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Saharanpur News: मृत्युभोज जैसी कुप्रथा का करें बहिष्कार
Tue, 09 Dec 2025 01:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:40 AM IST
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नकुड़ के गांव डाल्लेवाला में आयोजित शोकसभा में चौधरी राकेश टिकैत व अन्य। संवाद
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नकुड़। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि मृत्युभोज एक कुप्रथा है। इसका सर्व समाज को बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मृत्युभोज में लगने वाले पैसे का इस्तेमाल शिक्षा में किया जाना चाहिए।
चौधरी राकेश टिकैत नकुड़ के गांव डाल्लेवाला निवासी संगठन के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार के पिता की शोकसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग प्रदेशों में मृत्युभोज के नाम पर काफी धन बर्बाद किया जाता जोकि बेहद गलत है।
उन्होंने कहा कि यदि इसका दस प्रतिशत हिस्सा भी शिक्षा के क्षेत्र में लग जाए तो देश के युवाओं को इसका बहुत लाभ मिलेगा। उन्होंने मृतक के सम्मान में श्रद्धानुसार दान गांव या पास के स्कूलों आदि में देने की अपील की। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए एसआईआर पर कहा कि यह सरकार की योजना है, इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए।
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उन्होंने सरकार से जनसंख्या पर भी कोई ठोस कानून बनाने की अपील की। मौलाना महमूद मदनी के जिहाद वाले बयान पर उन्होंने कहा कि यदि किसान का उत्पीड़न होता है तो किसान आंदोलन करता है।
मौलाना मदनी पढ़े लिखे हैं उन्होंने अपनी भाषा में कुछ कहा होगा, जो उन्होंने सुना नहीं है। इस दौरान विधायक मुकेश चौधरी, पूर्व मंत्री डाॅ़ धर्मसिंह सैनी, सपा नेता चौधरी रूद्रसैन, किसान नेता विनय कटियार, हरि काॅलेज के डायरेक्टर मयंक चौधरी ने भी विचार रखे।
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चौधरी राकेश टिकैत नकुड़ के गांव डाल्लेवाला निवासी संगठन के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार के पिता की शोकसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग प्रदेशों में मृत्युभोज के नाम पर काफी धन बर्बाद किया जाता जोकि बेहद गलत है।
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उन्होंने कहा कि यदि इसका दस प्रतिशत हिस्सा भी शिक्षा के क्षेत्र में लग जाए तो देश के युवाओं को इसका बहुत लाभ मिलेगा। उन्होंने मृतक के सम्मान में श्रद्धानुसार दान गांव या पास के स्कूलों आदि में देने की अपील की। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए एसआईआर पर कहा कि यह सरकार की योजना है, इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए।
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उन्होंने सरकार से जनसंख्या पर भी कोई ठोस कानून बनाने की अपील की। मौलाना महमूद मदनी के जिहाद वाले बयान पर उन्होंने कहा कि यदि किसान का उत्पीड़न होता है तो किसान आंदोलन करता है।
मौलाना मदनी पढ़े लिखे हैं उन्होंने अपनी भाषा में कुछ कहा होगा, जो उन्होंने सुना नहीं है। इस दौरान विधायक मुकेश चौधरी, पूर्व मंत्री डाॅ़ धर्मसिंह सैनी, सपा नेता चौधरी रूद्रसैन, किसान नेता विनय कटियार, हरि काॅलेज के डायरेक्टर मयंक चौधरी ने भी विचार रखे।