फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Attention Infected animals also pose a threat to human life

Saharanpur News: सावधान! ग्रसित पशुओं से मानव जीवन को भी खतरा

Sat, 06 Jul 2024 04:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 06 Jul 2024 04:35 AM IST
विज्ञापन
Attention Infected animals also pose a threat to human life
सहारनपुर। आज विश्व जूनोटिक दिवस मना रहे हैं। इस दिवस का मकसद पशुपालकों को और आमजन को जागरूक करना है। क्योंकि, कई ऐसी गंभीर बीमारियां हैं, जो संक्रमण से मनुष्य में आ सकती है, जिससे जान भी जा सकती है। आइए बताते हैं ऐसी बीमारियों के बारे में।
विज्ञापन

ग्लैंडर्स :
घोड़ों में ग्लैंडर्स की चपेट में आकर व्यक्ति की जान जा सकती है। इसलिए इस बीमारी से ग्रस्त घोड़ों को मार दिया जाता है। ताकि संक्रमण न फैले।
रेबीज :
रेबीज बीमारी से जिंदगी खत्म हो सकती है। यह बीमारी कुत्तों के काटने पर होती है। समय रहते अगर रैबीज के पांच इंजेक्शन न लगाए तो मनुष्य हड़क उभरने के साथ जान भी जाती है।
विज्ञापन

बर्ड फ्लू और डेंगू से फैलती बीमारी
पक्षियों में होने वाली बर्ड फ्लू की चपेट में भी कई बार लोग आए हैं। खासकर यह बीमारी मुर्गों से फैलती है। संक्रमण बीमारी मनुष्यों में हो जाती है। खांसी, बुखार, सर्दी लगना, आंखों में लाली आना, सांस लेने में परेशानी होती है। इसी तरह डेंगू मच्छरों से फैलता है। डेंगू दो वर्ष में एक हजार से अधिक लोग चपेट में आए हैं। डेंगू होने से पूरे शरीर में दर्द होता और प्लेटलेट्स तेजी से घटती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जापानी इंसेफेलाइटिस से होता है दिमागी बुखार
जापानी इंसेफेलाइटिस दिमागी बुखार है। इस बुखार ने 2010 में कहर बरपाया था। कई बच्चाें और बड़ों की भी मौत हुई थी। यह रोग भी पशुओं से संक्रमण होने पर मनुष्यों में फैलता सकता है। दिमागी बुखार से व्यक्ति पागल भी हो सकता है।

ऐसे करें बचाव
- बीमार पशु को दूसरे पशुओं और नागरिकों से दूर रहें। हाथों में दस्ताने पहनकर चिकित्सक के साथ पशुपालक उपचार कराएं।
- कुत्ते के काटने पर रेबीज के पांच इंजेक्शन लगाने चाहिएं। अगर कुत्ता पागल है तो उस पर दस दिन नजर रखें। अगर की कुत्ते की मौत हो गई तो रेबीज फैलने खतरा बढ़ जाता है।
- डेंगू से बचने को घर में मच्छर को मारने वाली कीटनाशकों का प्रयोग करें
- ग्लैंडर्स बीमारी से बचाव को घोड़ों से दूर रहें। घोड़ों को मारने के बाद उसे जमीन में दफनाएं।
सावधानी ही बचाव है। बीमार पशु और पक्षियों से विभागीय चिकित्सक से उपचार कराएं और खुद ऐसे पशुओं से दूर रहे। पशुपालक समय-समय पर वैक्सीन लगवाएं।
-मदन पाल गौड़, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed