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देश की सीमा पर है भाई, बहना ने भेजा है प्यार
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रक्षाबंधन
सहारनपुर। भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षा बंधन। हर बहन की इच्छा होती है कि इस दिन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधू और भाई उसे उपहार दे। यही वजह है कि बहन से भाई की सैकड़ों किलोमीटर की दूरी भी इस त्योहार में बाधक नहीं बन पाती है। जो लोग सेना में देश की सीमा पर तैनात है, उनके लिए बहनें डाक से राखियां भेज रही हैं। ताकि त्योहार पर भाई की कलाई सूनी ना रहे।
सहारनपुर जनपद में ऐसे बहुत से युवा हैं जो सेना में भर्ती हैं और उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर या अन्य राज्यों में चल रही है। बड़गांव क्षेत्र के गांव भगवानपुर से भी काफी लोग सेना में हैं और जम्मू में तैनात हैं। रक्षा बंधन पर छुट्टी न मिलने की वजह से वह अपने घर नहीं आ पाए हैं, जिस कारण बहनों ने उनके लिए डाक से राखियां भेजी हैं। इनके अलावा काफी बहनें ऐसी हैं, जो या तो भाई के ज्यादा दूर होने की वजह से रक्षा बंधन पर राखी बांधने नहीं जा पा रही हैं, या फिर किन्हीं अन्य कारण से भाई के पास जाने में असमर्थ हैं। वह भी डाक से अपने भाई को राखियां भेज रही हैं। जनपद सहारनपुर में 44 डाकघर हैं। जीपीओ रोड स्थित डाकघर के पोस्ट मास्टर एसएचए जैदी का कहना है कि प्रतिदिन 100 से ज्यादा डाक में राखियां भेजी जा रही हैं। पूरे जिले में यह तादाद काफी है।
डाक विभाग बेच रहा राखी एनवलप
डाक विभाग की तरफ से रक्षा बंधन को लेकर विशेष एनवलप (लिफाफा) छपवाया गया है, जिस पर राखी एनवलप लिखा है और राखी का चित्र बना हुआ है। इस लिफाफे की कीमत 10 रुपये रखी गई है। जीपीओ रोड स्थित डाकघर बीते तीन दिन के भीतर 120 लिफाफो की बिक्री हो चुकी है।
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बोली बहनें, भाई पास नहीं पर राखी तो बंधेगी
गांव भगवानपुर निवासी रीटा पुंडीर का भाई लोकेश सेना में है और इन दिनों जम्मू में तैनात है। रीटा कहती हैं कि भाई उसके पास नहीं तो क्या हुआ, राखी तो हर साल भाई की कलाई पर बांधती हूं और इसीलिए इस बार डाक से राखी भेजी है। इसी गांव की प्रीति के भाई विकास राणा, मोनी के भाई गौरव पुंडीर, सुधा के भाई संजय और नेहा के भाई विकास भी जम्मू में तैनात हैं। इन सभी का कहना है कि रक्षा बंधन का त्योहार बहनों के लिए खास महत्व रखता है। इसीलिए भाई के दूर होने के बावजूद उन्होंने डाक से राखी भेजी है। रक्षा बंधन वाले दिन भाई अपनी कलाई पर राखी बांधेगा। बाद में जब भाई आएगा, तो उपहार भी मिल जाएगा।
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सहारनपुर जनपद में ऐसे बहुत से युवा हैं जो सेना में भर्ती हैं और उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर या अन्य राज्यों में चल रही है। बड़गांव क्षेत्र के गांव भगवानपुर से भी काफी लोग सेना में हैं और जम्मू में तैनात हैं। रक्षा बंधन पर छुट्टी न मिलने की वजह से वह अपने घर नहीं आ पाए हैं, जिस कारण बहनों ने उनके लिए डाक से राखियां भेजी हैं। इनके अलावा काफी बहनें ऐसी हैं, जो या तो भाई के ज्यादा दूर होने की वजह से रक्षा बंधन पर राखी बांधने नहीं जा पा रही हैं, या फिर किन्हीं अन्य कारण से भाई के पास जाने में असमर्थ हैं। वह भी डाक से अपने भाई को राखियां भेज रही हैं। जनपद सहारनपुर में 44 डाकघर हैं। जीपीओ रोड स्थित डाकघर के पोस्ट मास्टर एसएचए जैदी का कहना है कि प्रतिदिन 100 से ज्यादा डाक में राखियां भेजी जा रही हैं। पूरे जिले में यह तादाद काफी है।
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डाक विभाग बेच रहा राखी एनवलप
डाक विभाग की तरफ से रक्षा बंधन को लेकर विशेष एनवलप (लिफाफा) छपवाया गया है, जिस पर राखी एनवलप लिखा है और राखी का चित्र बना हुआ है। इस लिफाफे की कीमत 10 रुपये रखी गई है। जीपीओ रोड स्थित डाकघर बीते तीन दिन के भीतर 120 लिफाफो की बिक्री हो चुकी है।
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बोली बहनें, भाई पास नहीं पर राखी तो बंधेगी
गांव भगवानपुर निवासी रीटा पुंडीर का भाई लोकेश सेना में है और इन दिनों जम्मू में तैनात है। रीटा कहती हैं कि भाई उसके पास नहीं तो क्या हुआ, राखी तो हर साल भाई की कलाई पर बांधती हूं और इसीलिए इस बार डाक से राखी भेजी है। इसी गांव की प्रीति के भाई विकास राणा, मोनी के भाई गौरव पुंडीर, सुधा के भाई संजय और नेहा के भाई विकास भी जम्मू में तैनात हैं। इन सभी का कहना है कि रक्षा बंधन का त्योहार बहनों के लिए खास महत्व रखता है। इसीलिए भाई के दूर होने के बावजूद उन्होंने डाक से राखी भेजी है। रक्षा बंधन वाले दिन भाई अपनी कलाई पर राखी बांधेगा। बाद में जब भाई आएगा, तो उपहार भी मिल जाएगा।

रक्षा बंधन की खबर -- प्रधान डाकघर- फोटो : SAHARANPUR