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नृत्य की प्रस्तुतियों से दिया बेटी बचाने का संदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 24 Jan 2016 01:20 AM IST
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अमर उजाला के अभिव्यक्ति अभियान में शनिवार को जनमंच सभागार में नृत्य और लघु नाटिका प्रतियोगिता में सेंट मेरी एकेडमी और केएलजी पब्लिक स्कूल को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया। डेलमोंड पब्लिक स्कूल को द्वितीय और डीपीएस व माउंट लिटरा स्कूल को संयुक्त रुप से तृतीय पुरस्कार घोषित किया गया।
अमर उजाला, माउंट लिटरा और ग्लोकल विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित अभिव्यक्ति अभियान में 18 स्कूलों के सात सौ ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इससे पहले मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, एसएसपी आरपी सिंह यादव, नगरायुक्त डा. नीरज शुक्ला, एसपी सिटी महेन्द्र सिंह यादव, निर्णायक मंडल की विजयश्री शुक्ला, अखिलेश प्रभाकर, सुरेंद्र चौहान और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
दर्शकों से भरे प्रेक्षागृह में पहली प्रस्तुति एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों की ओर से दी गई। उन्होंने नाटिका और नृत्य से बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों को पेश किया। सेंट मेरी एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न और कन्या भ्रूण हत्या को खत्म करने का संदेश नाटक और नृत्य के माध्यम से दिया।
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दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बेटियों के प्रति समाज को सोच बदलने का प्रयास किया। गॉडफील्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बेटी से तुम करो प्यार, नारी का करो सत्कार गीत पर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। केएलजी स्कूल के बच्चों की नृत्य प्रस्तुति सबसे बेहतर रही।
स्कूल के ग्रुप ने बेटियों पर आधारित कई गीतों पर नृत्य कर समाज को संदेश दिया। सेंट मेरी स्कूल के ग्रुप ने नाटक के माध्यम से बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का संदेश दिया। मैरीडेल एकेडमी के डांस ग्रुप ने गीतों पर प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी। पीच ग्रोव स्कूल के बच्चों ने नृत्य और नाटक से बेटियों का महत्व समझाया।
माउंट लिटरा जी स्कूल के बच्चों ने बिना हाथों वाली बच्ची की जिंदगी पर आधारित नाटक से बेटियों का महत्व बताया उन्होंने नृत्य के माध्यम से बेहतर ढंग से बेटियों के प्रति समाज को सोच बदलने के लिए प्रेरित किया। माउंट लिटरा के देवांश वालिया ने भी अपने अभिनय से सभी को प्रभावित किया।
रेनबो स्कूल की छात्राओं ने कश्मीर समेत देश के कई राज्यों का लोक नृत्य पेश किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति से बेटियों के महत्व को समझाने के साथ ही देश को जोड़ने का भी संदेश दिया। आशा मॉडर्न स्कूल के बच्चों ने ग्रुप डांस कर दिल जीत लिया। ज्ञान कलश इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने नृत्य की बेजोड़ प्रस्तुति देते हुए बेटियों का महत्व समझाने का प्रयास किया।
डेलमोंड पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने नाटक और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। एप्पल ग्रोव स्कूल की छात्राओं ने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। पाइनवुड स्कूल की छात्राओं ने नाटक और नृत्य के संयुक्त प्रदर्शन से बेटियों को बचाने और पढ़ाने का संदेश दिया। सेंट एजीएम स्कूल के बच्चों ने नृत्य और नाटक के माध्यम से समाज को संदेश देने का प्रयास किया।
स्प्रिंग बेल्स स्कूल के बच्चों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों से तालियां बटोरी। अंत में शैमफोर्ड स्कूल के बच्चों ने नृत्य और नाटक से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। मंच का सफल संचालन राकेश शर्मा ने किया। माउंट लिटरा जी स्कूल के छात्र कुश गुप्ता और अंश बंसल ने उनका साथ दिया।
कंपीटीशन के निर्णायकों के तौर पर बनारस घराने की प्रख्यात नृत्यांगना नलिनी, कमलिनी और विजयश्री शुक्ला रहीं। कार्यक्रम में स्वाति होंडा, शिवालिक बैंक, हंस हर्बल स्नो और नगर निगम सहयोगी रहे। कार्यक्रम को हंस हर्बल स्नो के चेयरमैन भारत भूषण इलाहाबादी ने भी संबोधित किया। ग्लोकल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर बीएल रैना और माउंट लिटरा के निदेशक विपिन अग्रवाल, नीरज गुप्ता ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी।
यह लोग रहे उपस्थित
नीलम अग्रवाल, प्रेरणा गुप्ता, सुधीर जोशी, विकास अग्रवाल, हन्नी अरोड़ा, फादर तार्सिस, मंजू जैन, पूनम श्रीवास्तव, दिव्य जैन, सुषमा बजाज, रश्मि टेरेंस, बबीता मलिक, टीडीएस भारद्वाज, इंदु आर्य, निरजा सिंह, दीपा आहूजा, कविता सिंह, सीमा सिंह, नीरज गुप्ता, महेश सूरी, शामली गुप्ता, दिनेश शर्मा, भारत भूषण इलाहाबादी, गौतम शंकर सिंघल, राजीव तलवार, नीरपाल सिंह, दानिश आजम, मनोज सक्सेना, कपिल, संजीव सेतिया, सुशांत सिंघल, एमपी सिंह चावला, मयंक अरोड़ा, शीतल टंडन, जगपाल सिंह, फैजानुर्रहमान, फैसल सलमानी, समेत अनेक शिक्षिकाएं और पैरेंट्स उपस्थित थे।
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अमर उजाला, माउंट लिटरा और ग्लोकल विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित अभिव्यक्ति अभियान में 18 स्कूलों के सात सौ ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इससे पहले मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, एसएसपी आरपी सिंह यादव, नगरायुक्त डा. नीरज शुक्ला, एसपी सिटी महेन्द्र सिंह यादव, निर्णायक मंडल की विजयश्री शुक्ला, अखिलेश प्रभाकर, सुरेंद्र चौहान और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
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दर्शकों से भरे प्रेक्षागृह में पहली प्रस्तुति एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों की ओर से दी गई। उन्होंने नाटिका और नृत्य से बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों को पेश किया। सेंट मेरी एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न और कन्या भ्रूण हत्या को खत्म करने का संदेश नाटक और नृत्य के माध्यम से दिया।
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दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बेटियों के प्रति समाज को सोच बदलने का प्रयास किया। गॉडफील्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बेटी से तुम करो प्यार, नारी का करो सत्कार गीत पर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। केएलजी स्कूल के बच्चों की नृत्य प्रस्तुति सबसे बेहतर रही।
स्कूल के ग्रुप ने बेटियों पर आधारित कई गीतों पर नृत्य कर समाज को संदेश दिया। सेंट मेरी स्कूल के ग्रुप ने नाटक के माध्यम से बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का संदेश दिया। मैरीडेल एकेडमी के डांस ग्रुप ने गीतों पर प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी। पीच ग्रोव स्कूल के बच्चों ने नृत्य और नाटक से बेटियों का महत्व समझाया।
माउंट लिटरा जी स्कूल के बच्चों ने बिना हाथों वाली बच्ची की जिंदगी पर आधारित नाटक से बेटियों का महत्व बताया उन्होंने नृत्य के माध्यम से बेहतर ढंग से बेटियों के प्रति समाज को सोच बदलने के लिए प्रेरित किया। माउंट लिटरा के देवांश वालिया ने भी अपने अभिनय से सभी को प्रभावित किया।
रेनबो स्कूल की छात्राओं ने कश्मीर समेत देश के कई राज्यों का लोक नृत्य पेश किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति से बेटियों के महत्व को समझाने के साथ ही देश को जोड़ने का भी संदेश दिया। आशा मॉडर्न स्कूल के बच्चों ने ग्रुप डांस कर दिल जीत लिया। ज्ञान कलश इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने नृत्य की बेजोड़ प्रस्तुति देते हुए बेटियों का महत्व समझाने का प्रयास किया।
डेलमोंड पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने नाटक और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। एप्पल ग्रोव स्कूल की छात्राओं ने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। पाइनवुड स्कूल की छात्राओं ने नाटक और नृत्य के संयुक्त प्रदर्शन से बेटियों को बचाने और पढ़ाने का संदेश दिया। सेंट एजीएम स्कूल के बच्चों ने नृत्य और नाटक के माध्यम से समाज को संदेश देने का प्रयास किया।
स्प्रिंग बेल्स स्कूल के बच्चों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों से तालियां बटोरी। अंत में शैमफोर्ड स्कूल के बच्चों ने नृत्य और नाटक से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। मंच का सफल संचालन राकेश शर्मा ने किया। माउंट लिटरा जी स्कूल के छात्र कुश गुप्ता और अंश बंसल ने उनका साथ दिया।
कंपीटीशन के निर्णायकों के तौर पर बनारस घराने की प्रख्यात नृत्यांगना नलिनी, कमलिनी और विजयश्री शुक्ला रहीं। कार्यक्रम में स्वाति होंडा, शिवालिक बैंक, हंस हर्बल स्नो और नगर निगम सहयोगी रहे। कार्यक्रम को हंस हर्बल स्नो के चेयरमैन भारत भूषण इलाहाबादी ने भी संबोधित किया। ग्लोकल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर बीएल रैना और माउंट लिटरा के निदेशक विपिन अग्रवाल, नीरज गुप्ता ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी।
यह लोग रहे उपस्थित
नीलम अग्रवाल, प्रेरणा गुप्ता, सुधीर जोशी, विकास अग्रवाल, हन्नी अरोड़ा, फादर तार्सिस, मंजू जैन, पूनम श्रीवास्तव, दिव्य जैन, सुषमा बजाज, रश्मि टेरेंस, बबीता मलिक, टीडीएस भारद्वाज, इंदु आर्य, निरजा सिंह, दीपा आहूजा, कविता सिंह, सीमा सिंह, नीरज गुप्ता, महेश सूरी, शामली गुप्ता, दिनेश शर्मा, भारत भूषण इलाहाबादी, गौतम शंकर सिंघल, राजीव तलवार, नीरपाल सिंह, दानिश आजम, मनोज सक्सेना, कपिल, संजीव सेतिया, सुशांत सिंघल, एमपी सिंह चावला, मयंक अरोड़ा, शीतल टंडन, जगपाल सिंह, फैजानुर्रहमान, फैसल सलमानी, समेत अनेक शिक्षिकाएं और पैरेंट्स उपस्थित थे।