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Saharanpur News: दो स्वास्थ्य अफसरों के खिलाफ भाजपा विधायक की मां ने दाखिल की याचिका
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सहारनपुर। रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम की मां पदमलता निम ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एसबीडी जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक के खिलाफ मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में दोनों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। साथ ही डीएम और प्रदेश के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) को भी शिकायती पत्र भेजा है।
भाजपा विधायक देवेंद्र निम के साथ उनकी मां पदमलता भी रहती हैं। पदमलता निम के नाम से सरकारी अस्पतालों में निर्माण व मरम्मत कार्य करने के लिए अनुबंध ठेका है। भवनों की मरम्मत, नया निर्माण, सेनेटरी कार्य लोक निर्माण विभाग की समतुल्य दरों पर एक प्रतिशत बिल के शेड्यूल के अनुसार है। फर्म का अनुबंध 17 मई 2024 को मैसर्स पदमलता और सीएमओ के बीच दो करोड़ रुपये की लागत से कार्य करने का हुआ था। इसके लिए 12 लाख रुपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराए गए थे।
मैसर्स पदमलता फर्म को एसबीडी जिला अस्पताल में निर्माण कार्य, मरम्मत, जलापूर्ति और सेनेटरी का काम दो करोड़ रुपये में कराना था। बजट स्वास्थ्य महानिदेशक के माध्यम से स्वीकृत होना था। पदमलता निम का कहना है कि वर्तमान में एसबीडी जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी और उनके पति स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन हैं।
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निम ने दोनों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि दो करोड़ रुपये का बजट शासन से स्वीकृत कराने के लिए 25 लाख रुपये एडवांस में मांगे गए। लाभांश नियमावली के अनुसार ठेकेदार की समग्र लागत का 10 प्रतिशत लाभांश मिलता है। काम नहीं मिलने के कारण फर्म को 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
इसकी शिकायत उप मुख्यमंत्री व एसएसपी से भी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब 20 सितंबर 2025 (शनिवार) को पदमलता ने इस मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन व प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मेरठ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-एक में याचिका दाखिल कर कार्रवाई की मांग की है।
कोर्ट ने प्रकरण की जांच कर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं जिलाधिकारी से आख्या देने को कहा है। इस मामले में पदमलता निम से भी बात करने की कोशिश की गई लेकिन वह बात करने के लिए सामने नहीं आईं।
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भाजपा विधायक देवेंद्र निम के साथ उनकी मां पदमलता भी रहती हैं। पदमलता निम के नाम से सरकारी अस्पतालों में निर्माण व मरम्मत कार्य करने के लिए अनुबंध ठेका है। भवनों की मरम्मत, नया निर्माण, सेनेटरी कार्य लोक निर्माण विभाग की समतुल्य दरों पर एक प्रतिशत बिल के शेड्यूल के अनुसार है। फर्म का अनुबंध 17 मई 2024 को मैसर्स पदमलता और सीएमओ के बीच दो करोड़ रुपये की लागत से कार्य करने का हुआ था। इसके लिए 12 लाख रुपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराए गए थे।
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मैसर्स पदमलता फर्म को एसबीडी जिला अस्पताल में निर्माण कार्य, मरम्मत, जलापूर्ति और सेनेटरी का काम दो करोड़ रुपये में कराना था। बजट स्वास्थ्य महानिदेशक के माध्यम से स्वीकृत होना था। पदमलता निम का कहना है कि वर्तमान में एसबीडी जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी और उनके पति स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन हैं।
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निम ने दोनों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि दो करोड़ रुपये का बजट शासन से स्वीकृत कराने के लिए 25 लाख रुपये एडवांस में मांगे गए। लाभांश नियमावली के अनुसार ठेकेदार की समग्र लागत का 10 प्रतिशत लाभांश मिलता है। काम नहीं मिलने के कारण फर्म को 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
इसकी शिकायत उप मुख्यमंत्री व एसएसपी से भी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब 20 सितंबर 2025 (शनिवार) को पदमलता ने इस मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन व प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मेरठ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-एक में याचिका दाखिल कर कार्रवाई की मांग की है।
कोर्ट ने प्रकरण की जांच कर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं जिलाधिकारी से आख्या देने को कहा है। इस मामले में पदमलता निम से भी बात करने की कोशिश की गई लेकिन वह बात करने के लिए सामने नहीं आईं।