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बसपा ने जिले की सभी सातों सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी
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सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी ने जनपद की सभी सातों विधान सभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने टिकट देने में मुस्लिमों को प्राथमिकता दी है, जिनको सात में से तीन सीटें दी गई हैं। दो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी उतारे गए हैं। इनके अलावा एक गुर्जर और एक पंजाबी को टिकट दिया गया है।
बहुजन समाज पार्टी ने प्रत्याशियों की घोषणा करीब 20 दिन पहले कर दी थी। जिलाध्यक्ष ने अपने लेटर हेड पर प्रत्याशियों के नाम भी मीडिया में सार्वजनिक कर दिए थे, लेकिन चंद घंटों बाद जिलाध्यक्ष ने उक्त प्रत्याशी फाइनल नहीं होने की बात कहते हए संशय पैदा कर दिया था। अब शनिवार को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है, जिनमें सहारनपुर की सातों सीटों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। 20 दिन पहले जारी की गई सूची में नकुड़ से ताहिर हसन को उतारा गया था, जिनकी जगह अब पार्टी ने सपा छोड़कर आए साहिल खान का नाम फाइनल किया है। बेहट सीट पर रईस मलिक, रामपुर मनिहारान सीट से पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू, देवबंद सीट से चौधरी राजेंद्र सिंह, सहारनपुर देहात से अजब सिंह, सहारनपुर नगर से मनीष अरोड़ा और गंगोह से रालोद छोड़ कर बसपा में आए नोमान मसूद को चुनाव मैदान में उतारा है।
बसपा प्रत्याशियों का प्रोफाइल ...
बहुजन समाज पार्टी द्वारा बेहट विधानसभा से प्रत्याशी बनाए गए रईस मलिक कई साल से बहुजन समाज पार्टी में हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वो व्यवसायी हैं। दिल्ली में इनका वाहनों का कारोबार है। बसपा ने पांच साल पहले इन्हें बेहट विधानसभा का प्रभारी बनाया था। अब उन्हें बेहट सीट से चुनाव मैदान में उतारा है।
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सहारनपुर देहात सीट से बसपा ने अजब सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। अजब सिंह इससे पहले ब्लॉक प्रमुख का चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ चुके हैं। वह लंबे समय से पार्टी में हैं। उनकी पत्नी रंजिता सिंह जिला पंचायत सदस्य हैं। अजब सिंह बीते छह माह से देहात में सक्रिय हैं।
देवबंद विधान सभा सीट से चौधरी राजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। गांव मिरगपुर निवासी राजेंद्र सिंह 1995 में बसपा के टिकट पर हरिद्वार जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। 1996 में वह बसपा के टिकट पर सहारनपुर से लोक सभा चुनाव लड़े। वर्ष 2000 में हरिद्वार जिला पंचायत में सदस्य रहे। इसके बाद वह कांग्रेस में चले गए थे और 2007 में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद वर्ष 2018 में फिर बसपा में लौट आए। अब बसपा ने उन्हें देवबंद सीट से चुनाव मैदान में उतारा है।
सुरक्षित रामपुर मनिहारान सीट से पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू को टिकट दिया है। रविंद्र मोल्हू इसी सीट पर बसपा के टिकट पर दो बार 2007 और 2012 में विधायक रह चुके हैं। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद वह बसपा छोड़कर भाजपा में चले गए थे, लेकिन वह फिर से बसपा में लौट आए हैं। पार्टी ने फिर से उन्हें प्रत्याशी बनाया है।
नकुड़ सीट पर बसपा ने साहिल खान को टिकट दिया है। साहिल की मां शगुफ्ता खान कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रहीं। इनके पिता खालिद खान नकुड़ नगरपालिका के चेयरमैन रहे हैं। साहिल खान समाजवादी पार्टी में थे, लेकिन वहां से टिकट कटने के बाद वह बहुजन समाज पार्टी में आए हैं। पार्टी ने ताहिर हसन का टिकट काटकर साहिल खान पर दांव खेला है।
गंगोह सीट पर बसपा ने काजी परिवार के नोमान मसूद को प्रत्याशी बनाया है। नोमान इमरान मसूद के जुड़वां भाई हैं, जो गंगोह नगर पालिका के चेयरमैन भी रह चुके हैं। नोमान ने कुछ ही दिन पहले राष्ट्रीय लोक दल का दामन थामा था, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन की है। वो इसी सीट से दो बार वर्ष 2017 और उप चुनाव 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकेे हैं। वर्तमान में गंगोह नगर पालिका के वर्तमान सभासद भी हैं।
नगर सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने युवा नेता मनीष अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतारा है। मनीष अरोड़ा इससे पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। मनीष पंजाबी चेहरा हैं। चूंकि शहर में पंजाबी वोट निर्णायक भूमिका में हैं। ऐसे में पार्टी ने मनीष अरोड़ा को टिकट दिया है। फिल्म अभिनेत्री कायनात अरोड़ा के चचेरे भाई हैं।
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बहुजन समाज पार्टी ने प्रत्याशियों की घोषणा करीब 20 दिन पहले कर दी थी। जिलाध्यक्ष ने अपने लेटर हेड पर प्रत्याशियों के नाम भी मीडिया में सार्वजनिक कर दिए थे, लेकिन चंद घंटों बाद जिलाध्यक्ष ने उक्त प्रत्याशी फाइनल नहीं होने की बात कहते हए संशय पैदा कर दिया था। अब शनिवार को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है, जिनमें सहारनपुर की सातों सीटों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। 20 दिन पहले जारी की गई सूची में नकुड़ से ताहिर हसन को उतारा गया था, जिनकी जगह अब पार्टी ने सपा छोड़कर आए साहिल खान का नाम फाइनल किया है। बेहट सीट पर रईस मलिक, रामपुर मनिहारान सीट से पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू, देवबंद सीट से चौधरी राजेंद्र सिंह, सहारनपुर देहात से अजब सिंह, सहारनपुर नगर से मनीष अरोड़ा और गंगोह से रालोद छोड़ कर बसपा में आए नोमान मसूद को चुनाव मैदान में उतारा है।
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बसपा प्रत्याशियों का प्रोफाइल ...
बहुजन समाज पार्टी द्वारा बेहट विधानसभा से प्रत्याशी बनाए गए रईस मलिक कई साल से बहुजन समाज पार्टी में हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वो व्यवसायी हैं। दिल्ली में इनका वाहनों का कारोबार है। बसपा ने पांच साल पहले इन्हें बेहट विधानसभा का प्रभारी बनाया था। अब उन्हें बेहट सीट से चुनाव मैदान में उतारा है।
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सहारनपुर देहात सीट से बसपा ने अजब सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। अजब सिंह इससे पहले ब्लॉक प्रमुख का चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ चुके हैं। वह लंबे समय से पार्टी में हैं। उनकी पत्नी रंजिता सिंह जिला पंचायत सदस्य हैं। अजब सिंह बीते छह माह से देहात में सक्रिय हैं।
देवबंद विधान सभा सीट से चौधरी राजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। गांव मिरगपुर निवासी राजेंद्र सिंह 1995 में बसपा के टिकट पर हरिद्वार जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। 1996 में वह बसपा के टिकट पर सहारनपुर से लोक सभा चुनाव लड़े। वर्ष 2000 में हरिद्वार जिला पंचायत में सदस्य रहे। इसके बाद वह कांग्रेस में चले गए थे और 2007 में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद वर्ष 2018 में फिर बसपा में लौट आए। अब बसपा ने उन्हें देवबंद सीट से चुनाव मैदान में उतारा है।
सुरक्षित रामपुर मनिहारान सीट से पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू को टिकट दिया है। रविंद्र मोल्हू इसी सीट पर बसपा के टिकट पर दो बार 2007 और 2012 में विधायक रह चुके हैं। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद वह बसपा छोड़कर भाजपा में चले गए थे, लेकिन वह फिर से बसपा में लौट आए हैं। पार्टी ने फिर से उन्हें प्रत्याशी बनाया है।
नकुड़ सीट पर बसपा ने साहिल खान को टिकट दिया है। साहिल की मां शगुफ्ता खान कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रहीं। इनके पिता खालिद खान नकुड़ नगरपालिका के चेयरमैन रहे हैं। साहिल खान समाजवादी पार्टी में थे, लेकिन वहां से टिकट कटने के बाद वह बहुजन समाज पार्टी में आए हैं। पार्टी ने ताहिर हसन का टिकट काटकर साहिल खान पर दांव खेला है।
गंगोह सीट पर बसपा ने काजी परिवार के नोमान मसूद को प्रत्याशी बनाया है। नोमान इमरान मसूद के जुड़वां भाई हैं, जो गंगोह नगर पालिका के चेयरमैन भी रह चुके हैं। नोमान ने कुछ ही दिन पहले राष्ट्रीय लोक दल का दामन थामा था, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन की है। वो इसी सीट से दो बार वर्ष 2017 और उप चुनाव 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकेे हैं। वर्तमान में गंगोह नगर पालिका के वर्तमान सभासद भी हैं।
नगर सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने युवा नेता मनीष अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतारा है। मनीष अरोड़ा इससे पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। मनीष पंजाबी चेहरा हैं। चूंकि शहर में पंजाबी वोट निर्णायक भूमिका में हैं। ऐसे में पार्टी ने मनीष अरोड़ा को टिकट दिया है। फिल्म अभिनेत्री कायनात अरोड़ा के चचेरे भाई हैं।