{"_id":"622e347e58e13c08f63ce73b","slug":"ats-may-come-again-on-many-radars-saharanpur-news-mrt580347066","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोबारा आ सकती है एटीएस, कई रडार पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोबारा आ सकती है एटीएस, कई रडार पर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दूसरे दिन एटीएस ने गोपनीय स्थान पर रखकर संदिग्धों से की है पूछताछ, मिले हैं कई अहम सुराग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। देवबंद से पकड़े गए तीन संदिग्ध युवकों के मामले में एटीएस ने दूसरे दिन भी आरोपियों से पूछताछ की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से यहां रह रहे थे और इनके कनेक्शन कई अन्य लोगों से भी हैं।
वहीं, पूछताछ में एटीएस को जानकारी मिली है कि देवबंद में अन्य संदिग्ध भी हो सकते हैं। इसलिए एटीएस दोबारा देवबंद में छापामारी कर सकती है। हालांकि इस मामले में स्थानीय स्तर पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए दोनों युवक बांग्लादेशी बताए हैं, जो अवैध रूप से देवबंद में रह रहे थे। इनके संपर्क में कई और लोग भी हैं, जो सहारनपुर सहित पश्चिमी यूपी कई जिलों में में शरण लिए हुए हैं।
वहीं, इससे पूर्व भी थाना कुतुबशेर की एकता विहार कॉलोनी से छह माह पूर्व एटीएस ने पिता पुत्र को गिरफ्तार किया गया था, जो बांग्लादेशी नागरिक थे। वह 20 साल से सहारनपुर रह रहे थे और उन्होंने भारतीय नागरिकता के सभी प्रमाण पत्र बनवा लिए थे। यह दोनों पिता-पुत्र बांग्लादेश से लोगों को भारत में बसाने के लिए लाते थे। इसकी एवज में उनसे पैसा भी वसूलते थे। इसके साथ ही सभी कागजात तैयार कराने की जिम्मेदारी भी लेते थे। सूत्रों के मुताबिक देवबंद में पकड़े गए संदिग्धों का भी इन पिता पुत्रों कनेक्शन होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
उधर एडिशनल एसपी व सीओ देवबंद दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि एटीएस ने कार्रवाई की है। अभी क्या खुलासे हुए हैं। इसकी तस्दीक स्थानीय स्तर से भी की जा रही है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी सक्रिय है। पुलिस अभियान चलाकर संदिग्धों को पकड़ेगी। इसको लेकर खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। देवबंद से पकड़े गए तीन संदिग्ध युवकों के मामले में एटीएस ने दूसरे दिन भी आरोपियों से पूछताछ की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से यहां रह रहे थे और इनके कनेक्शन कई अन्य लोगों से भी हैं।
वहीं, पूछताछ में एटीएस को जानकारी मिली है कि देवबंद में अन्य संदिग्ध भी हो सकते हैं। इसलिए एटीएस दोबारा देवबंद में छापामारी कर सकती है। हालांकि इस मामले में स्थानीय स्तर पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए दोनों युवक बांग्लादेशी बताए हैं, जो अवैध रूप से देवबंद में रह रहे थे। इनके संपर्क में कई और लोग भी हैं, जो सहारनपुर सहित पश्चिमी यूपी कई जिलों में में शरण लिए हुए हैं।
विज्ञापन
वहीं, इससे पूर्व भी थाना कुतुबशेर की एकता विहार कॉलोनी से छह माह पूर्व एटीएस ने पिता पुत्र को गिरफ्तार किया गया था, जो बांग्लादेशी नागरिक थे। वह 20 साल से सहारनपुर रह रहे थे और उन्होंने भारतीय नागरिकता के सभी प्रमाण पत्र बनवा लिए थे। यह दोनों पिता-पुत्र बांग्लादेश से लोगों को भारत में बसाने के लिए लाते थे। इसकी एवज में उनसे पैसा भी वसूलते थे। इसके साथ ही सभी कागजात तैयार कराने की जिम्मेदारी भी लेते थे। सूत्रों के मुताबिक देवबंद में पकड़े गए संदिग्धों का भी इन पिता पुत्रों कनेक्शन होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
उधर एडिशनल एसपी व सीओ देवबंद दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि एटीएस ने कार्रवाई की है। अभी क्या खुलासे हुए हैं। इसकी तस्दीक स्थानीय स्तर से भी की जा रही है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी सक्रिय है। पुलिस अभियान चलाकर संदिग्धों को पकड़ेगी। इसको लेकर खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है।