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महंगा हुआ प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाना
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सहारनपुर। गरीबों को पक्का आशियाना देने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अभी तक हजारों परिवारों को पक्की छत मिल चुकी है, लेकिन वर्तमान में निर्धारित 2.5 लाख रुपये में घर बनाना मुश्किल हो रहा है। इसकी प्रमुख वजह योजना के शुरू होने से वर्तमान तक भवन निर्माण सामग्री के दामों में भारी उछाल है।
प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2015 में शुरू हुई थी। योजना के तहत शहरी क्षेत्र के पात्रों को ढाई लाख रुपये देने का प्रावधान है। यह पैसा पात्र व्यक्ति को तीन किस्तों में मिलता है। पहली किस्त 50 हजार रुपये होती है, जिसमें भवन की नींव भरी जाती है। दूसरी किस्त 1.5 लाख रुपये की होती है, जो पहले चरण का कार्य पूर्ण होने के बाद जारी होती है। इस 1.5 लाख रुपये में मकान के लिंटर तक का कार्य पूर्ण करना होता है। तीसरी और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की होती है। इन 50 हजार रुपये में मकान पर पलस्तर और फर्श कराना होता है, लेकिन सात वर्ष पहले जब योजना शुरू की गई थी उस समय की तुलना में भवन निर्माण सामग्री के दामों में खासी बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से पात्रों के लिए 2.5 लाख रुपये में पूरे नियमानुसार मकान तैयार करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि योजना में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि सरकार से मिले 2.5 लाख रुपये ही में मकान तैयार करना है। लोग अपना पैसा भी इसमें लगाकर अपनी मर्जी का मकान तैयार कर सकते हैं और कर भी रहे हैं। लेकिन जिनके पास सरकारी मदद के अलावा कोई धन नहीं है उनके लिए मुश्किल हो रहा है। (संवाद)
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भवन निर्माण सामग्री के सात साल में बढ़े दाम का अंतर
सामान 2015 में कीमत मौजूदा कीमत अंतर
सरिया 5,000 से 5,200 7,500 से 7,800/क्विंटल 2,600 रुपये
सीमेंट की बोरी 290 से 310 380 से 435 रुपये 125 रुपये
ईंट 4,500 5,000 से 5,500/एक हजार 1,000 रुपये
कटर बजरी 55 से 58 62 से 65 रुपये/क्विंटल 07 रुपये
कोरसेंट 55 से 58 60 से 62 रुपये/क्विंटल 04 रुपये
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शहर में 17,754 मकान पूर्ण
महानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2015 से अभी तक कुल 25,728 पात्रों के आवेदनों को स्वीकृति मिली है। इनमें से 17,754 मकान पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष पात्रों के खातों में पहली और दूसरी किस्त का पैसा पहुंच चुका है और मकानों का निर्माण जारी है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2015 में शुरू हुई थी। योजना के तहत शहरी क्षेत्र के पात्रों को ढाई लाख रुपये देने का प्रावधान है। यह पैसा पात्र व्यक्ति को तीन किस्तों में मिलता है। पहली किस्त 50 हजार रुपये होती है, जिसमें भवन की नींव भरी जाती है। दूसरी किस्त 1.5 लाख रुपये की होती है, जो पहले चरण का कार्य पूर्ण होने के बाद जारी होती है। इस 1.5 लाख रुपये में मकान के लिंटर तक का कार्य पूर्ण करना होता है। तीसरी और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की होती है। इन 50 हजार रुपये में मकान पर पलस्तर और फर्श कराना होता है, लेकिन सात वर्ष पहले जब योजना शुरू की गई थी उस समय की तुलना में भवन निर्माण सामग्री के दामों में खासी बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से पात्रों के लिए 2.5 लाख रुपये में पूरे नियमानुसार मकान तैयार करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि योजना में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि सरकार से मिले 2.5 लाख रुपये ही में मकान तैयार करना है। लोग अपना पैसा भी इसमें लगाकर अपनी मर्जी का मकान तैयार कर सकते हैं और कर भी रहे हैं। लेकिन जिनके पास सरकारी मदद के अलावा कोई धन नहीं है उनके लिए मुश्किल हो रहा है। (संवाद)
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भवन निर्माण सामग्री के सात साल में बढ़े दाम का अंतर
सामान 2015 में कीमत मौजूदा कीमत अंतर
सरिया 5,000 से 5,200 7,500 से 7,800/क्विंटल 2,600 रुपये
सीमेंट की बोरी 290 से 310 380 से 435 रुपये 125 रुपये
ईंट 4,500 5,000 से 5,500/एक हजार 1,000 रुपये
कटर बजरी 55 से 58 62 से 65 रुपये/क्विंटल 07 रुपये
कोरसेंट 55 से 58 60 से 62 रुपये/क्विंटल 04 रुपये
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शहर में 17,754 मकान पूर्ण
महानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2015 से अभी तक कुल 25,728 पात्रों के आवेदनों को स्वीकृति मिली है। इनमें से 17,754 मकान पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष पात्रों के खातों में पहली और दूसरी किस्त का पैसा पहुंच चुका है और मकानों का निर्माण जारी है।
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