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शावक को पकड़ने की कवायद
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बुढ्ढाखेड़ा पुंडीर के जंगल में शावक को पकड़ने के लिए लगाया गया सीसीटीवी कैमरा
- फोटो : SAHARANPUR
छुटमलपुर (सहारनपुर)। गुलदार का शावक सात दिन बाद भी वनकर्मियों की पकड़ में नहीं आ सका है। हालांकि उसके पग चिह्न लगातार वहीं मिल रहे हैं जहां से उसकी मां को पिंजरे में पकड़ा गया था। ऐसे में वनाधिकारियों ने अब उसकी मूवमेंट देखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए हैं, साथ ही सर्च अभियान भी जारी है। उधर थाना क्षेत्र गागलहेड़ी के गांव गडौला में दिखा गुलदार भी पिंजरे में नहीं आ सका है।
बता दें कि सामाजिक वानिकी के गांव बुढ्ढाखेड़ा पुंडीर के जंगल में गत सोमवार की सुबह मादा गुलदार और दो शावकों के दिखाई देने के बाद युवकों ने लाठी डंडों से हमला कर एक शावक को मौत के घाट उतार दिया था। इस दौरान मादा गुलदार और उसका दूसरा शावक बच निकले थे। मादा गुलदार को तो पिंजरा लगा कर वनकर्मियों ने अगले ही दिन पकड़ लिया था, लेकिन शावक लगातार टीम से बच रहा है। सामाजिक वानिकी के डीएफओ रणविजय सिंह ने बताया कि शावक के ताजा पग चिह्न उसी क्षेत्र में लगातार मिल रहे हैं जहां से उसकी मां को पिंजरा लगा कर पकड़ा गया था। ऐसे में सोमवार को छह ट्रैप कैमरे लगा कर उसकी मूवमेंट रिकार्ड करने का प्रयास किया जा रहा है ।
उधर, थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव गडौला में भी तीन दिन पूर्व देखे गए गुलदार का कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि गुलदार फिर से नहीं दिखा है। यहां वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में एक पिंजरा लगाया हुआ है। कैलाशपुर वन रेंज के क्षेत्राधिकारी उमेश शर्मा लगातार अपनी टीम के साथ इसकी निगरानी कर रहे हैं।
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बता दें कि सामाजिक वानिकी के गांव बुढ्ढाखेड़ा पुंडीर के जंगल में गत सोमवार की सुबह मादा गुलदार और दो शावकों के दिखाई देने के बाद युवकों ने लाठी डंडों से हमला कर एक शावक को मौत के घाट उतार दिया था। इस दौरान मादा गुलदार और उसका दूसरा शावक बच निकले थे। मादा गुलदार को तो पिंजरा लगा कर वनकर्मियों ने अगले ही दिन पकड़ लिया था, लेकिन शावक लगातार टीम से बच रहा है। सामाजिक वानिकी के डीएफओ रणविजय सिंह ने बताया कि शावक के ताजा पग चिह्न उसी क्षेत्र में लगातार मिल रहे हैं जहां से उसकी मां को पिंजरा लगा कर पकड़ा गया था। ऐसे में सोमवार को छह ट्रैप कैमरे लगा कर उसकी मूवमेंट रिकार्ड करने का प्रयास किया जा रहा है ।
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उधर, थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव गडौला में भी तीन दिन पूर्व देखे गए गुलदार का कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि गुलदार फिर से नहीं दिखा है। यहां वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में एक पिंजरा लगाया हुआ है। कैलाशपुर वन रेंज के क्षेत्राधिकारी उमेश शर्मा लगातार अपनी टीम के साथ इसकी निगरानी कर रहे हैं।
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