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जातीय समीकरणों में उलझी भाजपा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:06 AM IST
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सहारनपुर में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है लेकिन भारतीय जनता पार्टी टिकट बंटवारे को लेकर जातीय समीकरणों में उलझी है। पार्टी में सात विधानसभा में से चार सीटों पर प्रत्याशी लगभग तय माने जा रहे हैं।
जबकि तीन सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों का चयन करना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विधानसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है।
मगर भाजपा इस प्रक्रिया में अभी पीछे है। पार्टी हाईकमान की ओर से अभी तक किसी भी विधानसभा में प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई। विधानसभा चुनाव की आहट से पहले बसपा के बेहट विधायक महावीर राणा और नकुड़ विधायक डा. धर्म सिंह सैनी ने भाजपा का दामन थामा था।
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ऐसे ही गंगोह से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी ने भी भाजपा का झंडा थाम लिया था। ऐसे में नकुड़, बेहट, गंगोह में दूसरी पार्टियों से आए मौजूदा विधायकों का दावा मजबूत माना जा रहा है।
नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा को जीत बरकरार रखने वाले राजीव गुंबर भी मैदान के मजबूत दावेदार हैं। इसके अलावा रामपुर मनिहारान, देवबंद और सहारनपुर देहात सीट पर पार्टी के लिए प्रत्याशियों का चयन करना चुनौती बना है।
पार्टी इन दिनों तीनों विधानसभा सीटों पर जातीय गुणा भाग करने में लगी है। देवबंद और सहारनपुर देहात सीट पर ठाकुर प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारे जाने की उम्मीद है।
देवबंद विधानसभा की बात करें तो यहां ठाकुर, गुर्जर और त्यागी में से किसी एक बिरादरी के प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारने पर मंथन चल रहा है। यहां 2012 के विधानसभा चुनाव में गुर्जर समाज के राजपाल सिंह को शिकस्त मिली थी।
भाजपा के टिकट पर राजपाल महज नौ हजार 903 मत हासिल कर पाए थे। सहारनपुर देहात सीट पर बीएसपी के जगपाल दास ने 80670 मतों से जीत दर्ज करायी थी। जबकि भाजपा के विक्रम सिंह को 10379 वोट ही मिल सके थे।
भाजपा इस सीट पर दोबारा ठाकुर बिरादरी के प्रत्याशी को ही चुनावी मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। रामपुर मनिहारान सीट आरक्षित होने के चलते इस सीट पर कई दलित दावेदारों को लेकर मंथन चल रहा है।
इस सीट पर पिछले चुनाव में बसपा के रविंद्र मोल्हू ने 77274 मतों से जीत दर्ज करायी थी। जबकि भाजपा के राकेश कुमार गांगुली को 16395 मत ही मिल सके थे।
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जबकि तीन सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों का चयन करना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विधानसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है।
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मगर भाजपा इस प्रक्रिया में अभी पीछे है। पार्टी हाईकमान की ओर से अभी तक किसी भी विधानसभा में प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई। विधानसभा चुनाव की आहट से पहले बसपा के बेहट विधायक महावीर राणा और नकुड़ विधायक डा. धर्म सिंह सैनी ने भाजपा का दामन थामा था।
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ऐसे ही गंगोह से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी ने भी भाजपा का झंडा थाम लिया था। ऐसे में नकुड़, बेहट, गंगोह में दूसरी पार्टियों से आए मौजूदा विधायकों का दावा मजबूत माना जा रहा है।
नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा को जीत बरकरार रखने वाले राजीव गुंबर भी मैदान के मजबूत दावेदार हैं। इसके अलावा रामपुर मनिहारान, देवबंद और सहारनपुर देहात सीट पर पार्टी के लिए प्रत्याशियों का चयन करना चुनौती बना है।
पार्टी इन दिनों तीनों विधानसभा सीटों पर जातीय गुणा भाग करने में लगी है। देवबंद और सहारनपुर देहात सीट पर ठाकुर प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारे जाने की उम्मीद है।
देवबंद विधानसभा की बात करें तो यहां ठाकुर, गुर्जर और त्यागी में से किसी एक बिरादरी के प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारने पर मंथन चल रहा है। यहां 2012 के विधानसभा चुनाव में गुर्जर समाज के राजपाल सिंह को शिकस्त मिली थी।
भाजपा के टिकट पर राजपाल महज नौ हजार 903 मत हासिल कर पाए थे। सहारनपुर देहात सीट पर बीएसपी के जगपाल दास ने 80670 मतों से जीत दर्ज करायी थी। जबकि भाजपा के विक्रम सिंह को 10379 वोट ही मिल सके थे।
भाजपा इस सीट पर दोबारा ठाकुर बिरादरी के प्रत्याशी को ही चुनावी मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। रामपुर मनिहारान सीट आरक्षित होने के चलते इस सीट पर कई दलित दावेदारों को लेकर मंथन चल रहा है।
इस सीट पर पिछले चुनाव में बसपा के रविंद्र मोल्हू ने 77274 मतों से जीत दर्ज करायी थी। जबकि भाजपा के राकेश कुमार गांगुली को 16395 मत ही मिल सके थे।