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मेडिकल कॉलेज में बीयर पार्टी, जमकर किया हंगामा
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पिलखनी स्थित मेडिकल कॉलेज
- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से हंगामा हो गया। शनिवार रात में कुछ छात्रों ने बीयर पार्टी करने के बाद कॉलेज में छात्रों के जूनियर हॉस्टल के समीप बीयर की बोतलें तोड़ी तथा पत्थर फेंके। एंटी रैगिंग स्क्वायड ने हंगामा कर रहे छात्रो को रोका तो वे कैंपस के भीतर बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। रात 11 बजे से तीन घंटे बाद करीब ढाई बजे हंगामा बंद हुआ। कॉलेज प्राचार्य ने मामले की जांच कराकर आरोपी छात्रों पर कठोर कार्रवाई करने की बात कही है।
अंबाला रोड पर स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज में शनिवार की रात जमकर हंगामा हुआ। कॉलेज में एमबीबीएस के करीब 25 सीनियर छात्र छात्राओं का 2016 में हुई सप्लीमेंटरी परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ था, जिसमें सफल होने की खुशी में शनिवार रात गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों ने आतिशबाजी की, तो लड़कों ने ब्वायज हॉस्टल में बीयर पार्टी रखी। रात करीब 11 बजे शुरू हुई पार्टी के बीच सीनियर छात्र हॉस्टल में कमरो से बाहर निकलकर कैंपस की सड़क पर नाचने लगे। इसी बीच सीनियर छात्रों का एक गुट जूनियर हॉस्टल की तरफ गया और हॉस्टल में प्रवेश करने के लिए दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि जब गार्ड ने दरवाजा नहीं खोला तो सीनियर छात्रों ने हॉस्टल के भीतर भी बीयर की बोतलें फेंक दीं। जानकारी मिलने पर एंटी रैगिंग स्क्वायड मौके पर पहुंचा तो आरोपी छात्र भागने लगे। मामला इतने पर भी नहीं थमा और आरोपी छात्र कैंपस के भीतर मौजूद पानी की टंकी पर जा चढ़े। इसके बाद छात्र टंकी से नीचे तो उतर गए लेकिन हॉस्टल की छत पर चढ़कर एंटी रैगिंग स्क्वायड तथा जूनियर हॉस्टल पर पत्थर फेंकने लगे। जानकारी मिलने पर कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिवेदी एंटी रैगिंग टीम के साथ हॉस्टल पहुंचे तथा छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन हंगामा कर रहे छात्र मानने के लिए तैयार नहीं हुए। हंगामा होने के करीब तीन घंटे बाद रात ढाई बजे प्राचार्य ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी गार्ड को बुला लिया तथा छतों पर चढ़कर आरोपी छात्रों को पकड़ने के आदेश दिए तो छात्र कॉलेज के कैंपस में भाग निकले।
बताया गया कि हंगामा कर रहे सीनियर छात्रों में एमबीबीएस के वह छात्र भी बताए जा रहे हैं, जो अगस्त माह में रैगिंग प्रकरण में हॉस्टल तथा एकडेमिक सत्र से तीन महीने के लिए निष्कासित किए गए थे। उन्हीं छात्रों ने अन्य छात्रों के साथ मिलकर रैगिंग की शिकायत करने वाले जूनियर छात्रों को सबक सिखाने के लिए हंगामा करते हुए जूनियर हॉस्टल में प्रवेश करने का प्रयास किया।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिवेदी ने हॉस्टल में पार्टी करने, हंगामा होने तथा बीयर की बोतलें तोड़ने और छतों से पत्थर फेंकने की घटना स्वीकार करते हुए कहा कि छात्रों का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना था। कुछ आरोपी छात्रों की पहचान कर ली गई है, जिनसे पूछताछ कर सभी आरोपी छात्रों की जानकारी निकाली जाएगी। जांच का विषय है कि हॉस्टल में बीयर कैसे पहुंची और कौन लेकर आया।
सरसावा थाना के कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने मामले की जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को ऐसे किसी मामले की कोई सूचना नहीं दी है।
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अंबाला रोड पर स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज में शनिवार की रात जमकर हंगामा हुआ। कॉलेज में एमबीबीएस के करीब 25 सीनियर छात्र छात्राओं का 2016 में हुई सप्लीमेंटरी परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ था, जिसमें सफल होने की खुशी में शनिवार रात गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों ने आतिशबाजी की, तो लड़कों ने ब्वायज हॉस्टल में बीयर पार्टी रखी। रात करीब 11 बजे शुरू हुई पार्टी के बीच सीनियर छात्र हॉस्टल में कमरो से बाहर निकलकर कैंपस की सड़क पर नाचने लगे। इसी बीच सीनियर छात्रों का एक गुट जूनियर हॉस्टल की तरफ गया और हॉस्टल में प्रवेश करने के लिए दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि जब गार्ड ने दरवाजा नहीं खोला तो सीनियर छात्रों ने हॉस्टल के भीतर भी बीयर की बोतलें फेंक दीं। जानकारी मिलने पर एंटी रैगिंग स्क्वायड मौके पर पहुंचा तो आरोपी छात्र भागने लगे। मामला इतने पर भी नहीं थमा और आरोपी छात्र कैंपस के भीतर मौजूद पानी की टंकी पर जा चढ़े। इसके बाद छात्र टंकी से नीचे तो उतर गए लेकिन हॉस्टल की छत पर चढ़कर एंटी रैगिंग स्क्वायड तथा जूनियर हॉस्टल पर पत्थर फेंकने लगे। जानकारी मिलने पर कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिवेदी एंटी रैगिंग टीम के साथ हॉस्टल पहुंचे तथा छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन हंगामा कर रहे छात्र मानने के लिए तैयार नहीं हुए। हंगामा होने के करीब तीन घंटे बाद रात ढाई बजे प्राचार्य ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी गार्ड को बुला लिया तथा छतों पर चढ़कर आरोपी छात्रों को पकड़ने के आदेश दिए तो छात्र कॉलेज के कैंपस में भाग निकले।
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बताया गया कि हंगामा कर रहे सीनियर छात्रों में एमबीबीएस के वह छात्र भी बताए जा रहे हैं, जो अगस्त माह में रैगिंग प्रकरण में हॉस्टल तथा एकडेमिक सत्र से तीन महीने के लिए निष्कासित किए गए थे। उन्हीं छात्रों ने अन्य छात्रों के साथ मिलकर रैगिंग की शिकायत करने वाले जूनियर छात्रों को सबक सिखाने के लिए हंगामा करते हुए जूनियर हॉस्टल में प्रवेश करने का प्रयास किया।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिवेदी ने हॉस्टल में पार्टी करने, हंगामा होने तथा बीयर की बोतलें तोड़ने और छतों से पत्थर फेंकने की घटना स्वीकार करते हुए कहा कि छात्रों का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना था। कुछ आरोपी छात्रों की पहचान कर ली गई है, जिनसे पूछताछ कर सभी आरोपी छात्रों की जानकारी निकाली जाएगी। जांच का विषय है कि हॉस्टल में बीयर कैसे पहुंची और कौन लेकर आया।
सरसावा थाना के कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने मामले की जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को ऐसे किसी मामले की कोई सूचना नहीं दी है।