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Saharanpur News: स्थानांतरण के लिए आवेदन कल से, 200 शिक्षक होंगे इधर से उधर
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सहारनपुर। प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के लिए अंतर जनपदीय स्थानांतरण का निर्णय लिया है। स्थानांतरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन चलेगी, जो आठ जून यानी कल से शुरू हो रही है। इसे लेकर जनपद के वह शिक्षक उत्साहित हैं, जो वर्षों से अपना गृह जनपद छोड़कर यहां नौकरी कर रहे हैं या फिर यहां के मूल निवासी अन्य जनपदों में नौकरी कर रहे हैं।
जनपद में 1,438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें करीब पांच हजार शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 200 शिक्षक ऐसे हैं, जो अन्य जनपदों के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी तैनाती यहां है। अंतर जनपदीय स्थानांतरण खुलने के बाद से वह सभी अपने गृह जनपद या मनचाहे जनपद लौटने की उम्मीद से गदगद हैं। संबंधित लिपिक फसीउद्दीन ने बताया कि चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और शासन स्तर से चलाई जाएगी। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह बता पाना कि कितने लोगों ने आवेदन किया है और कितने यहां आएंगे मुश्किल है।
महिला शिक्षकों और रोगियों को वरीयता
शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण हों या अन्य स्तर के स्थानांतरण। उनमें महिलाओं, दिव्यांगाें और गंभीर रोगियों को मानवीय पहलू के चलते हमेशा वरीयता दी जाती रही है। शिक्षक नेता डॉ. अनिल बावरे ने बताया कि अंतर जनपदीय स्थानांतरण में भी महिलाओं को पूर्व के पांच अंकों की बजाय इस बार दस अंक मिलेंगे। यह इसलिए किया गया है जिससे महिलाएं अपने गृह जनपद में परिवार के साथ अधिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
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जनपद में 1,438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें करीब पांच हजार शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 200 शिक्षक ऐसे हैं, जो अन्य जनपदों के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी तैनाती यहां है। अंतर जनपदीय स्थानांतरण खुलने के बाद से वह सभी अपने गृह जनपद या मनचाहे जनपद लौटने की उम्मीद से गदगद हैं। संबंधित लिपिक फसीउद्दीन ने बताया कि चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और शासन स्तर से चलाई जाएगी। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह बता पाना कि कितने लोगों ने आवेदन किया है और कितने यहां आएंगे मुश्किल है।
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महिला शिक्षकों और रोगियों को वरीयता
शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण हों या अन्य स्तर के स्थानांतरण। उनमें महिलाओं, दिव्यांगाें और गंभीर रोगियों को मानवीय पहलू के चलते हमेशा वरीयता दी जाती रही है। शिक्षक नेता डॉ. अनिल बावरे ने बताया कि अंतर जनपदीय स्थानांतरण में भी महिलाओं को पूर्व के पांच अंकों की बजाय इस बार दस अंक मिलेंगे। यह इसलिए किया गया है जिससे महिलाएं अपने गृह जनपद में परिवार के साथ अधिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
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