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महिला सशक्तिकरण की वाहक बनीं बाइक राइडर्स
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:15 AM IST
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सहारनपुर में रोड शो करतीं महिला बाइकर्स।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महिलाओं की सुरक्षा तथा उनके हक और हकूक के लिए आवाज बुलंद करने वाली बाइक राइडर्स की टोली अपनी गूंज को यहां की महिलाओं तक पहुंचाने के मकसद से मंगलवार को सहारनपुर पहुंची। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ।
बाइक राइडर्स ने महिलाओं से खचाखच भरे जनमंच सभागार में ढोल की थाप पर थिरकते हुए मौजूद महिलाओं में जोश भरा। अमर उजाला इस नेक और अनूठी मुहिम में बाइक राइडर्स का सहयोगी बना है।
बाइक राइडर्स का नेतृत्व विश्व रिकार्डधारी पल्लवी फौजदार कर रही हैं। वह पिछले 20 साल से बाइक राइडिंग कर रही हैं। वह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए भी मुहिम चला चुकी हैं। मूल रूप से आगरा की रहने वाली पल्लवी वर्तमान में दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहती हैं।
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उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 को लेकर अपनी मुहिम शुरू की है, जिसका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना है। वह महिलाओं में जागरूकता लाने के लिए गूंज नाम से मुहिम चला रही हैं।
अमर उजाला की सहभागिता से चलाई जा रही इस मुहिम की शुरूआत 25 जून 2017 को हुई थी। पहले चरण में बाइक राइडर्स लखनऊ से चलकर प्रतापगढ़, इलाहाबाद, रायबरेली, बनारस तक पहुंचीं।
चार दिन की इस यात्रा का समापन बनारस में 28 जून को हुआ। मुहिम का दूसरा चरण 23 दिसंबर 2017 से बुलंदशहर से हुआ है। इस चरण में बागपत, हापुड़, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर से होते हुए रैली सहारनपुर पहुंचकर संपन्न हुई। तीसरा चरण 27 दिसंबर को मथुरा से शुरू होगा। इस चरण में वह आगरा, एटा, इटावा से होकर कानपुर पहुंचेंगी, जहां तीसरे चरण का समापन होगा।
मंगलवार को बाइक राइडर्स शामली और मुजफ्फरनगर से होकर सहारनपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने दोपहर एक बजे जीपीओ रोड स्थित एक होटल में थोड़ा विश्राम करने के बाद लंच किया। यहां से वह सीधे जनमंच सभागार पहुंची, जहां महिला एवं बाल विकास विभाग और महिला समाख्या द्वारा उनका भव्य स्वागत हुआ।
यहां बाइक राइडर्स ने मंच पर ही ढोल की थाप पर खूब ठुमके लगाए। इस दौरान जनमंच महिलाओं से भरा रहा। पल्लवी और उनकी साथियों ने महिलाओं को हेल्पलाइन 181 के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा अन्य जानकारी भी दीं। इस दौरान महिला समाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक बबीता वर्मा, सरोज सिंह, निशा चौधरी, शशिबाला, सुषमा, पुष्पा, बबली, बीना, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।
मिथक को तोड़ने के लिए बाइक थामी
बाइक राइडर्स में ज्यादातर महिलाएं हैं, जिनके पास बुलेट जैसी भारी बाइकें हैं। पल्लवी फौजदार ने बताया कि हमेशा से पुरुष ही हैवी और पावर बाइक चलाते रहे हैं। इस मिथक को तोड़ने के लिए उन सभी ने हैवी बाइक थामी हैं।
जिससे समाज में यह संदेश पहुंचाया जा सके कि महिलाएं वह सबकुछ कर सकती हैं, जो एक पुरुष करता है। बताया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आज पुरुषों से पीछे नहीं हैं, मगर समाज में आज भी अनेक लोग ऐसे हैं, जो महिलाओं को कम करके आंकते हैं।
यही वजह है कि वह गर्भ की जांच कराकर यह पता लगाना चाहते हैं कि बेटा है या बेटी। बेटी होने पर उसे गर्भ में ही मार डालते हैं। अनेक पढ़े लिखे परिवारों में आज भी बेटी होने पर जश्न नहीं मनाया जाता है। हम सभी को यह सोच बदलनी होगी।
टीम में यह हैं शामिल
बाइक राइडर्स में देश भर की महिलाएं शामिल हैं। इनमें पल्लवी फौजदार के अलावा रोहिणी से मोनिषा, नोएडा से मोनिका, उत्तराखंड से ममता राणा, चेन्नई से अनीता कृष्णन, नोएडा से सीमा सेठ, दिल्ली से सुजाता, जयपुर से तरुणा सिंह, गुवाहाटी असम से निर्मली औ एन शर्मा, कोलकाता से कृष्णा सिंह तथा लखनऊ से चारू शामिल हैं। इनमें किसी का भी जोश पल्लवी से कम नहीं है। सभी समाज में बदलाव चाहती हैं। ऐसा बदलाव, जिसमें महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और समानता का अधिकार मिल सके।
आज रवाना होंगी बाइक राइडर्स
सहारनपुर पहुंची बाइक राइडर्स मंगलवार को जनमंच सभागार के बाद घंटाघर से देहरादून चौक, चौधरी चरण सिंह चौक, जनकपुरी चौक, जेल चुंगी, नवाबगंज, बेहट बस अड्डा, दालमंडी पुल, पुल खुमरान, पुल जोगियान और घंटाघर से होते हुए वापस होटल पहुंचीं। आज यानी बुधवार को बाइक राइडर्स सुबह नौ बजे होटल से निकलकर कचहेरी और विश्वकर्मा चौक से होते हुए मुजफ्फनरगर के लिए निकलेंगी।
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बाइक राइडर्स ने महिलाओं से खचाखच भरे जनमंच सभागार में ढोल की थाप पर थिरकते हुए मौजूद महिलाओं में जोश भरा। अमर उजाला इस नेक और अनूठी मुहिम में बाइक राइडर्स का सहयोगी बना है।
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बाइक राइडर्स का नेतृत्व विश्व रिकार्डधारी पल्लवी फौजदार कर रही हैं। वह पिछले 20 साल से बाइक राइडिंग कर रही हैं। वह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए भी मुहिम चला चुकी हैं। मूल रूप से आगरा की रहने वाली पल्लवी वर्तमान में दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहती हैं।
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उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 को लेकर अपनी मुहिम शुरू की है, जिसका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना है। वह महिलाओं में जागरूकता लाने के लिए गूंज नाम से मुहिम चला रही हैं।
अमर उजाला की सहभागिता से चलाई जा रही इस मुहिम की शुरूआत 25 जून 2017 को हुई थी। पहले चरण में बाइक राइडर्स लखनऊ से चलकर प्रतापगढ़, इलाहाबाद, रायबरेली, बनारस तक पहुंचीं।
चार दिन की इस यात्रा का समापन बनारस में 28 जून को हुआ। मुहिम का दूसरा चरण 23 दिसंबर 2017 से बुलंदशहर से हुआ है। इस चरण में बागपत, हापुड़, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर से होते हुए रैली सहारनपुर पहुंचकर संपन्न हुई। तीसरा चरण 27 दिसंबर को मथुरा से शुरू होगा। इस चरण में वह आगरा, एटा, इटावा से होकर कानपुर पहुंचेंगी, जहां तीसरे चरण का समापन होगा।
मंगलवार को बाइक राइडर्स शामली और मुजफ्फरनगर से होकर सहारनपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने दोपहर एक बजे जीपीओ रोड स्थित एक होटल में थोड़ा विश्राम करने के बाद लंच किया। यहां से वह सीधे जनमंच सभागार पहुंची, जहां महिला एवं बाल विकास विभाग और महिला समाख्या द्वारा उनका भव्य स्वागत हुआ।
यहां बाइक राइडर्स ने मंच पर ही ढोल की थाप पर खूब ठुमके लगाए। इस दौरान जनमंच महिलाओं से भरा रहा। पल्लवी और उनकी साथियों ने महिलाओं को हेल्पलाइन 181 के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा अन्य जानकारी भी दीं। इस दौरान महिला समाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक बबीता वर्मा, सरोज सिंह, निशा चौधरी, शशिबाला, सुषमा, पुष्पा, बबली, बीना, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।
मिथक को तोड़ने के लिए बाइक थामी
बाइक राइडर्स में ज्यादातर महिलाएं हैं, जिनके पास बुलेट जैसी भारी बाइकें हैं। पल्लवी फौजदार ने बताया कि हमेशा से पुरुष ही हैवी और पावर बाइक चलाते रहे हैं। इस मिथक को तोड़ने के लिए उन सभी ने हैवी बाइक थामी हैं।
जिससे समाज में यह संदेश पहुंचाया जा सके कि महिलाएं वह सबकुछ कर सकती हैं, जो एक पुरुष करता है। बताया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आज पुरुषों से पीछे नहीं हैं, मगर समाज में आज भी अनेक लोग ऐसे हैं, जो महिलाओं को कम करके आंकते हैं।
यही वजह है कि वह गर्भ की जांच कराकर यह पता लगाना चाहते हैं कि बेटा है या बेटी। बेटी होने पर उसे गर्भ में ही मार डालते हैं। अनेक पढ़े लिखे परिवारों में आज भी बेटी होने पर जश्न नहीं मनाया जाता है। हम सभी को यह सोच बदलनी होगी।
टीम में यह हैं शामिल
बाइक राइडर्स में देश भर की महिलाएं शामिल हैं। इनमें पल्लवी फौजदार के अलावा रोहिणी से मोनिषा, नोएडा से मोनिका, उत्तराखंड से ममता राणा, चेन्नई से अनीता कृष्णन, नोएडा से सीमा सेठ, दिल्ली से सुजाता, जयपुर से तरुणा सिंह, गुवाहाटी असम से निर्मली औ एन शर्मा, कोलकाता से कृष्णा सिंह तथा लखनऊ से चारू शामिल हैं। इनमें किसी का भी जोश पल्लवी से कम नहीं है। सभी समाज में बदलाव चाहती हैं। ऐसा बदलाव, जिसमें महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और समानता का अधिकार मिल सके।
आज रवाना होंगी बाइक राइडर्स
सहारनपुर पहुंची बाइक राइडर्स मंगलवार को जनमंच सभागार के बाद घंटाघर से देहरादून चौक, चौधरी चरण सिंह चौक, जनकपुरी चौक, जेल चुंगी, नवाबगंज, बेहट बस अड्डा, दालमंडी पुल, पुल खुमरान, पुल जोगियान और घंटाघर से होते हुए वापस होटल पहुंचीं। आज यानी बुधवार को बाइक राइडर्स सुबह नौ बजे होटल से निकलकर कचहेरी और विश्वकर्मा चौक से होते हुए मुजफ्फनरगर के लिए निकलेंगी।