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बैंक से कर्ज का नोटिस मिला, किसान ने खाया जहर
ब्यूराो, अमर उजाला/सहारनपुर
Updated Tue, 01 May 2018 12:35 AM IST
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अस्पताल में भर्ती किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर के बेहट के जैतपुर खुर्द गांव निवासी एक किसान ने बैंक से कर्ज चुकाने का नोटिस भेजे जाने के बाद डिप्रेशन में आकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया कि किसान पहले से ही आर्थिक तंगी में चल रहा था। बीमारी के कारण मजदूरी के पैसे भी इलाज में खर्च हो रहे थे।
जैतपुर खुर्द गांव निवासी राशिद (35) के पिता नाजर ने करीब पांच साल पहले पीएनबी की शाखा जसमोर से अपनी 5-6 बीघा जमीन पर 30 हजार रुपये का कृषि लोन लिया था। एक साल पहले नाजर की मौत हो गई थी। कर्ज चुकाया नहीं जा सका। राशिद बीमार होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
करीब पांच महीने पहले वह गन्ने की छिलाई में मजदूरी करने के लिए दिल्ली के पास किसी गांव में चला गया था। वहां जाकर वह बीमार पड़ गया। मजदूरी के पैसे भी इलाज पर खर्च हो गए।
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तीन दिन पहले राशिद घर आया तो यहां उसकी पत्नी शबाना ने उसे बैक से भेजे गए नोटिस को दिखाया। इससे वह डिप्रेशन में आ गया। उसकी मां जरीफन ने बताया कि नोटिस दिखाने के बाद से वह किसी से कोई बात नहीं कर रहा था।
आज सुबह राशिद ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सहारनपुर अस्पताल ले जाया गया।
राशिद को बैंक से सामान्य नोटिस भेजा गया था, इसमें कोई उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं है। - हर्ष चावला, तहसीलदार बेहट।
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जैतपुर खुर्द गांव निवासी राशिद (35) के पिता नाजर ने करीब पांच साल पहले पीएनबी की शाखा जसमोर से अपनी 5-6 बीघा जमीन पर 30 हजार रुपये का कृषि लोन लिया था। एक साल पहले नाजर की मौत हो गई थी। कर्ज चुकाया नहीं जा सका। राशिद बीमार होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
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करीब पांच महीने पहले वह गन्ने की छिलाई में मजदूरी करने के लिए दिल्ली के पास किसी गांव में चला गया था। वहां जाकर वह बीमार पड़ गया। मजदूरी के पैसे भी इलाज पर खर्च हो गए।
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तीन दिन पहले राशिद घर आया तो यहां उसकी पत्नी शबाना ने उसे बैक से भेजे गए नोटिस को दिखाया। इससे वह डिप्रेशन में आ गया। उसकी मां जरीफन ने बताया कि नोटिस दिखाने के बाद से वह किसी से कोई बात नहीं कर रहा था।
आज सुबह राशिद ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सहारनपुर अस्पताल ले जाया गया।
राशिद को बैंक से सामान्य नोटिस भेजा गया था, इसमें कोई उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं है। - हर्ष चावला, तहसीलदार बेहट।