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आशा, संगिनियों ने भरी हुंकार, हड़ताल को चेताया
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सहारनपुर। एनएचएम के संविदाकर्मियों के बाद अब आशा और संगिनियों ने भी हुंकार भरी है। रविवार को सीएमओ कार्यालय के बाहर हुई अखिल भारतीय संगिनी एवं आशा वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में समस्याओं पर चर्चा की गई। समस्याओं का जल्द निवारण नहीं होने पर हड़ताल करने की चेतावनी दी गई।
सीएमओ कार्यालय के बाहर हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि संगिनी और आशा स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। प्रदेश में इनकी संख्या दो लाख से अधिक है, लेकिन आज तक इनके लिए मानदेय तय नहीं हो सका है। इनको दावा राशि के रूप में जो पैसा मिलता है उसके भुगतान के लिए भी कर्मचारियों द्वारा सेवा शुल्क मांगा जाता है। सीएचसी, पीएचसी पर भी भुगतान लंबित हैं। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है, मगर संगिनी और आशाओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका है। शामली जिलाध्यक्ष बबली देवी ने आरोप लगाया कि संगिनी और आशाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष मालती कपिल ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निस्तारण अधिकारियों के द्वारा नहीं किया जाता है तो आशा और संगिनी हड़ताल करने को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। बैठक में बड़ी संख्या में आशा और संगिनी मौजूद रही।
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सीएमओ कार्यालय के बाहर हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि संगिनी और आशा स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। प्रदेश में इनकी संख्या दो लाख से अधिक है, लेकिन आज तक इनके लिए मानदेय तय नहीं हो सका है। इनको दावा राशि के रूप में जो पैसा मिलता है उसके भुगतान के लिए भी कर्मचारियों द्वारा सेवा शुल्क मांगा जाता है। सीएचसी, पीएचसी पर भी भुगतान लंबित हैं। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है, मगर संगिनी और आशाओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका है। शामली जिलाध्यक्ष बबली देवी ने आरोप लगाया कि संगिनी और आशाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष मालती कपिल ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निस्तारण अधिकारियों के द्वारा नहीं किया जाता है तो आशा और संगिनी हड़ताल करने को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। बैठक में बड़ी संख्या में आशा और संगिनी मौजूद रही।
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