। जिले में गन्ने का क्षेत्रफल 1.15 लाख हेक्टेयर है। जनपद के किसान पेड़ी गन्ने की मिल में सप्लाई करने के बाद खाली हुए खेतों में गेहूूं की बुआई करते हैं। मिलों के देर से चलने पर गेहूं की बुआई भी पछेती हो जाती है। मिलों के जल्द चलने से गन्ने के खेत भी जल्द ही खाली हो जाएंगे। जिससे किसान रबी की फसल की बुआई भी समय से कर सकते हैं।
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शुगर मिलों के प्रबंधकों की बैठक कर मिलों में चल रहे मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इनसे हर सप्ताह रिपोर्ट ली जाएगी। गन्ना विभाग 20 अक्तूबर से शुगर मिलों के संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। हर सूूरत में तय समय सीमा में मिलों में पेराई सत्र शुरू करा दिया जाएगा। -- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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मुख्यमंत्री ने इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को 20 अक्तूबर तक संचालित करने की घोषणा की है। इसको लेकर गन्ना विभाग एलर्ट हो गया है, क्योंकि जिले की शुगर मिलों में अभी तक भी 30 से 35 फीसदी तक ही मरम्मत कार्य हो सकें हैं। यदि मिलों में मरम्मत कार्य की रफ्तार यही रही तो 20 अक्तूबर तक मिलों का चलाने में परेशानी हो सकती है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गन्ना विभाग ने सभी चीनी मिलों के प्रबंधकों की बैठक की और उन्हें मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शेड्यूल बनाकर मरम्मत कार्य करें। साथ मरम्मत कार्य में प्रगति की रिपोर्ट हर सप्ताह गन्ना विभाग को उपलब्ध कराए।
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जल्द मिल चलीं तो बढे़गा गेहूूं का रकबा
यदि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जिले में चीनी मिलों का संचालन 20 अक्तूबर से शुरू हुआ तो गेहूं का क्षेत्रफल बढ़ने की संभावना है। जिले में गन्ने का क्षेत्रफल 1.15 लाख हेक्टेयर है। जनपद के किसान पेड़ी गन्ने की मिल में सप्लाई करने के बाद खाली हुए खेतों में गेहूूं की बुआई करते हैं। मिलों के देर से चलने पर गेहूं की बुआई भी पछेती हो जाती है। मिलों के जल्द चलने से गन्ने के खेत भी जल्द ही खाली हो जाएंगे। जिससे किसान रबी की फसल की बुआई भी समय से कर सकते हैं।
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शुगर मिलों के प्रबंधकों की बैठक कर मिलों में चल रहे मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इनसे हर सप्ताह रिपोर्ट ली जाएगी। गन्ना विभाग 20 अक्तूबर से शुगर मिलों के संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। हर सूूरत में तय समय सीमा में मिलों में पेराई सत्र शुरू करा दिया जाएगा। -- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।