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बेहड़ा में बुखार से एक और मौत, 16 पहुंची मरने वालों की संख्या
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Another death due to fever in Behada, 16 deaths
छुटमलपुर (सहारनपुर)। मुजफ्फराबाद पीएचसी के गांव बेहड़ा संदल सिंह में बुखार से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। पिछले 15 दिन से देहरादून के महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती बुखार पीड़ित एक और ग्रामीण की बुधवार को मौत हो गई। इससे गांव में एक माह के अंदर बुखार से मरने वालों की संख्या 16 पहुंच गई है। ग्रामीणों ने गांव में एक बार और फॉगिंग कराने की मांग सीएमओ से की है।
गांव बेहड़ा संदल सिंह में बुखार का प्रकोप अभी भी बना हुआ है। गांव के दस से ज्यादा लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। पिछले 15 दिन से देहरादून के महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती गांव के 50 वर्षीय राजकुमार सिंह उर्फ बबली पुत्र बाबू सिंह की बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्हें पिछले माह की 24 तारीख को बुखार होने के बाद देहरादून भर्ती कराया गया था। तब से उनकी हालत में लगातार गिरावट आती गई और बुधवार की दोपहर दो बजे उनकी मौत हो गई। यह सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया।
बता दें कि गांव में एक माह से बुखार ने तांडव मचा रखा है। सीएमओ डा बीएस सोढ़ी और डीएमओ डा शिवांका गौड़ गांव में चार बाद खुद कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर चुके हैं। दस से ज्यादा कैंप स्वास्थ्य विभाग गांव में लगा चुका है। उधर मुजफ्फराबाद की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा मीनू गोयल ने बताया कि जांच के बाद पता चलेगा कि ग्रामीण की मौत की वजह क्या है। बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने लगातार कैंप लगा कर रोगियों की जांच की है। उनका कहना था कि अब बुखार का प्रकोप कम हो रहा है।
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गांव बेहड़ा संदल सिंह में बुखार का प्रकोप अभी भी बना हुआ है। गांव के दस से ज्यादा लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। पिछले 15 दिन से देहरादून के महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती गांव के 50 वर्षीय राजकुमार सिंह उर्फ बबली पुत्र बाबू सिंह की बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्हें पिछले माह की 24 तारीख को बुखार होने के बाद देहरादून भर्ती कराया गया था। तब से उनकी हालत में लगातार गिरावट आती गई और बुधवार की दोपहर दो बजे उनकी मौत हो गई। यह सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया।
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बता दें कि गांव में एक माह से बुखार ने तांडव मचा रखा है। सीएमओ डा बीएस सोढ़ी और डीएमओ डा शिवांका गौड़ गांव में चार बाद खुद कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर चुके हैं। दस से ज्यादा कैंप स्वास्थ्य विभाग गांव में लगा चुका है। उधर मुजफ्फराबाद की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा मीनू गोयल ने बताया कि जांच के बाद पता चलेगा कि ग्रामीण की मौत की वजह क्या है। बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने लगातार कैंप लगा कर रोगियों की जांच की है। उनका कहना था कि अब बुखार का प्रकोप कम हो रहा है।
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