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जमानत नहीं बचा पाए प्रत्याशी, संगठन में बदलाव की तैयारी

Sun, 13 Mar 2022 11:41 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 11:41 PM IST
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Candidates could not save the bail, preparing for change in the organization
सहारनपुर। विधानसभा चुनाव के नतीजे जिले में कांग्रेस के लिए बेहद खराब रहे हैं। 2017 में कांग्रेस के दो विधायक बने थे। बाकी पांच सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी मुकाबले में रहे थे, लेकिन इस बार जिले की सातों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी जमानत नहीं बचा पाए हैं।
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इन नतीजों को लेकर कांग्रेस हाईकमान नाखुुुश हैं। इसको लेकर पार्टी हाईकमान ने संज्ञान लिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिला और महानगर स्तर पर संगठन को कमजोर माना गया है। इसके साथ ही संगठन में बदलाव की तैयारी भी शुरू हो गई है। हालांकि, इस पर कोई कांग्रेस नेता बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने कई वरिष्ठ कांग्रेस और पदाधिकारियों को तलब भी किया है, जिनसे हार और कम वोट मिलने के कारण भी पूछे जा रहे हैं, जबकि इस बार कांग्रेस ने महिलाओं प्रत्याशियों को बड़ी संख्या में उतारा था। महानगर में पार्षद चंद्रजीत सिंह निक्कू की पत्नी सुखविंदर कौर को हाईकमान ने टिकट दिया था, जबकि इस सीट पर कई पदाधिकारी दावेदारी कर रहे थे। सुखविंद कौर को करीब 2200 वोट मिले थे, जो छह प्रत्याशियों के मुकाबले सबसे अधिक थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक दो सप्ताह के अंदर कई पदाधिकारियों पर हाईकमान की गाज गिरने वाली है।
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इमरान व शशी के पार्टी छोड़ने से भी हुआ नुकसान
पूर्व विधायक इमरान मसूद के पार्टी छोड़ने का नुकसान भी कांग्रेस को हुआ है। 2017 में इमरान मसूद के नेतृत्व जिले में चुनाव लड़ा गया था। हालांकि, नकुड़ से इमरान मसूद खुद हार गए थे, लेकिन सपा-कांग्रेस गठबंधन में भाजपा की लहर होने के बावजूद तीन विधायक बने थे। सहारनपुर देहात और बेहट सीट कांग्रेस और नगर विधानसभा सपा के खाते में गई थी। इसी तरह कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश प्रवक्ता रहे शशी वालिया के भाजपा में जाने का भी कांग्रेस को झटका लगा है। शशी वालिया महापौर का चुनाव लड़ चुके हैं और भाजपा की लहर होने के बावजूद उन्हें 70 हजार वोट मिले थे। इनके कांग्रेस छोड़ने से भी पार्टी को नुकसान हुआ है।
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पार्टी हाईकमान का फैसला सर्वोपरि होगा। वह पार्टी के सिपाही हैं। भाजपा और सपा ने मुद्दों से हटकर सांप्रदायिक राजनीति को गर्माकर चुनाव लड़ा है। कांग्रेस आगामी नगर निकाय और लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करके दिखाएगी। -चौधरी मुजफ्फर अली, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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