Election 2024: यूपी की इस सीट पर भाजपा-कांग्रेस ने पुराने चेहरों पर ही खेला दांव, बसपा ने किया हैरान
Election 2024 : यूपी की इस लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस ने पुराने चेहरों पर ही दांव खेला है। वहीं, बसपा ने इस बार भी अपना प्रत्याशी बदल कर नए चेहरे पर दांव खेला है।
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सहारनपुर संसदीय सीट पर भाजपा और कांग्रेस ने पुराने चेहरों पर दांव खेला है, वहीं बसपा ने नए चेहरे को तरजीह दी है। भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद पहले भी दो बार आमने-सामने आ चुके हैं।
2014 के चुनाव में भाजपा से राघव लखनपाल और कांग्रेस के इमरान मसूद मैदान में थे। राघव लखनपाल ने 4,72,999 वोट लेकर जीते थे। दूसरे स्थान पर रहे इमरान मसूद को 4,07,909 वोट मिले थे। बसपा के जगदीश राणा 2,35,033 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
2019 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के दोनों प्रत्याशी फिर से मुकाबिल हुए। हालांकि सपा-बसपा गठबंधन में बसपा प्रत्याशी हाजी फजलुर्रहमान ने 5,14,139 वोटों के साथ जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर राघव लखनपाल (4,91,722) और तीसरे स्थान पर इमरान मसूद (2,07,068) रहे।
सीट पर मुस्लिमों की संख्या करीब सात लाख है। अन्य जातियों की भी अहम भूमिका रहती है। बसपा ने लोकसभा प्रभारी माजिद अली को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस से इमरान मसूद मैदान में हैं। भाजपा के राघव लखनपाल के सामने प्रमुख दलों से दो मुस्लिम प्रत्याशी हैं। इससे मुस्लिम वोटों में विभाजन हो सकता है।
हालांकि, 2019 में भी भाजपा के सामने दो मुस्लिम प्रत्याशी थे लेकिन हाजी फजलुर्रहमान को मुस्लिम-दलित समीकरण का लाभ मिला। इस बार बसपा अकेले चुनाव लड़ रही हैं और अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं का झुकाव आज भी बसपा की ओर है। भाजपा मुस्लिम मतदाताओं में बंटबारे के आधार पर अपनी जीत के प्रति आश्वस्त है।
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बसपा ने हर बार बदला प्रत्याशी
बसपा ने हर बार प्रत्याशी बदला है। 2014 में जगदीश राणा, 2019 में हाजी फजलुर्रहमान और अब माजिद अली पर दांव लगाया है। माजिद अली सियासत में पुराने हैं लेकिन लोकसभा चुनाव में पहली बार मैदान में हैं। वह बसपा की टिकट पर 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वर्तमान में वार्ड 32 से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनकी पत्नी तस्मीम बानो 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं।
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