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वीरपाल की मौत में खाली हाथ है बेहट पुलिस
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बेहट (सहारनपुर)। वन विभाग के संविदा कर्मचारी वीरपाल की मौत के मामले में बेहट पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। इससे परिजनों और ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ रोष पनप रहा है।
उनका कहना है, कि पुलिस ने अभी तक न तो उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में उन्हें कोई जानकारी दी जा रही है। वीरपाल की जेब से मिले सुसाइड नोट में जिन तीन लोगों का नाम लिखा है, अभी तक पुलिस ने उनसे भी पूछताछ नहीं की। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुल्कीराज सैनी, कबीरपुर के प्रधान चंद्रवीर व मृतक के भाई फैनी सिंह का आरोप है, कि पुलिस घटना को आत्महत्या साबित करने में लगी है, जबकि वीरपाल की हत्या की आशंका है। उन्होंने कहा, कि बेहट पुलिस से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। वे इस मामले में एसएसपी से मिलेंगे।
ये था मामला
11 जून को थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव नौरंगपुर निवासी वीरपाल (33) अब्दुल्लापुर गांव के जंगल में पीपल के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका मिला था। मौका ए वारदात की स्थिति से माना जा रहा था, कि वीरपाल की हत्या की गई है। उसके भाई फैनी सिंह ने भी उसकी हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी, लेकिन मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट से यह गुत्थी उलझ गई थी। सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी मौत का जिम्मेदार गांव चांडी निवासी दो लोगों और उनके एक रिश्तेदार को ठहराया था। पुलिस न तो अभी तक सुसाइड नोट की हकीकत जान सकी और न ही मृतक के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ भी क्लियर नहीं हो पाया है। विसरा जांच के लिए लैब भेजा गया है। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
बृजेश कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर
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उनका कहना है, कि पुलिस ने अभी तक न तो उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में उन्हें कोई जानकारी दी जा रही है। वीरपाल की जेब से मिले सुसाइड नोट में जिन तीन लोगों का नाम लिखा है, अभी तक पुलिस ने उनसे भी पूछताछ नहीं की। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुल्कीराज सैनी, कबीरपुर के प्रधान चंद्रवीर व मृतक के भाई फैनी सिंह का आरोप है, कि पुलिस घटना को आत्महत्या साबित करने में लगी है, जबकि वीरपाल की हत्या की आशंका है। उन्होंने कहा, कि बेहट पुलिस से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। वे इस मामले में एसएसपी से मिलेंगे।
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ये था मामला
11 जून को थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव नौरंगपुर निवासी वीरपाल (33) अब्दुल्लापुर गांव के जंगल में पीपल के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका मिला था। मौका ए वारदात की स्थिति से माना जा रहा था, कि वीरपाल की हत्या की गई है। उसके भाई फैनी सिंह ने भी उसकी हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी, लेकिन मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट से यह गुत्थी उलझ गई थी। सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी मौत का जिम्मेदार गांव चांडी निवासी दो लोगों और उनके एक रिश्तेदार को ठहराया था। पुलिस न तो अभी तक सुसाइड नोट की हकीकत जान सकी और न ही मृतक के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ भी क्लियर नहीं हो पाया है। विसरा जांच के लिए लैब भेजा गया है। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
बृजेश कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर