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स्मार्ट सिटी में टूटे सीवर के ढक्कन, खुले पड़े मैनहोल
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धोबीघाट के पास सीवर का ढक्कन रखने के लिए तोड़ी गई सड़क।
- फोटो : SAHARANPUR
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स्मार्ट सिटी में टूटे सीवर के ढक्कन, खुले पड़े मैनहोल
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर में जगह-जगह सीवर के मैनहोल खुले पड़े हैं। अनेक जगहों पर मैनहोल पर या तो ढक्कन ही नहीं है और यदि ढक्कन है तो वह टूटा है। बरसात के दिनों में सड़कों पर जलभराव के बीच टूटे ढक्कन और मैनहोल नजर नहीं आने से कभी भी राहगीरों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। पार्षदों के साथ ही महापौर का भी कहना है कि निजी कंपनी के हाथ में ठेका जाने के बाद व्यवस्था चौपट हुई है।
धोबीघाट से पुल खुमरान तक की लंबाई करीब 400 मीटर है। इस सड़क पर एक जगह ढक्कन टूटा हुआ है, दूसरी जगह ढक्कन तो दुरुस्त है, मगर ढक्कन रखने के लिए खोदी गई सड़क ऐसे ही छोड़ दी गई है। इससे आगे ढक्कन की जगह मैनहोल में कंक्रीट भर दिया गया है। इसके बाद चौकी के पास ढक्कन उखड़ा पड़ा है। पुल खुमरान से दालमंडी पुल तक सीवर के ढक्कन उखड़े पड़े हैं। स्थानीय पार्षद अभिषेक अरोड़ा उर्फ टिंकू का कहना है कि सीवर के ढक्कन कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नवीन नगर में एक स्कूल के ठीक सामने सीवर के दो ढक्कन टूटे रखे हैं। नखासा बाजार में सीवर के ढक्कन टूटे होने की वजह से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मजबूरन लोगों को खुले मैनहोल के ऊपर पुरानी टोकरी रखनी पड़ी है, जिससे राहगीर मैनहोल में ना गिरें। स्थानीय पार्षद मुकेश गक्कड़ का कहना है कि वह कई बार ढक्कन बदलवाने की मांग कर चुके हैं, मगर स्थिति में सुधार नहीं है। बूढ़ी माई चौक क्षेत्र में दो वर्ष पहले एक बच्ची खुले मैनहोल में गिर गई थी। वर्तमान में भी करीब आधा दर्जन सीवर के ढक्कन टूटे या उखड़े हुए हैं। स्थानीय पार्षद मंसूर बदर का आरोप है कि जब तक ढक्कन रखने की व्यवस्था निगम अधिकारियों के हाथ में थी, तब तक वह अधिकारियों से कहकर ढक्कन रखवा लेते थे। मगर निजी कंपनी के कर्मचारी सुनते नहीं हैं। निगम अधिकारियों से कहें तो वह भी हाथ खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे शहर में सीवर के ढक्कनों की हालत ऐसी ही है।
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टापू बने हुए हैं सीवर के मैनहोल
अनेक जगहों पर जहां नई सीवर लाइन डाली जा रही है, वहां मैनहोल पर सीवर के ढक्कन तो रख दिए गए हैं, मगर सड़क को जल निगम द्वारा दुुरुस्त नहीं कराया गया है। इसकी वजह से सीवर के ढक्कन टापू बने हुए हैं। गांधी पार्क से नगर निगम की ओर जाने वाले मार्ग की हालत ऐसी ही है। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
इसमें कोई दोराय नहीं है कि सीवर के ढक्कन रखने की जिम्मेदारी निजी कंपनी को मिलने के बाद व्यवस्था खराब हुई है। इसीलिए कंपनी का ठेका निरस्त कराने के प्रयास चल रहे हैं। इसमें नगरायुक्त को कार्रवाई के लिए कहा गया है। मेरी ओर से भी शासन को पत्र लिखा गया है।
- संजीव वालिया, महापौर, नगर निगम
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर में जगह-जगह सीवर के मैनहोल खुले पड़े हैं। अनेक जगहों पर मैनहोल पर या तो ढक्कन ही नहीं है और यदि ढक्कन है तो वह टूटा है। बरसात के दिनों में सड़कों पर जलभराव के बीच टूटे ढक्कन और मैनहोल नजर नहीं आने से कभी भी राहगीरों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। पार्षदों के साथ ही महापौर का भी कहना है कि निजी कंपनी के हाथ में ठेका जाने के बाद व्यवस्था चौपट हुई है।
धोबीघाट से पुल खुमरान तक की लंबाई करीब 400 मीटर है। इस सड़क पर एक जगह ढक्कन टूटा हुआ है, दूसरी जगह ढक्कन तो दुरुस्त है, मगर ढक्कन रखने के लिए खोदी गई सड़क ऐसे ही छोड़ दी गई है। इससे आगे ढक्कन की जगह मैनहोल में कंक्रीट भर दिया गया है। इसके बाद चौकी के पास ढक्कन उखड़ा पड़ा है। पुल खुमरान से दालमंडी पुल तक सीवर के ढक्कन उखड़े पड़े हैं। स्थानीय पार्षद अभिषेक अरोड़ा उर्फ टिंकू का कहना है कि सीवर के ढक्कन कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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नवीन नगर में एक स्कूल के ठीक सामने सीवर के दो ढक्कन टूटे रखे हैं। नखासा बाजार में सीवर के ढक्कन टूटे होने की वजह से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मजबूरन लोगों को खुले मैनहोल के ऊपर पुरानी टोकरी रखनी पड़ी है, जिससे राहगीर मैनहोल में ना गिरें। स्थानीय पार्षद मुकेश गक्कड़ का कहना है कि वह कई बार ढक्कन बदलवाने की मांग कर चुके हैं, मगर स्थिति में सुधार नहीं है। बूढ़ी माई चौक क्षेत्र में दो वर्ष पहले एक बच्ची खुले मैनहोल में गिर गई थी। वर्तमान में भी करीब आधा दर्जन सीवर के ढक्कन टूटे या उखड़े हुए हैं। स्थानीय पार्षद मंसूर बदर का आरोप है कि जब तक ढक्कन रखने की व्यवस्था निगम अधिकारियों के हाथ में थी, तब तक वह अधिकारियों से कहकर ढक्कन रखवा लेते थे। मगर निजी कंपनी के कर्मचारी सुनते नहीं हैं। निगम अधिकारियों से कहें तो वह भी हाथ खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे शहर में सीवर के ढक्कनों की हालत ऐसी ही है।
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टापू बने हुए हैं सीवर के मैनहोल
अनेक जगहों पर जहां नई सीवर लाइन डाली जा रही है, वहां मैनहोल पर सीवर के ढक्कन तो रख दिए गए हैं, मगर सड़क को जल निगम द्वारा दुुरुस्त नहीं कराया गया है। इसकी वजह से सीवर के ढक्कन टापू बने हुए हैं। गांधी पार्क से नगर निगम की ओर जाने वाले मार्ग की हालत ऐसी ही है। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
इसमें कोई दोराय नहीं है कि सीवर के ढक्कन रखने की जिम्मेदारी निजी कंपनी को मिलने के बाद व्यवस्था खराब हुई है। इसीलिए कंपनी का ठेका निरस्त कराने के प्रयास चल रहे हैं। इसमें नगरायुक्त को कार्रवाई के लिए कहा गया है। मेरी ओर से भी शासन को पत्र लिखा गया है।
- संजीव वालिया, महापौर, नगर निगम

धोबीघाट पर टूटा सीवर का ढक्कन।- फोटो : SAHARANPUR

पुल खुमरान पर उखड़ा सीवर का ढक्कन।- फोटो : SAHARANPUR

नवीन नगर मार्ग पर टूटा सीवर का ढक्कन।- फोटो : SAHARANPUR

गांधी पार्क मार्ग पर टापू बने सीवर के ढक्कन।- फोटो : SAHARANPUR

पुल खुमरान से दाल मंडी को जाने वाले मार्ग पर सीवर के ढक्कन की हालत।- फोटो : SAHARANPUR