लोकसभा चुनाव: पश्चिमी यूपी में चुनाव प्रचार को धार देने पहुंचीं मायावती, सहारनपुर में मंच से कहीं ये बातें
बसपा सुप्रीमो मायावती आज पश्चिमी यूपी में चुनाव प्रचार को धार देंगी। वह सहारनपुर के नागल में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंची हैं तो दोपहर बाद मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में जनता को संबोधित करेंगी। मायावती की रैली के लिए दोनों ही जगह सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई है।
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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती आज सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में जनता की नब्ज भांपने पहुंची हैं। सहारनपुर में उनकी चुनावी जनसभा नागल क्षेत्र में आयोजित की गई है। यहां से वह मतदाताओं को साधेंगी। इसके बाद मुजफ्फरनगर में मायावती की जनसभा राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित की गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सहारनपुर और मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। रैली स्थल पर लोगों का आना शुरू हो गया है। लोग बसपा के झंडे लेकर रैली स्थल पर पहुंच रहे हैं। वहीं इस बार लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मायावती की पश्चिमी यूपी में पहली रैली है। इसे लेकर सियासतदानों की नजरें भी इस पर टिकीं हैं।
मायावती पहले सहारनपुर पहुंची हैं। उनका हेलीकॉप्टर हैलीपैड पर पहुंचा तो रैली में मौजूद समर्थकों ने बसपा के झंडे लहराकर उनका अभिवादन किया। सहारनपुर के नागल क्षेत्र के गांव खटौली की जनसभा में बसपा सुप्रीमो मायावती दोपहर एक बजकर 22 मिनट पर मंच पर पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने मंच पर पहुंचकर बाबा साहेब डा भीम राव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद हाथ हिला कर जनसमूह का अभिवादन किया। आगे पढ़ें मंच से क्या बोलीं बसपा सुप्रीमो मायावती।
अपने बलबूते चुनाव लड़ रही बसपा: मायावती
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी कांग्रेस, भाजपा या किसी भी विरोधी पार्टी के साथ गठबंधन में नहीं है, बल्कि अकेले ही अपने बलबूते पर पूरी तैयारी से चुनाव लड़ रही है। उन्होंने टिकट बंटवारे में सर्व समाज के लोगों को भागेदारी दी है, जिन्हे जिताने के लिए पार्टी के लोग जी जान से लगे हैं। यहां भीड़ देख कर उन्हें भरोसा हो गया है कि पिछली बार की तरह ही वे पार्टी को जिताने का काम करेंगे।
कहा- भाजपा की करनी और कथनी में बड़ा अंतर
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ज्यादातर सरकारें कांग्रेस पार्टी की रही हैं। दलित आदिवासी पिछड़ा वर्ग विरोधी नीतियों के चलते इस पार्टी को केंद्र और राज्यों से बाहर होना पड़ा। यही स्थिति इनकी सहयोगी पार्टियों की बनी रही है। अब पिछले दस वर्षों में बीजेपी और इनके सहयेागी दल केंद्र तथा अधिकांश राज्यों में सत्ता में आए। अब बीजेपी की भी जातिवादी, पूंजिवादी नीतियों तथा इनकी कथनी और करनी में भी काफी अंतर होने से इस बार यह लगता है कि यह पार्टी भी इस बार केंद्र की सत्ता में वापस आने वाली नहीं है।
मायावती बोलीं- नाटकबाजी, जुमलेबाजी नहीं आएगी काम, इनके वादे हवाई
मायावती ने कहा कि यदि यह चुनाव इस बार फ्री और फेयर होता है और आम चर्चा के मुताबिक वोटिंग मशीनों में कोई कमी नहीं की जाती है। वैसे भी इस बार चुनाव में इनकी कोई नाटकबाजी जुमलेबाजी और गारंटी आदि काम आने वाली नहीं है। जनता इस बात को समझ चुकी है कि इनकी पार्टी ने गरीबों, कमजोर वर्गों और मेहनतकश वर्गों से जो हवा हवाई वादे और गांरटी की थी, उनकी जमीनी हकीकत में अब तक एक चौथाई भी नहीं हो सका है। पूंजिपतियों को ही मालामाल किया गया है। सरकार उन्हें छूट देने और उन्हे बचाने में ही लगी रही है।
मंच से उठाए गरीबी, आरक्षण और अल्पसंख्यक समाज के मुद्दे
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की व्यवस्था न दिए जाने के प्रावधान के चलते देश में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुस्लिम और धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों की हालत भी इस सरकार में काफी खराब हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और अधिकांश राज्यों में आरएसएस की सरकार होने के चलते इनका विकास होना बंद तक हो गया है। इनका उत्पीड़न चरम पर पहुंच गया है। ठाकुर समाज के गरीब लोगों की हालत भी कुछ अच्छी नजर नहीं आ रही है।
बसपा सुप्रीमो बोलीं साम-दाम-दंड भेद की नीति अपना रहीं विपक्षी पार्टियां
देश की अर्थव्यवस्था पर भी गलत असर पड़ा है। छोटा और मध्यम व्यापारी परेशान है। गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई लगातार बढ रही है। भ्रष्ट्राचार अभी तक कम नहीं हुआ है। देश की सीमाएं भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। ऐसे में आपकों भाजपा, कांग्रेस और सहयोगी दलों को केंंद्र की सत्ता में आने से रोकना है। अब ये विरोधी पार्टिया साम, दाम, आदि हथकंडे अपना कर केंद्र की सत्ता में आने की कोशिश करेंगी। बसपा के लोग इनसे सावधान रहें। अपने पक्ष में हवा बनाने को मीडिया, ओपनियन पोल का इस्तेमाल कर रही हैं। इनके वादो के बहकावे में भी कतई नहीं आना है।
कहने में नहीं, करने में विश्वास करती है बसपा
माायावती ने कहा कि उनकी पार्टी कोई चुनावी घोषणापत्र जारी नहीं करती है। वे कहने में कम और करने में ज्यादा विश्वास करती है। चुनाव में बिना घोषणापत्र के ही उन्होंने एतिहासिक कार्य करके दिखाए हैं, जिनकी नकल बाद में अन्य सरकारों ने की। यदि केंद्र में उन्हें अपनी पार्टी की सरकार बनाने का मौका मिलता तो वे अब तक की सभी विरोधी पार्टी की सरकारों की तरह हवा-हवाई कार्य नहीं करेंगी, बल्कि पहले की तरह जमीनी कार्य करके दिखाएगी।
गरीबों को जो फ्री में थोडी सी खादय सामग्री दी जा रही है उससे भला होने वाला नहीं है। केवल हर हाथ को काम देने से ही गरीबों की समस्या दूर होगी। धर्म की आड़ में भी पिछले कुछ वर्षों से खासकर मुस्लिम समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है, वह बसपा की सरकार में आने पर बंद होगा।
मायावती ने कहा कि प्रदेश और देश हित में अपने वोटों को कांग्रेस, भाजपा और अन्य विरोधी दलों को ना देकर केवल बसपा को दें। जनादेश मिलने पर सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीतियों पर केंद्र में सरकार चलाने का काम किया जाएगा।
बसपा पदाधिकारियों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को सुबह 11 बजे जनसभा स्थल पर पहुंचना था लेकिन उनके आने में देरी हुई और वह दोपहर को सहारनपुर पहुंचीं। जनसभा स्थल को नागल क्षेत्र के गांव खटौली के पास बनाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
मायावती आज दोपहर बाद मुजफ्फरनगर में भी रैली को संबोधित करेंगी। यहां लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आज पूर्व मुख्यमंत्री मायावती राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगी। इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में मायावती जिले में आईं थीं। मुजफ्फरनगर में बसपा की रैली को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
मुजफ्फरनगर में मायावती की रैली के जाते हुए लोगों में गजब का उत्साह नजर आ रहा है। लोग बसपा के झंडों के साथ नारे लगाते हुए रैली स्थल की तरफ बढ़ते हुए दिखे।