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Saharanpur News: ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक, 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे से चलेंगी
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- लोको पायलटों को दी गई फॉग डिवाइस, रविवार को कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बढ़ते कोहरे को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए अधिकतम रफ्तार 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे से चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ट्रेनों के लोको पायलट को फॉग डिवाइस दी गई है।
कंपकंपा देने वाली सर्दी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कोहरे और सर्दी से ट्रेनों के संचालन पर खासा असर पड़ा है। रविवार को दिल्ली-अंबाला कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस 1:30 घंटे, दिल्ली-जालंधर सुपर एक्सप्रेस व दिल्ली-सहारनपुर मेमू एक-एक घंटे की देरी से पहुंची। इसके अलावा जनसेवा, जलियांवाला बाग समेत 16 ट्रेनें पहले से ही निरस्त चल रही हैं, जिनका तीन महीने तक संचालन नहीं होगा। सर्दी में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने पर रेलवे ने ट्रेनों की अधिकतम गति 60 व 75 किलोमीटर प्रति घंटे के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें लोको पायलट फॉग सेफ्टी डिवाइस (एफएसडी) का उपयोग करेंगे ताकि ट्रेनों का समय पर संचालन हो और देरी कम हो।
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सहारनपुर। कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बढ़ते कोहरे को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए अधिकतम रफ्तार 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे से चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ट्रेनों के लोको पायलट को फॉग डिवाइस दी गई है।
कंपकंपा देने वाली सर्दी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कोहरे और सर्दी से ट्रेनों के संचालन पर खासा असर पड़ा है। रविवार को दिल्ली-अंबाला कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस 1:30 घंटे, दिल्ली-जालंधर सुपर एक्सप्रेस व दिल्ली-सहारनपुर मेमू एक-एक घंटे की देरी से पहुंची। इसके अलावा जनसेवा, जलियांवाला बाग समेत 16 ट्रेनें पहले से ही निरस्त चल रही हैं, जिनका तीन महीने तक संचालन नहीं होगा। सर्दी में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने पर रेलवे ने ट्रेनों की अधिकतम गति 60 व 75 किलोमीटर प्रति घंटे के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें लोको पायलट फॉग सेफ्टी डिवाइस (एफएसडी) का उपयोग करेंगे ताकि ट्रेनों का समय पर संचालन हो और देरी कम हो।
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